• Nirmal Bhatnagar

नवरात्रि के 9 बौद्धिक संकल्पों से बनाएँ जीवन बेहतर !!!

Sep 28, 2022

फिर भी ज़िंदगी हसीन है…

अपने से बेहतर लोगों के बीच में रहना हमेशा आपको कुछ नया सीखकर अपने जीवन को बेहतर बनाने का मौक़ा देता है। यह मेरा बचपन से लेकर आजतक के जीवन का व्यक्तिगत अनुभव है। अगर में विद्यालय के दिनों की बात करूँ तो मेरे सभी ‘पक्के दोस्त पढ़ाई, खेल या अन्य सभी गतिविधियों में मुझसे बेहतर थे। इस कारण, उनका साथ मुझे हर पल बेहतर करने, बातों ही बातों में नया सीखने के लिए प्रोत्साहित करता था। इतना ही नहीं मुझे बुरी आदतों से बचाता भी था। इस बात का अनुभव मुझे एक बार फिर कल हुआ, जब कुछ मित्र भारतीय संस्कृति, त्यौहार और उपवास विषय पर व्हाट्सएप ग्रुप पर चर्चा कर रहे थे। पूरी घटना कुछ इस प्रकार थी-


कल, जब हम देवी आराधना का पहला दिन भक्ति और उल्लास के साथ मना रहे थे और साथ ही एक दूसरे को बधाई संदेश भेज रहे थे, तब व्हाट्सएप ग्रुप पर एक मित्र ने अपनी राय रखते हुए कहा, ‘भारतीय संस्कृति में तो काम करने के दिनों से ज़्यादा त्यौहार के दिन हैं।’ मैंने तुरंत जवाब दिया कि यह तुम्हारी व्यक्तिगत राय हो सकती है। अगर मैं धर्म या विज्ञान के आधार को छोड़ बिलकुल साधारण अनुभव से कहूँ तो सभी त्यौहार हमें रोज़मर्रा के तनाव और दबाव भरे जीवन के बीच परिवार, दोस्तों व समाज के साथ सुकून भरे कुछ पल बिताने का मौक़ा देते हैं, जो अंततः आपको ख़ुशी देता है। दूसरी बात, आपको त्यौहार के दिन काम करने से कौन रोकता है? मैं तो कहूँगा कि त्यौहारों की ख़ुशी से मिली ऊर्जा का प्रयोग कर आप दोगुनी शक्ति से कार्य कर सकते हैं।


लेकिन शायद मित्र इस विषय पर चर्चा कर मेरा ज्ञान, मेरी समझ और बढ़ाना चाहते थे। इसलिए उन्होंने मेरे तर्क को स्वीकार करने के स्थान पर बात आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘हो सकता है, तुम सही कह रहे हो। लेकिन मुझे बताओ नवरात्रि में 9 दिन उपवास रख कर क्या फ़ायदा होगा?’ मैं कुछ जवाब देता उससे पहले ही मेरे एक और मित्र सामने आए और बोले, ‘तू शायद ऐसे नहीं मानेगा, देख हम साल भर बहुत सारे सकारात्मक और नकारात्मक अनुभवों को अपने अंदर इकट्ठा करते हैं। कुछ अच्छी और कुछ बुरी आदतों को अपनाते हैं। अगर इन 9 दिनों में हम उपवास के साथ 9 संकल्प कर लें तो हम ग़लत और नकारात्मक बातों और आदतों से छुटकारा पा सकते हैं, अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं। इसके बाद दसवें दिन हम सही मायने में बुराई पर अच्छाई की जीत का त्यौहार दशहरा मना सकते हैं। अगर तुम मेरी बात से सहमत हो, तो मैं तुम्हें 9 संकल्प बनाने में मदद कर सकता हूँ। तुम चाहो तो इन 9 संकल्पों पर काम कर बौद्धिक स्तर के वास्तविक नवरात्रि उपवास कर, अपनी आत्मा को शुद्ध कर सकते हो, अपने जीवन को बेहतर बना सकते हो।’ इतना कहते हुए मित्र ने 9 दिनों के 9 संकल्प लिख कर भेज दिए जो इस प्रकार थे-


प्रथम संकल्प - नवरात्रि के प्रथम दिन अर्थात् एकम या प्रथमा को मैं संकल्प लेता हूँ कि आज से मैं अपने नकारात्मक ग़ुस्से को त्याग दूँगा।


द्वितीय संकल्प - नवरात्रि के दूसरे दिन अर्थात् द्वितीया को मैं संकल्प लेता हूँ कि आज से मैं लोगों को जज करना पूरी तरह बंद कर दूँगा।


तृतीय संकल्प - नवरात्रि के तीसरे दिन अर्थात् तृतीया को मैं संकल्प लेता हूँ कि आज से मैं अपने परिवार, दोस्तों, व्यवसायिक साथियों और समाज से सम्बंधित सभी लोगों से हुए गिले-शिकवे को भुला दूँगा।


चतुर्थ संकल्प - नवरात्रि के चौथे दिन अर्थात् चतुर्थी को मैं संकल्प लेता हूँ कि आज से मैं खुद को अपनी सभी ग़लतियों को और साथ ही मैं अपने से सभी सम्बंधित लोगों को माफ कर दूंगा।


पंचम संकल्प - नवरात्रि के पाँचवे दिन अर्थात् पंचमी को मैं संकल्प लेता हूँ कि आज से मैं खुद के साथ सभी को वैसे ही स्वीकार करूंगा जैसे वे हैं।


षष्ठम् संकल्प - नवरात्रि के छठे दिन अर्थात् षष्ठी को मैं संकल्प लेता हूँ कि आज से मैं खुद से और सभी से बिना शर्त प्यार करूंगा।


सप्तम संकल्प - नवरात्रि के सातवें दिन अर्थात् सप्तमी को मैं संकल्प लेता हूँ कि आज से मैं ईर्ष्या और अपराध बोध की अपनी सभी भावनाओं को हमेशा के लिए छोड़ दूंगा।


अष्टम संकल्प - नवरात्रि के आठवें दिन अर्थात् अष्टमी या दुर्गाष्टमी को मैं संकल्प लेता हूँ कि आज से मैं अपने सारे डर छोड़ दूंगा।


नवम संकल्प - नवरात्रि के नवें दिन अर्थात् नवमी या महानवमी को मैं संकल्प लेता हूँ कि आज से मैं जो भी मेरे पास है और साथ ही जो भी मुझे मिलेगा, सब के लिए कृतज्ञता का भाव रखूँगा।


दशम संकल्प - दशमी अर्थात् विजयादशमी को मैं संकल्प लेता हूँ कि आज से मैं उपरोक्त सभी संकल्पों का पालन करूँगा।


इसके साथ ही मुझे पता हैं कि यह ब्रह्मांड अनंत शक्तियों का स्वामी है, यह हमें सब कुछ देने में सक्षम है। मैं उसी ब्रह्मांड से बिना शर्त प्यार, साधना, निष्काम सेवा और विश्वास के माध्यम से हर वो चीज़ पाऊँगा, जो मैं हमेशा से पाना चाहता हूँ और जिसकी सहायता से मैं अपना और जाने-अनजाने में मुझसे जुड़े सभी लोगों का जीवन बेहतर बनाने का प्रयास करूँगा।


आईए दोस्तों, हम सब भी इस नवरात्रि 9 संकल्प लेते हैं और अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।


-निर्मल भटनागर

एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर

nirmalbhatnagar@dreamsachievers.com




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