• Nirmal Bhatnagar

तनाव व दबाव को सम्भालने के 10 प्रभावी सूत्र - भाग 3


May 12, 2022

फिर भी ज़िंदगी हसीन है…


आज की जीवनशैली में तनाव और दबाव जीवन का एक हिस्सा बन गया है। हालाँकि हम सब जानते हैं कि तनाव और दबाव हमारे मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अच्छे नहीं है, लेकिन इसके बाद भी किसी ना किसी वजह से हर आयु का व्यक्ति इससे प्रभावित है। कल तक हमने तनाव और दबाव से बचने या इसे लाभकारी बनाने के लिए, अपनी जीवनशैली में प्रभावी रणनीतियों के साथ छोटे-मोटे बदलाव कर, दृष्टिकोण को यथार्थवादी बनाने के 7 सूत्र सीखे थे। आईए, आगे बढ़ने से पहले उन्हें संक्षेप में दोहरा लेते हैं-


पहला सूत्र - धीमी और स्वस्थ शुरुआत करें

दिन की शुरुआत भागा-दौड़ी और तनाव के साथ करने के स्थान पर, अपने परिवार के साथ चाय, व्यायाम, पौष्टिक नाश्ते आदि के साथ करें। दिन की धीमी, स्वस्थ और समयानुकूल शुरुआत करना दृष्टिकोण को सकारात्मक रखते हुए अनावश्यक तनाव व दबाव को कम करता है।


दूसरा सूत्र - प्राथमिकताएँ तय करने की आदत बनाए

अपना समय, ऊर्जा और शक्ति ग़ैर ज़रूरी कार्यों में बर्बाद करने के स्थान पर प्राथमिकताएँ तय करते हुए जीवन को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाने वाले अथवा आवश्यक कार्यों के लिए करना हमारे जीवन में दबाव और तनाव को कम करता है।


तीसरा सूत्र - शांत रहें

तनाव और दबाव रहित रहते हुए जीवन में हर परिस्थिति में आगे बढ़ने, अपनी उत्पादकता को बढ़ाने अथवा विपरीत परिस्थितियों में भी बरकरार रखने के लिए हर हाल में शांत रहना सीखें। इस मुश्किल लक्ष्य को दैनिक अभ्यास के साथ पाया जा सकता है। शांत रहना आपको नकारात्मक भावों के बीच भी चैतन्य बनाए रखता है।


चौथा सूत्र - फ़ोकस्ड रहें

भाव में बहते हुए, तात्कालिक अनुपयोगी लक्ष्यों को पाने के लिए अपना समय, ऊर्जा और क्षमता को बर्बाद कर खुद को तनाव या दबाव में ना लाए। इसके स्थान पर विपरीत और मुश्किल परिस्थितियों या नकारात्मक भावों के बीच खुद को अपने मुख्य लक्ष्य के प्रति फ़ोकस्ड बनाए रखें। यह आपको दृढ़ निश्चयी भी बनाता है।


पाँचवाँ सूत्र - खुद के लिए समय निकालें

तनाव और दबाव के बीच लगातार कार्य करना आपकी उत्पादकता को प्रभावित करता है। इसके स्थान पर कार्य से छोटे ब्रेक लेकर, उस समय का उपयोग अपनी हॉबी, पसंदीदा या व्यक्तिगत कार्य को करने में लगाना, अर्थात् खुद के लिए समय निकालना आपको तनाव और दबाव से दूर कर रीचार्ज करता है।


छठा सूत्र - विवाद से बचें

पारस्परिक सौहार्द बरकरार रखने के साथ, शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्तर पर नुक़सान से बचने के लिए विवाद से बचें। परिवार के सदस्यों अथवा सहकर्मियों के साथ विवाद स्थिति को टालने के लिए दूसरों के विचार, कार्य करने के तरीके और निर्णय का सम्मान करें। सार्वजनिक स्थल पर धर्म और राजनीति या ऐसे ही अन्य विषयों पर व्यक्तिगत या सामूहिक टिप्पणी या मज़ाक़ करने या व्यक्तिगत राय देने से बचें। इतना सब करने के बाद भी अगर विवाद में पड़ना पड़े, तो उसे पूरी संजीदगी के साथ, सजग रहते हुए उचित तरीके से निपटाएँ।


सातवाँ सूत्र - अपनी सीमाएँ तय करें

कार्य की अधिकता या अत्यधिक अपेक्षाओं की वजह से अगर आप तनाव और दबाव महसूस कर रहे हैं तो समझ जाए कि अपनी सीमाएँ तय करने का समय आ गया है। इसके लिए आप जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे स्वास्थ्य, परिवार, व्यवसाय, समाज आदि के लिए कार्य करने का समय और प्राथमिकताएँ तय करें और उसी समय में उससे सम्बंधित कार्य पूर्ण करने का प्रयास करें। अगर किसी वजह से उतने समय में कार्य पूर्ण नहीं हो पा रहा है तो उसे अगले दिन के लिए टालें और अगर टालना भी सम्भव नहीं है तो प्रभावित पक्ष को अपनी व्यस्तता से अवगत कराते हुए एहसास कराए कि आप उनके बारे में सोच रहे हैं।


