फिर भी ज़िंदगी हसीन हैं...

सौ प्रतिशत जीने के 11 तरीक़े - प्रथम भाग

सौ प्रतिशत जीने के 11 तरीक़े - प्रथम भाग
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Mar 25, 2021
सौ प्रतिशत जीने के 11 तरीक़े - प्रथम भाग

जीवन ईश्वर का हमें दिया हुआ अनमोल तोहफ़ा है अगर आप अपना जीवन 100 प्रतिशत जीना चाहते हैं तो जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करके हमें स्वतंत्रता और साहस के साथ रहना होगा। जी हाँ दोस्तों, जीवन जीना और काटना सिर्फ़ और सिर्फ़ आपके चुनाव पर निर्भर करता है। अगर आप अपने जीवन को पूरी तरह जीना चाहते हैं तो इन ग्यारह बातों को अपने जीवन का हिस्सा बना लें। लेकिन आज हम इन ग्यारह बातों में से पाँच बातें सीखेंगे।

‘लोग क्या कहेंगे…’ को पीछे छोड़िए क्यूँकि लोगों का काम ही है कहना…
लोग क्या कहेंगे पर ध्यान देने की जगह अपने नियम बनाएँ और उस पर आधारित जीवन जिएँ। याद रखिएगा लोग मेरे बारे में क्या कहेंगे? यह मेरे हाथ में कभी भी नहीं रहेगा इसलिए इस फ़िज़ूल की बात पर अपनी ऊर्जा खर्च करना बेवक़ूफ़ी से ज़्यादा कुछ नहीं है। अगर आप इस आदत को छोड़ना चाहते हैं तो सबसे पहले लिख लें कि आज तक लोगों की धारणाओं की वजह से पिछले एक वर्ष में आपने खुद का कितना नुक़सान किया है। फिर एक बार सोचकर देखें अगर आप उस धारणा की वजह से नहीं रुकते तो आप कहाँ होते। खुद के जीवन की नई पिक्चर बनाएँ और लिखे हुए काग़ज़ को फाड़कर फेंक दें या जला दें।

आज से लोगों के कहे की परवाह करने के स्थान पर जीवन की प्राथमिकताएँ तय करें और अपने मूल्यों एवं जीवन जीने के नियमों के आधार पर बिना समझौता करे जीवन जिएँ।



जिन कार्यों को करना आपके लिए सम्भव नहीं है उसकी ज़िम्मेदारी ना लें कम्प्यूटर के अपने व्यवसाय के समय, मैं कई बार उन कार्यों के लिए भी हाँ कह देता था जिन्हें पूरा करना मेरे लिए सम्भव ही नहीं होता था अर्थात् अनावश्यक तनाव लेकर मैं ऐसी स्थिति में अपनी सीमित ऊर्जा और समय को बर्बाद कर दिया करता था। ऐसा करना आपकी ब्रांड वैल्यू को भी नुक़सान पहुँचाता है। जी हाँ दोस्तों, किसी भी काम को करने के लिए पहले हाँ कहना और फिर उसे पूरे करने के तरीक़े के बारे में सोचने के स्थान पर अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर कार्य करना ज़्यादा बेहतर उपाय है। यह सर्वप्रथम आपको और उसके बाद आपसे जुड़े लोगों को खुश होने का मौक़ा देता है। 


