जितने हैं, उतने ही अनमोल हैं...
- Nirmal Bhatnagar

- May 16, 2025
- 3 min read
May 16, 2025
फिर भी ज़िंदगी हसीन है...

दोस्तों, बदलाव के इस दौर में ख़ुद को प्रासंगिक बनाए रखने के प्रयास में अक्सर हम यह भूल जाते हैं कि जो कुछ भी हमारे पास है, वह अनमोल है। फिर चाहे वो संस्कार, जीवन मूल्य, संसाधन, रिश्ते, दोस्त आदि कुछ भी क्यों ना हो। लेकिन आज हम नए लोगों से जुड़ने; अधिक नाम और पहचान बनाने और ख़ुद को सफल दिखाने की होड़ में, कुछ इस तरह दौड़ रहे हैं कि जो कुछ पहले से हमारे पास है, सब कुछ पीछे छूटता नजर आ रहा है, विशेषकर सच्चे रिश्ते और प्यारे दोस्त!
जरा गंभीरता से इस विषय पर सोच कर देखियेगा। कहीं ना कहीं आज हम सोचने लगे हैं कि जितने अधिक लोग हमारी जिंदगी में होंगे, हम उतना ही ज्यादा “प्यार और अपनापन" महसूस करेंगे। लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। प्यार और अपनेपन की गहराई, संख्या में नहीं, गुणवत्ता में होती है। एक सच्चा दोस्त, जो हर परिस्थिति में आपके साथ खड़ा हो, सौ अधूरे रिश्तों से बेहतर होता है। इसी बात को समझाते हुए ब्रिआना विएस्ट ने बड़ी ही सुंदर बात कहीं है, “यह मत गिनो कि तुम्हारी जिंदगी में कितने लोग हैं, बल्कि इस बात को सराहो कि तुम्हारे पास कोई एक ऐसा इंसान है, जो वास्तव में तुम्हारा है।”
जी हाँ दोस्तों, आज की तेज़ी से बदलती इस दुनिया में ऐसे दोस्त दुर्लभ हैं, जिनसे आप बिना बोले भी अपना दर्द बांट सकें; जिनके साथ खामोशी भी सुकून दे। आज की आभासी दुनिया में करोड़ों लोग आपके आस-पास हैं, लेकिन इतने लोगों में एक ऐसा दोस्त होना, जिसे आप “अपना” कह सकें, बड़े नसीब की बात है। लेकिन कई बार नियति के निर्णय अनुसार हम अपने किसी ख़ास को हमेशा के लिए खो देते हैं और फिर महसूस करते हैं कि हमारे दिल का एक हिस्सा ही टूट गया है। लेकिन यकीन मानियेगा, ऐसा होता नहीं है क्योंकि सच्चा प्रेम और साथ कभी ख़त्म नहीं होता। और हाँ! ऐसा मैं किताबी ज्ञान के आधार पर नहीं, बल्कि जीवन से मिले अनुभवों के आधार पर कह रहा हूँ। जब हम किसी को शारीरिक रूप में हमेशा के लिए खो देते हैं तब हमें उनके साथ बिताए हर पल की यादों और उनके द्वारा दिए गए प्रेम से जीना सीखना होता है। याने उनकी ज़िंदगी हमारे जीवन को दिशा देती है।
वैसे, ऐसी स्थिति आने के पहले ही हमें यह समझना होगा कि जीवन में जिनके पास, कोई भी सच्चा दोस्त है, वे वास्तव में सौभाग्यशाली हैं। ऐसे रिश्तों की कीमत पैसों से नहीं आँकी जा सकती। इसलिए जरूरी है कि हम उन्हें समय दें, उनकी कद्र करें, और उनका साथ एक उपहार की तरह अपनाएं। ऐसा करना अच्छे जीवन के लिए वास्तव में आवश्यक है क्योंकि एक अच्छा दोस्त सिर्फ साथ बैठने वाला नहीं होता, वह आपके उतार-चढ़ाव में भी साथ खड़ा रहता है। और अगर आपके पास ऐसा कोई है, तो उस एक रिश्ते को गहराई से निभाइए। सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स की गिनती भले ज़्यादा हो जाए, लेकिन जब मन टूटता है, तब ज़रूरत सिर्फ एक ऐसे इंसान की होती है जो आपकी चुप्पी को समझ सके। इसलिए रुकिए, सोचिए और उन लोगों के लिए समय निकालिए जो वाकई आपके अपने हैं।
नई पहचान बनाना, दोस्ती करना गलत नहीं, लेकिन पहले से जुड़े रिश्तों की उपेक्षा करके कुछ भी सार्थक नहीं पाया जा सकता। याद रखियेगा, जीवन की ख़ूबसूरती इस बात में नहीं है कि हमारे पास कितने लोग हैं, बल्कि इस बात में है कि हमारे पास कम से कम कोई एक है, जिस पर हम पूरी तरह भरोसा कर सकते हैं।
दोस्तों, अगर मेरे इस विचार से सहमत हैं तो आज ही अपने किसी पुराने सच्चे दोस्त को एक मैसेज भेजिए और कहिए कि “तुम मेरी ज़िंदगी के सबसे अनमोल साथी हो। तुम्हारे साथ बिताए पलों और मिले अनुभवों की वजह से ही मैं खूबसूरत और हसीन ज़िंदगी जी रहा हूँ।”
-निर्मल भटनागर
एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर




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