चलिए दोस्तों, अब हम तनाव व दबाव को सम्भालने के अंतिम 3 प्रभावी सूत्र सीखते हैं-


आठवाँ सूत्र - समर्थन अथवा मदद मांगें

यदि आपके लिए दैनिक जीवन में तनाव और दबाव को सम्भालना मुश्किल या असम्भव होता जा रहा है तो सब चीजें खुद सम्भालने की जगह तुरंत अपने परिवार, सहकर्मियों से मदद या समर्थन माँगे। यदि कार्यालय से सम्बंधित समस्या है तो बॉस को समाधान बताते हुए मदद माँगे, यदि व्यक्तिगत मुद्दों से जूझ रहे हैं तो परिवार से मदद या समर्थन माँगे या फिर काउंसलर या चिकित्सक की मदद लें। प्रियजनों के साथ कठिन और तनावपूर्ण स्थिति में समय बिताना उनसे समर्थन या मदद पाने का आसान तरीक़ा है, इसलिए ऐसी स्थिति में सबसे कटने के स्थान पर सबके बीच जाएँ।


नवाँ सूत्र - ब्रेक लें, स्वस्थ प्रतिक्रिया को बढ़ावा दें और अपनी दिनचर्या को स्वास्थ्यकर बनाएँ

जब आप बहुत अधिक व लम्बे समय तक तनावग्रस्त रहते हैं तो बुरी आदतों के चक्कर में पड़ना या फँसना बहुत आसान हो जाता है। जैसे, स्मोक करना या कॉफ़ी के रूप में अत्यधिक कैफ़ीन लेना, या अस्वास्थ्यकर चीजों को खाना, व्यायाम ना करना। अगर संक्षेप में कहूँ तो आप अपना ध्यान रखना बंद कर देते हैं और उपरोक्त आदतों को अपने तर्कों से सही ठहराने लगते हैं। लेकिन तनाव के मुक़ाबले दबाव के बीच कार्य करते वक्त खुद का ख़्याल या ध्यान रखना आसान होता है। ऐसा करके आप अपनी ऊर्जा बढ़ा सकते हैं। प्रतिदिन अपने खाने को पौष्टिक बनाने के लिए सब्ज़ियाँ, दाल, दही या पनीर के रूप में प्रोटीन, स्वस्थ कार्ब्स आदि लें, लगभग 3-5 लीटर पानी पिएँ, कम से कम 45 मिनिट व्यायाम करें या पैदल चलें, ताजी हवा में साँस लें। दिन की शुरुआत और अंत शांतिपूर्ण और स्वास्थ्यकर करने के लिए सुबह और रात्रि सोने से पहले ध्यान करें। दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएँ। काम के दौरान छोटे ब्रेक लें और टहलें, यह आपको तुरंत तनाव से मुक्त करता है और अगर आप अवकाश लेकर तनाव से बचने की योजना बना रहे हैं तो इसे ऑफ़ पीक समय में लें और बुद्धिमानी से उपयोग कर, कम्पनी के प्रति अपना समर्पण दर्शाएँ। ड्राइव करते वक्त पसंद के गाने या म्यूज़िक सुनें। यदि आप खुद का ध्यान रखते हुए स्वस्थ प्रतिक्रिया देने की आदत विकसित करते हैं तो आप फ़ोकस्ड रहते हुए तनाव और दबाव को सम्भाल सकते हैं।


दसवाँ सूत्र - पर्फ़ेक्शनिस्ट एवं मल्टीटास्कर बनने से बचें

हर क्षेत्र के बारे में ज्ञान रखना, अपने कार्य में उत्कृष्टता लाना अच्छी बात है। लेकिन पूर्णतावादी अर्थात् पर्फ़ेक्शनिस्ट होना अक्सर आपके और आपके साथ काम करने वालों के लिए समस्या पैदा कर सकता है। ठीक इसी तरह मल्टीटास्कर बनना या हर कार्य में टांग फँसाना, आपके फ़ोकस को कम कर, आपकी परफ़ॉरमेंस को प्रभावित करता है। इन दोनों से बचने के लिए अच्छी रणनीति बनाकर, कार्यों का बँटवारा करे और अपना सर्वश्रेष्ठ दें, टीम को सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करें। ऐसा करना आपके तनाव और दबाव को कम करते हुए, परिणाम को बेहतर बनाएगा।


अंत में सिर्फ़ इतना कहना चाहूँगा दोस्तों, कुछ भी क्यूँ ना हो जाए, अपनी ज़िम्मेदारियों और आने कार्यों से कभी भी ना भागें। दिल, दिमाग़, शरीर से सजग रहते हुए अपने कार्य निपटाना आपको चिंता, तनाव और दबाव से मुक्त करता है। परिस्थितियों, चुनौतियों को नज़रंदाज़ करते हुए हर हाल में खुश रहें और अपने कार्यों पर ध्यान केंद्रित करें। दबाव, तनाव को सम्भालने की क्षमता का प्रदर्शन करना आपको उनके साथ डील करने के लिए तैयार करता है।


उपरोक्त 10 सूत्रों को अपने दैनिक जीवन में प्रयोग में लाने पर आप पाएँगे कि दैनिक जीवन में आने वाले दबावों और तनाव से प्रभावी ढंग से निपटने में आप बेहतर और बेहतर होते जा रहे हैं।


-निर्मल भटनागर

एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर

nirmalbhatnagar@dreamsachievers.com

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