सब कुछ ‘परफ़ेक्ट’ करने या पाने की कोशिश ना करें, यह निराशा का प्रमुख कारण है इसके स्थान पर आभारी रहें  आमतौर पर हम सब कुछ पाने और सब कुछ परफ़ेक्ट करने के लिए प्रयासरत रहते हैं और इसीलिए एक के बाद दूसरा और दूसरे के बाद तीसरा और तीसरे के बाद चौथा लक्ष्य पाने के लिए प्रयासरत रहते हैं। लक्ष्यों को पाना और हर कार्य को  परफ़ेक्ट करने का प्रयास करना, आपको जीवन के मुख्य उद्देश्य ‘ख़ुशी’ से दूर कर देता है। जो आपने पाया है, जो आपके पास है, उसके लिए ईश्वर को धन्यवाद दें, आभारी रहें। हर उपलब्धि की ख़ुशी मनाएँ, उससे ऊर्जा लें और प्रसन्न रहें। आपमें क्षमता है इसका अर्थ यह कभी नहीं होता कि आप सब कुछ पाने का प्रयास करें। इसके लिए आप वारेन बफेट द्वारा बताया गया तरीक़ा काम में ले सकते हैं:
सर्वप्रथम उन 25 बातों को लिखें, जिन्हें आप अपने जीवन में करना या पाना चाहते हैं।
इन 25 कार्यों को अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर सूचीबद्ध करें।
प्रथम 5 कार्यों को हाइलाइट करें और बाक़ी सब पर क्रॉस लगा दें।
सिर्फ़ इन प्रथम 5 प्राथमिकताओं पर कार्य करें।


खुद और प्रकृति के साथ समय बिताएँ व अच्छी यादें बनाने के लिए प्रयासरत रहें कम से कम 30 मिनिट प्रतिदिन स्वयं को दें। अपने अंदर झांके, खुद को खोजने का प्रयास करें। ठीक इसी तरह सप्ताह में कम से कम एक बार आधा घंटा प्रकृति के साथ बिताएँ। प्रकृति के साथ जुड़ना, उस के साथ वक्त बिताना आपको उस समस्या को हल करने में मदद करता है जिसके लिए हम लम्बे समय से परेशान हो रहे थे। अपनी कल्पना को साकार करने के लिए कार्य करें, लोगों को दिखाने के लिए नहीं। आपका जीवन सिर्फ़ आपका है, जो कुछ भी आप करेंगे वह आपका अपना अनुभव है। तस्वीरें इकट्ठी करने के स्थान पर यादें बनाने का प्रयास करें। फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप अद्भुत हैं लेकिन आपका मन, आपका दिमाग़, आपका दिल शायद उससे ज़्यादा। इसलिए हर क्षण का आनंद लें, जो जैसा है उसका। बिना दिखावा किए सिर्फ़ अपने लिए अपना जीवन जिएँ।

जीवन की ज़िम्मेदारी लें व स्वयं के लिए जवाबदेही बनकर मस्त रहें यदि आप जीवन में वाक़ई सफल होना चाहते हैं, फिर चाहे आपके लिए सफलता पैसा, नाम अथवा रिश्ते कमाना ही क्यों ना हो, सबसे ज़रूरी और अहम कदम है जीवन के हर पल की ज़िम्मेदारी लेना व परिणाम के लिए जवाबदेही बनना। जवाबदेही बनना सफलता और असफलता दोनों के लिए ही आपको ज़िम्मेदार बनाता है। हो सकता है शुरुआत में  असफलता हाथ लगे लेकिन ज़िम्मेदारी और जवाबदेही फ़ोकस बढ़ाती है, कुछ नया सीखने का मौक़ा देती है और खुद को बेहतर बनाती है।

दिन-प्रतिदिन परिणाम कुछ भी मिले मस्त रहें, खुश रहें। हँसी वास्तव में सबसे अच्छी दवा है। अपनी दैनिक खुराक सुनिश्चित करें। इसके लिए आप कुछ मज़ेदार चुटकुले सुनें और सुनाएँ, कुछ कॉमेडी विडियो देखें या अपने प्रियजनों के साथ मूर्खतापूर्ण रहें।

जी हाँ दोस्तों जीवन को सौ प्रतिशत जीना वाक़ई इतना आसान ही है। कल हम बची हुई छः बातों पर चर्चा करेंगे।

-निर्मल भटनागर
एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर
dreamsachieverspune@gmail.com

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