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  • Writer's pictureNirmal Bhatnagar

आलोचना - नकारात्मक लोगों का प्रशंसा करने का तरीक़ा !!!

Feb 8, 2023

फिर भी ज़िंदगी हसीन है…

दोस्तों, इस दुनिया में कुछ लोग वाक़ई में ऐसे होते हैं जिनसे अपनी बात समझने की अपेक्षा करना भी सही नहीं है क्योंकि उनकी और आपकी सोच में एक बड़ा अंतर होता है बल्कि यह कहना ज़्यादा उचित होगा कि अक्सर दोनों की सोच पूरी तरह ही अलग होती है। ऐसे लोग अगर नकारात्मक सोच वाले मिल जाएँ तो वे हमेशा अपना वक्त आपकी या उनसे विपरीत सोच वालों की आलोचना, निंदा तथा शिकायत में ही लगाते रहते हैं। जी हाँ साथियों, नकारात्मक सोच और भावों के साथ दूसरे की आलोचना, निंदा तथा शिकायत करते समय वे यह भूल जाते हैं कि ऐसा करना सिर्फ़ और सिर्फ़ उन्हें ही नुक़सान पहुँचा रहा है, उन्हीं के समय को बर्बाद कर रहा है। ख़ैर, ऐसे नकारात्मक लोगों की बातें हम यहीं छोड़ते हैं और इन लोगों के तानों, नकारात्मक बातों या फिर इनके द्वारा की गई निंदा, आलोचना तथा शिकायत की वजह से खुद को या खुद के नज़रिए को होने वाले सम्भावित नुक़सान से बचने के तरीके को हम बाज़ की जीवनशैली के माध्यम से समझने का प्रयास करते हैं।


जैसा कि हम सभी जानते हैं बाज़ एक चतुर शिकारी पक्षी होता है, जिसकी 1500-2000 प्रजातियाँ पायी जाती हैं। बाज़ 320 किमी प्रति घंटे की गति से भी तेज उड़ सकता है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि यह सिर्फ आसमान में सबसे तेज उड़ने वाला पक्षी ही नही, बल्कि धरती पर सबसे तेज दौड़ने वाला पक्षी भी है। इन विशेषताओं के बावजूद भी रेवेन नामक पक्षी, बाज़ को उसकी गर्दन पर चोंच मारकर परेशान करने का प्रयास करता है।


जी हाँ, रेवेन, जो ना तो बाज की तरह शक्तिशाली है, ना चतुर और ना ही अन्य विशेषताओं का धनी। लेकिन इसके बाद भी रेवेन ना सिर्फ़ बाज की पीठ पर बैठ कर उड़ता है बल्कि उड़ान के दौरान उसकी गर्दन पर चोंच मार-मारकर उसे परेशान भी करता है। बाज़, जिसे अपनी शक्ति, अपनी क्षमता, अपनी ताक़त या यूँ कहूँ अपनी विशेषताओं का अच्छे से भान होता है, वह रेवेन से लड़ने, उसकी हरकतों का जवाब देने और ना ही उसे तत्काल नुक़सान पहुँचाने का प्रयास करता है। बाज़ तो बस वह कार्य करना शुरू करता है जिसमें वह सबसे तेज या माहिर होता है अर्थात् वह अपने पंख खोलता है और आसमान में ऊँची उड़ान भरने लगता है।


शुरू में तो रेवेन को कोई दिक़्क़त या परेशानी नहीं होती, लेकिन जैसे-जैसे बाज़ की उड़ान ऊँची होती जाति है, रेवेन को साँस लेने में उतनी ही कठिनाई होने लगती है और अंत में ऑक्सीजन की कमी के कारण रेवेन अचेत होकर बाज की पीठ से नीचे गिर जाता है। दोस्तों, मुझे नहीं लगता कि अब आपको आगे बताने की ज़रूरत बची है कि अंत में रेवेन का क्या हुआ होगा। इसलिए हम सीधे इस घटना से मिली सीख पर चर्चा करते हैं।


असल में दोस्तों, रेवेन के चोंच मारने पर बाज ने परेशान हो कर तुरंत जवाब देने के स्थान पर ऊँचा उड़ना पसंद करा। ठीक इसी तरह का व्यवहार हमें नकारात्मक सोच और भावों के साथ हमारी आलोचना, निंदा तथा शिकायत करने वाले व्यक्ति के साथ करना चाहिए। याद रखिएगा, हर लड़ाई, अनावश्यक चुनौती, नकारात्मक बातों, आलोचनाओं और अनुचित तर्कों का जवाब देकर हमें अपनी ऊर्जा को बर्बाद नहीं करना है। हमें तो बस अपनी क्षमताओं का प्रयोग सही दिशा में करकर जीवन में ऊपर उठते जाना है अर्थात् अपने बार्स या स्टैंडर्ड को ऊँचा करते जाना है, रेवेन समान नकारात्मक लोग बिना क्षमता या शक्ति के आपकी बराबरी करने के प्रयास में अपने आप ही नीचे गिर जाएँगे और हाँ; इस विशेष सूत्र को हर पल याद रखिएगा, ‘अनुचित आलोचना वास्तव में नकारात्मक लोगों का प्रशंसा करने का तरीक़ा है।’


-निर्मल भटनागर

एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर

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