• Nirmal Bhatnagar

खुद से बेहतर बनने के 15 सूत्र - भाग 1


हाल ही में एक विद्यालय में बच्चों एवं शिक्षकों के साथ चर्चा करने का मौक़ा मिला। चर्चा के दौरान मैंने पाया कि वहाँ मौजूद लगभग सभी लोगों का लक्ष्य एक समान था, ‘सफल बनना!’, वैसे सफलता लक्ष्य होना ग़लत भी नहीं है लेकिन दिक़्क़त तब बढ़ जाती है जब सफलता का अर्थ किसी अन्य से आगे निकलना अथवा उनके जैसा बनना हो जाता है। यह स्थिति आपको एक ऐसी चूहा दौड़ का हिस्सा बना देती है, जिसका अंत कहीं नज़र ही नहीं आता है। इसका एक और बहुत बड़ा नुक़सान है, आप इस अंतहीन दौड़ के चक्कर में जीवन जीना ही भूल जाते हैं।


दोस्तों मेरा मानना है जीवन में लक्ष्य होना बहुत आवश्यक है, लेकिन वह हमारा अपना होना चाहिए, किसी और से उधार लिया हुआ नहीं और दूसरी बात तुलना करना सिर्फ़ और सिर्फ़ तब सही हो सकता है जब आप अपने बीते हुए कल से आज की तुलना कर रहे हों। जी हाँ दोस्तों, इस जीवन को उच्चतम स्तर तक, खुश, संतुष्ट, शांत और मस्त रहते हुए जीना है तो आपको बस रोज़ खुद से ही थोड़ा सा बेहतर बनते जाना है। आइए दोस्तों अगले तीन दिनों में हम खुद से बेहतर बनने के लिए आवश्यक 15 मूलभूत सूत्र सीखते हैं-

आप अपना जीवन कैसे जीना चाहते हैं, यह आपसे बेहतर कोई और नहीं जान सकता है। इसलिए अपने जीवन के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सर्वप्रथम अपने जीवन का खाका बनाएँ और फिर उस खाके के आधार पर अपने जीवन का एक विज़न बनाएँ। विज़न बनाते समय अपनी ऊर्जा का पूर्ण उपयोग करने के लिए इस इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपके सबसे अच्छे संस्करण की योजना आपकी अपनी दृष्टि पर आधारित हो।


दूसरा सूत्र - योजना बनाएँ

सिर्फ़ विज़न होना तब तक अधूरा है जब तक आपके पास उसे पूरा करने की योजना ना हो। सबसे पहले अपने विज़न को छोटे-छोटे लक्ष्यों में परिवर्तित कर लें और उसके बाद इन लक्ष्यों को पाने की तारीख़ तय कर उसके आधार पर योजना बनाएँ।


तीसरा सूत्र - जादू की छड़ी की तलाश बंद करें

अक्सर लोग सफल होने या खुद को बेहतर बनाने के लिए आसान रास्ता या शॉर्टकट ढूँढते हैं और काफ़ी सारा समय इसमें बर्बाद कर देते हैं। याद रखें सफल या खुद को बेहतर बनाने के लिए आज तक किसी को भी कोई जादू की छड़ी नहीं मिली है। इसके लिए आपको अपने विज़न के आधार पर बनाए गए छोटे-छोटे लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए मेहनत करना होगी।


चौथा सूत्र - शून्य से करें शुरुआत

सफल या बेहतर बनने के सपने सिर्फ़ देखने के लिए नहीं होते हैं, बल्कि हर हाल में पूरा करने के लिए होते हैं। आप जो कल्पना करते हैं, वह बन सकते हैं। बस आपको स्वयं को शून्य पर मान, कई सारे छोटे-छोटे कदम अपने लक्ष्य और विज़न को ध्यान में रखते हुए उठाने होंगे।


पाँचवाँ सूत्र - पहला कदम उठाएँ

सामान्यतः लोग लक्ष्य पाने के लिए अलग-अलग स्तर पर आवश्यक हर वस्तु अथवा रिसोर्स को योजना के पहले स्तर पर, पहला कदम उठाने के पहले ही अरेंज करना चाहते हैं, जो सामान्यतः सम्भव नहीं होता है। इसे मैं आपको एक उदाहरण से समझाने का प्रयास करता हूँ। मान लीजिए हमारा लक्ष्य मैराथन दौड़ के सामान है, जिसमें दौड़ने का आपको कोई पूर्व अनुभव नहीं है। ऐसी स्थिति में सामान्यतः हम सबसे पहले दौड़ के लिए आवश्यक सारा सामान जुटाने लग जाते हैं और अगर कोई संसाधन नहीं मिलता है तो उसके लिए परेशान हो जाते हैं। इसके स्थान पर सबसे पहले जो उपलब्ध है उसके साथ ही पहला कदम उठा कर दौड़ना शुरू कर दीजिए, फिर भले ही आप 100, 200, 500 मीटर ही दौड़ पाएँ।


छठा सूत्र - आप जैसा बनना चाहते हैं वैसे लोगों के साथ नेटवर्क बनाएँ

जो सफल हुआ है, वह सफल होना सिखा सकता है। ठीक इसी तरह जिसने स्वयं को खुद से बेहतर बनाया है वह आपको बेहतर बनना सिखा सकता है। इसलिए स्वयं को ऐसे लोगों से जोड़े रखने का प्रयास करें, जो रोज़ खुद को पहले से बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं। अगर आपके लिए उनसे मिलना, उनके साथ रहना सम्भव नहीं है तो सोशल मीडिया या अन्य डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से जुड़ने का प्रयास करें। इसके लिए आप समान रुचि वाले लोगों के समूह अथवा क्लब आदि से भी जुड़ सकते हैं।


सातवाँ सूत्र - खुद की क्षमताओं पर शक ना करें

अक्सर बड़े लक्ष्य का पीछा करते वक्त हम खुद की क्षमताओं, उठाए गए कदमों पर ही शक करना शुरू कर देते हैं और बार-बार खुद का और अपनी योजना का पुनर्मूल्यांकन करने लगते हैं। हो सकता है आज आपके पास अपने लक्ष्य को पाने की सर्वश्रेष्ठ योजना या उसके लिए आवश्यक ज्ञान न हो, लेकिन अगर आपको सही दिशा में जाने के बारे में कुछ कदम भी मालूम हैं तो बिना शक के उन्हें लेना शुरू करें। एक-एक कदम आगे बढ़ना, ज़रूरी ज्ञान लेना और बेहतर योजना बनाना आपको दोनों सिखा देगा।


आज के लिए इतना ही दोस्तों कल हम खुद को बेहतर बनाने के अगले चार सूत्र सीखेंगे।


-निर्मल भटनागर

एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर

nirmalbhatnagar@dreamsachievers.com

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