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राष्ट्र प्रथम!!!

  • Writer: Nirmal Bhatnagar
    Nirmal Bhatnagar
  • May 27, 2025
  • 3 min read

May 27, 2025

फिर भी ज़िंदगी हसीन है...

प्रिय भारतवासी दोस्तों, हाल ही मैं हमने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का एक बहुत ही घिनौना रूप पहलगाम में देखा था। जिसमें आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों को अपना निशाना बनाया था। हमारी सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के रूप में इसका मुंहतोड़ जवाब दिया था। पूरी स्थिति एक अघोषित युद्ध के समान थी जिसमें देशवासियों के साथ राजनैतिक इच्छाशक्ति, सैन्य बल और हमारे तमाम सैन्य संसाधन लगे हुए थे। जिसके कारण हम भारत विरोधी लोगों पर बढ़त बना पाये थे।


यकीन मानियेगा दोस्तों यह हमारे विरोधियों द्वारा देश के ख़िलाफ़ छेड़ा गया एक छद्म अघोषित युद्ध है। जिससे केवल सेनाओं को नहीं बल्कि पूरे देश को निपटना है। अभी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं है लेकिन यह भी सही है कि भारतीय सशस्त्र बलों ने अपने पहले चरण की कार्रवाई को सफलता और साहस के साथ अंजाम देते हुए बढ़त बनाई है और तात्कालिक शांति स्थापित की है। दोस्तों, यह निर्णायक क्षण है याने यह एक ऐसा समय है जब हम सबको मिलकर “कंट्री फर्स्ट” के आधार पर चलना होगा। दूसरे शब्दों में कहूँ तो हमें व्यक्तिगत, व्यावसायिक या राजनैतिक हितों को छोड़कर राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और एकता को प्राथमिकता देना होगी। इसके लिए आप निम्न बातों को अपने जीवन का हिस्सा बना लें-


1) राष्ट्र के साथ अडिग खड़े रहें


यह समय आपसी मतभेद भूलकर राष्ट्रीय एकता को प्राथमिकता देने का है। सेना, सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को पूरा समर्थन दें। आंतरिक आलोचना या दोषारोपण इस समय राष्ट्र को कमजोर करता है।


2) प्रचार युद्ध से सावधान रहें

पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी ISI अब एक सुनियोजित प्रोपेगेंडा युद्ध की शुरुआत करेंगे। सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर भावनात्मक तस्वीरें, झूठे वीडियो और नकली डाक्युमेंट्री की बाढ़ आ सकती है। कृपया अप्रमाणित सामग्री को न देखें, न साझा करें और न ही उस पर विश्वास करें। यह भी संभव है कि इस कार्य में उनकी मदद कुछ हमारे अपने लगने वाले लोग भी करते दिखें। हमें इन लोगों को भी नकारना होगा।


3) सूचनात्मक अनुशासन बनाए रखें

केवल रक्षा मंत्रालय, PIB (प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो) और विश्वसनीय राष्ट्रीय मीडिया से ही अपडेट लें। अफवाहें फैलाना या अनुमान लगाना; सूचना व्यवस्था को कमजोर करता है। राष्ट्रहित में सोशल मीडिया पर अनुशासन अपनाएँ।


4) राष्ट्र-विरोधी तत्वों पर नज़र रखें

अपने आसपास, कार्यस्थल या सोशल सर्कल में ऐसे लोगों की पहचान करें, जो दुश्मन के पक्ष में बोलते हैं या खुलेआम भारत विरोधी बातें करते हैं। ऐसे व्यवहार को शांति से नोट करें और उसे जल्दी से जल्दी आधिकारिक रिपोर्टिंग चैनलों को उपलब्ध करवायें।


5) आंतरिक अशांति से सावधान रहें

दुश्मन दंगे, सांप्रदायिक तनाव या अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर सकता है। इसलिए धार्मिक विवादों से बचें, बहस से दूर रहें और एकता का परिचय दें। किसी भी स्थानीय अशांति की स्थिति में तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचित करें।


6) घबराएँ नहीं – प्रशासन और प्रणाली पर विश्वास रखें

कोई भी अफवाह जैसे कि भोजन, दवाओं या नकदी की कमी आपको घबराहट में न डाले। हमारा राष्ट्र मजबूत आपूर्ति और बैंकिंग व्यवस्था से लैस है। घबराकर सामान या नकद जमा करना स्थिति को और बिगाड़ सकता है।


7) मानसिक संबल बनाए रखें


हर भारतीय नागरिक मनोवैज्ञानिक युद्ध में एक सिपाही है। डर, अफवाह या घबराहट से खुद को दूर रखें। देश की सुरक्षा केवल सैनिकों की नहीं, हमारे धैर्य और आत्मबल की भी परीक्षा है।


8) साइबर सुरक्षा का ध्यान रखें


फर्जी लिंक, वेबसाइट और "एक्सक्लूसिव वीडियो" का झांसा देने वाले संदेशों से सावधान रहें। ये शत्रु के साइबर हमलों का हिस्सा हो सकते हैं। कभी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।


9) किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की रिपोर्ट करें

कोई अज्ञात वस्तु, संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि देखें तो तत्काल नजदीकी पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें। आपकी सतर्कता किसी बड़े खतरे को रोक सकती है।


याद रखियेगा, एक ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में हमारा कर्तव्य है कि हम राष्ट्र के साथ एकजुट होकर खड़े हो। इसलिए अंत में, इतना ही कहूँगा दोस्तों कि इस समय हमारा हर नागरिक एक प्रहरी है। हम सब मिलकर न केवल इस संकट से उभर सकते हैं, बल्कि एक मजबूत, एकजुट और सजग भारत का निर्माण कर सकते हैं।


जय हिंद। वंदे मातरम्।
 भारत माता की जय!


-निर्मल भटनागर

एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर

 
 
 

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