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  • Writer's pictureNirmal Bhatnagar

चुनौतियों को अवसर में बदलने के 5 सूत्र…

Mar 1, 2024

फिर भी ज़िंदगी हसीन है…



दोस्तों, कल हमने जाना था कि चुनौतियाँ हमें बेहतर बनाती है क्योंकि विपरीत दौर में सजगता के साथ किए गए प्रयास आपको बेहतर परिणाम पाने में मदद करते हैं। ऐसे में यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि हम समय रहते चुनौतियों को अवसर में बदलने वाले कौशल को सीख सकें, जिससे हर स्थिति-परिस्थिति में जीवन को बेहतर बनाया जा सके। इसलिए साथियों जीवन में आप जिन भी मुश्किलों, विपरीत परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उनके बारे में सोचें और ऊर्जावान बनें। जब भी कोई सजगता के साथ मुश्किलों, विपरीत परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करता है और नये समाधानों को आज़माने के लिए उत्साहित रहता है, वह ज़िंदगी के असली मज़े लेते हुए जीवन में आगे बढ़ने लगता है। आईए आज हम चुनौतियों का सामना करने के वे सूत्र सीखते हैं जो इसे अवसर बना सकते हैं।


पहला सूत्र - आप ईश्वरीय योजना का हिस्सा मात्र हैं

निश्चित तौर पर आप मेरे इस विचार से सहमत होंगे कि हमारी ज़िंदगी में जो भी घटता है, वह प्रभु की इच्छा से ही घटता है और साथ ही आप मेरी इस बात से भी सहमत होंगे कि ईश्वर जो हमें सही लगता है, वह नहीं, अपितु जो हमारे लिए सही होता है, वह करता है। अगर यह सही है, तो इसका अर्थ हुआ जीवन में जो भी चुनौती आई है वह भी ईश्वरीय योजना का हिस्सा है और वह निश्चित तौर पर हमारे जीवन को बेहतर बनाने वाली योजना का हिस्सा है।


दूसरा सूत्र - ईश्वर ने हमें असीमित क्षमताएँ दी हैं

भगवान ने हमसे कोई वादा नहीं किया है कि वह हमारे जीवन में दुख, दर्द, परेशानी, विपरीत परिस्थिति या चुनौती नहीं देगा। उसने तो बस एक वादा किया है कि वो आपको इस दुनिया में असीमित क्षमताओं के साथ भेजेगा, जिससे आप इन सब विपरीत स्थितियों को अपने पक्ष में मोड़ सकें। वैसे भी दोस्तों, जिस तरह रात के बाद दिन, दुख के बाद सुख, बारिश के बाद सूरज या सर्दी के दिन में धूप का मज़ा ही अलग है, ठीक उसी तरह समस्या या परेशानी के बाद मिला सुख अर्थात् मुश्किलों, विपरीत परिस्थितियों और चुनौतियों के बाद विजेता बनने का मज़ा ही कुछ और है। इसलिए दोस्तों, मुश्किलों, विपरीत परिस्थितियों और चुनौतियों देने के लिए भी ईश्वर के आभारी रहें।


तीसरा सूत्र - मुश्किलों, विपरीत परिस्थितियों और चुनौतियों से बचने के स्थान पर उनका सामना करें

मुश्किलों, विपरीत परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना कर उन्हें पछाड़ने याने उन्हें जीतने का मज़ा ही अलग है। अगर चुनौती बहुत बड़ी है तो भी घबराइए मत उसे छोटे-छोटे लक्ष्यों में विभाजित कीजिए और उस छोटे लक्ष्य को तय समय में पूरा करना शुरू कर दीजिए। कुछ ही समय में आप उस पर विजय पा लेंगे। मान लीजिए इतना करने के बाद भी आप असफल हो गये हैं, तो भी चिंता मत कीजिए, थकिये मत, असफलता से सीखिए और एक बार फिर अधिक जोश, हिम्मत के साथ तैयार होकर पुनः प्रयास कीजिए। याद रखियेगा, असफलता आपको जीतने के लिए आवश्यक ज्ञान लेने में मदद करती है आपको अधिक दृढ़ संकल्पित बनाती है।


चौथा सूत्र - निराशा या असफलता गतिरोध से अधिक कुछ नहीं

जिस तरह रोड पर गतिरोध हमारी सुरक्षा के लिए गाड़ी धीमी कराते हैं, उसी तरह निराशा और असफलता भी हमारी गति सिर्फ़ और सिर्फ़ हमारी भलाई के लिए कम करती है। अगर आप लंबे समय में देखेंगे तो पाएँगे कि असफलता ने भी आपके जीवन के सफ़र का आनंद बढ़ाया है। इसलिए जीवन में आए अवरोधों पर बहुत देर तक ना रुकें, बस ख़ुद को सम्भालते हुए धीमे से आगे बढ़ जाएँ। इसी तरह, जो आप चाहते हैं वह नहीं मिलने के कारण आप निराश हैं, तो रुकें और खुश होए, क्योंकि भगवान ने आपको देने के लिए कुछ बेहतर सोचा है। याद रखियेगा, जीवन में अच्छा या बुरा जो भी घटा है उसका सिर्फ़ एक ही उद्देश्य है, जिंदगी आपको हर परिस्थिति में प्रसन्न रहना सिखाती है, परेशान रहना नहीं।


पाँचवाँ सूत्र - परिणाम स्वीकारें और नई शुरुआत करें

याद रखियेगा, हम में से कोई भी पीछे जाकर ग़लतियों को सुधार कर वापस नहीं आ सकता लेकिन वर्तमान क्षण का उपयोग कर नई शुरुआत ज़रूर कर सकता है और अंतिम परिणाम बदल सकता है।


इसलिए दोस्तों, जीवन में चुनौतियों का सामना करना शुरू करें और जीवन को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँ।


-निर्मल भटनागर

एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर

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