top of page
Search

जो चले जाते हैं, वे हमें जीना सिखा जाते हैं !!!

  • Writer: Nirmal Bhatnagar
    Nirmal Bhatnagar
  • Jul 23
  • 3 min read

July 23, 2026

फिर भी ज़िंदगी हसीन है…


दोस्तों, जीवन में हमें जिनकी उपस्थिति सबसे अधिक सहारा देती है, अक्सर उनकी वास्तविक कीमत हमें तब समझ आती है, जब वे हमारे साथ नहीं रहते हैं। मेरी नज़र में यह हमारे जीवन की सबसे बड़ी विडंबना है क्योंकि जब हमारा कोई प्रियजन बिछड़ जाता है, कभी कोई मित्र दूर चला जाता है या जब हम माता-पिता, भाई-बहन आदि से दूर चले जाते हैं, तब हमें एहसास होता है कि वे हमारे जीवन में सिर्फ़ सामान्य लोग नहीं थे, बल्कि वे तो हमारी ताक़त, हमारी मुस्कान और हमारे आत्मविश्वास का आधार थे।


मेरी नज़र में इसकी मुख्य वजह जीवन में गलत बातों का हिसाब-किताब रखना है। जैसे हम जीवन में उपलब्धियों का हिसाब तो रखते हैं, लेकिन उन लोगों का नहीं, जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ के हमारे जीवन को बेहतर बनाया। किसी ने हमें कठिन समय में एक शब्द का साहस दिया, किसी ने हमारी असफलताओं में हमारा विश्वास बनाए रखा और किसी ने केवल हमारे साथ खड़े रहकर यह भरोसा दिया कि हम अकेले नहीं हैं। हकीकत में दोस्तों उनकी उपस्थिति उस हवा की तरह होती है, जिसका महत्व तब समझ आता है जब साँस लेना कठिन हो जाए। इसी बात के महत्व को समझते हुए प्रसिद्ध लेखिका माया एंजेलो ने कहा था, “People will forget what you said, people will forget what you did, but people will never forget how you made them feel.” सच भी यही है। लोग हमारे जीवन में अपनी बातों से कम और अपने व्यवहार से अधिक अमिट छाप छोड़ते हैं।


दोस्तों, जीवन का दूसरा सत्य यह है कि यह कभी पूरी तरह हमारे नियंत्रण में नहीं होता। हम योजनाएँ बनाते हैं, लक्ष्य तय करते हैं, भविष्य की कल्पना करते हैं, लेकिन जीवन कब किस मोड़ पर हमें ले जाए, यह कोई नहीं जानता। यही अनिश्चितता कभी हमें डराती है, तो कभी आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देती है। आप स्वयं सोच कर देखिए, यदि हमें पहले से ही हर घटना का परिणाम पता होता तो क्या होता? मेरा तो मानना है कि अगर ऐसा होता तो जीवन में ना तो उत्साह बचता, ना ही संघर्ष का आनंद और ना ही खोज का रोमांच। जीवन की सुंदरता इसी रहस्य में छिपी है कि अगला पल अपने साथ क्या लेकर आएगा, यह किसी को ज्ञात नहीं। इसलिए बुद्धिमान व्यक्ति भविष्य की हर घटना जानने का प्रयास नहीं करता, बल्कि स्वयं को हर परिस्थिति के योग्य बनाने का प्रयास करता है। इसी बात को आधार बनाते हुए महान लेखिका हेलेन केलर ने कहा था, “Life is either a daring adventure or nothing.” अर्थात् जीवन या तो एक साहसिक यात्रा है, या फिर कुछ भी नहीं। यह यात्रा तभी सार्थक बनती है जब हम अनिश्चितताओं से डरने के बजाय उनका स्वागत करना सीखते हैं।


याद रखियेगा दोस्तों, जब जीवन हमें दर्द देता है, तब भी उसके भीतर एक छिपा हुआ संदेश होता है। सामान्यतः हम सब किसी भी तरह की पीड़ा से बचना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि जीवन में केवल सुख हो, सफलता हो और सब कुछ हमारी इच्छा के अनुसार चलता रहे। लेकिन इतिहास गवाह है कि सबसे गहरे परिवर्तन अक्सर सबसे कठिन अनुभवों से जन्म लेते हैं। असफलता हमें विनम्र बनाती है, बिछड़ना हमें रिश्तों का मूल्य सिखाता है और संघर्ष हमारे भीतर ऐसी शक्ति जगाता है, जिसका हमें स्वयं भी अनुमान नहीं होता। दर्द से भागने वाला व्यक्ति कुछ समय के लिए राहत पा सकता है, लेकिन दर्द को स्वीकार करने वाला व्यक्ति अपने व्यक्तित्व को नई ऊँचाइयों तक ले जाता है। पीड़ा अंत नहीं है; वह हमारे भीतर छिपी हुई क्षमता का द्वार भी हो सकती है। इसलिए आज उन लोगों का आभार व्यक्त कीजिए जो आपके जीवन का हिस्सा हैं। साथ ही भविष्य की अनिश्चितताओं से घबराइए मत और जीवन के संघर्षों से भागिए मत क्योंकि कई बार जो व्यक्ति हमारे साथ होता है, वही हमारी सबसे बड़ी पूँजी होता है; जो मोड़ हमें डराता है, वही नई दिशा देता है; और जो दर्द हमें तोड़ता हुआ लगता है, वही हमें पहले से अधिक मज़बूत बना देता है। याद रखिएगा, जीवन की सबसे अनमोल सीखें सुख से नहीं, बल्कि बिछड़ने, अनिश्चितता और संघर्ष से मिलती हैं। जो इन तीनों को स्वीकार कर लेता है, वही जीवन को उसके वास्तविक सौंदर्य के साथ जी पाता है।


-निर्मल भटनागर

एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर

 
 
 

Comments


bottom of page