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जो संघर्ष से नहीं डरता, वही जीवन में फलता-फूलता है !!!
July 17, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, आज का समय त्वरित सफलता का समय बन गया है। हर व्यक्ति चाहता है कि बिना अधिक प्रतीक्षा किए उसे सफलता, सुख और सम्मान मिल जाए। लेकिन प्रकृति का नियम आज भी वही है जो हजारों वर्ष पहले था—हर बड़ी उपलब्धि की कीमत संघर्ष, धैर्य और निरंतरता से चुकानी पड़ती है। सोचिए, एक छोटे-से बीज की पेड़ बनने की यात्रा कितनी अद्भुत होती है। पेड़ बनने के लिए वो खुली दुनिया नहीं, मिट्टी के नीचे दबने का निर्णय लेता है, जहाँ चारों ओर अंधेरा होता है। याने वह ऐ

Nirmal Bhatnagar
3 hours ago3 min read


सुंदर जीवन संयोग से नहीं, सही चुनावों से बनता है !!!
July 16, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, हममें से अधिकांश लोग एक डिज़ाइनर याने सुंदर, सुखी और शांतिपूर्ण जीवन चाहते हैं। अर्थात् हम सभी चाहते हैं कि हमारे जीवन में किसी भी तरह की कोई समस्या ना हो। हम शरीर से निरोगी, मन से शांत और संतोषी, व्यवसायिक जीवन में सफल, व्यक्तिगत जीवन में बेहतरीन पारिवारिक रिश्तों के साथ और सामाजिक तौर पर सम्मानित हो। लेकिन यहीं पर एक बड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न मन में आता है, क्या ऐसा जीवन सोचने मात्र से बन जाता है या उसे बनाना पड़ता है? दोस्तों, ऐस

Nirmal Bhatnagar
1 day ago3 min read


ईश्वर दान की मात्रा नहीं, दान के पीछे की भावना देखता है…
July 15, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, आइए आज के लेख की शुरुआत एक कहानी से करते हैं। बात कई साल पहले की है, गाँव में एक धनी और प्रसिद्ध दानी ब्राह्मण रहता था, जो प्रतिदिन सैकड़ों गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन व धन का दान दिया करता था। समय के साथ उसे यह विश्वास हो गया कि उससे बड़ा दानी इस संसार में कोई नहीं। एक दिन दान में सूखे चने की आस लिए आए एक भूखे व्यक्ति को उसने जब अपने विषय में बताया तो वह बोला, “महोदय! यदि सच्चा दान देखना चाहते हो, तो जंगल में रहने वाले एक अंध

Nirmal Bhatnagar
2 days ago3 min read


क्या आपने कभी अपनी खुशियों का हिसाब लगाया है?
July 14, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, यदि मैं आपसे पूछूँ कि पिछले एक वर्ष में आपको किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ा, तो शायद आप बिना रुके कई बातें गिना देंगे। लेकिन यदि मैं आपसे पूछूँ कि पिछले एक वर्ष में आपको कितनी खुशियाँ मिलीं; कितने लोगों ने आपका साथ दिया; कितने अच्छे अवसर मिले और कितनी बार जीवन ने आपको मुस्कुराने का कारण दिया, तो शायद आपको कुछ पल सोचना पड़ेगा। मेरी नजर में यही हमारे जीवन की सबसे बड़ी भूल है। शायद इसीलिए प्रख्यात रूसी साहित्यकार फ़्योदोर दोस

Nirmal Bhatnagar
3 days ago3 min read


हर महान परिवर्तन का पहला कदम सेल्फ-अवेयरनेस है…
July 13, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, एक रिसर्च बताती है कि दुनिया में अधिकांश लोग अपना पूरा जीवन सिर्फ़ इस दुनिया को समझने में लगा देते हैं। याने इन लोगों का ध्यान कौन क्या सोचता है, किसने क्या कहा, कौन सफल है, कौन असफल आदि बातों पर ज़्यादा रहता है और इसी वजह से ये लोग ख़ुद से एक प्रश्न करना भूल जाते हैं कि “मैं स्वयं को कितना जानता हूँ?” जबकि इस प्रश्न के उत्तर से ही आत्म-जागरूकता अर्थात सेल्फ अवेयरनेस की शुरुआत होती है। दोस्तों, जीवन में हर बड़ा परिवर्तन बाहर से न

Nirmal Bhatnagar
4 days ago3 min read


पवित्र इरादे की शक्ति…
July 12, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, जीवन में सफलता केवल प्रतिभा, धन या शक्ति से नहीं मिलती। कई बार हमने देखा है कि साधारण संसाधनों वाला व्यक्ति भी असाधारण उपलब्धियाँ हासिल कर लेता है, जबकि अपार साधनों वाला व्यक्ति भीतर से खाली रह जाता है। इसका सबसे बड़ा कारण है—इरादा। किसी भी कार्य का वास्तविक मूल्य उसके परिणाम से पहले उसके उद्देश्य में छिपा होता है। यदि हमारा इरादा केवल स्वयं का लाभ हो, तो सफलता मिल भी जाए, तो संतोष नहीं मिलता। लेकिन यदि हमारा उद्देश्य स्वयं के सा

Nirmal Bhatnagar
5 days ago2 min read


सार्थक संवाद से शुरू करें भीतर की यात्रा !!!
July 11, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, मोबाइल, इंटरनेट, सोशल मीडिया आदि के कारण आज का इंसान पहले से कहीं अधिक एक दूसरे से जुड़ा नजर आता है, लेकिन हकीकत में शायद वो पहले से कहीं अधिक अकेला भी है। आजकल लोग दिन भर सैकड़ों संदेश पढ़ते हैं, दर्जनों लोगों से बात करते हैं, अनगिनत खबरें देखते हैं और घंटों सोशल मीडिया पर बिताते हैं। फिर भी रात को जब स्वयं से मिलते हैं, तो भीतर एक अजीब से खालीपन की अनुभूति करते है। जानते हैं क्यों? क्योंकि इस आधुनिक युग में ज्यादातर लोग सतही तौ

Nirmal Bhatnagar
6 days ago3 min read


मंजिल पर पहुंचना है तो कदम तो उठाना ही होंगे !!!
July 9, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, अक्सर हम अपनी असफलताओं का कारण संसाधनों की कमी को मान लेते है। कोई मान कर चलता है कि “अगर मेरे पास अच्छे औज़ार होते, तो मैं बेहतर काम कर पाता।” कोई कहता है, “अगर मुझे बेहतर अवसर मिलते, तो मैं बहुत आगे होता।” तो कोई शिक्षा, तो कोई पैसों या फिर कोई किसी और वजह को कारण बताता है। लेकिन इतिहास और जीवन का अनुभव इस विषय में कुछ अलग ही कहता है। दोस्तों, दुनिया में असाधारण काम करने वाले अधिकांश लोगों ने शुरुआत असाधारण सुविधाओं से नहीं, बल्

Nirmal Bhatnagar
Jul 93 min read


चेहरा नहीं, व्यवहार याद रहता है !!!
July 8, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… आज की दुनिया में लोग खुद को आकर्षक बनाने पर लाखों रुपये खर्च कर देते हैं। महंगे कपड़े, ब्रांडेड घड़ियाँ, मेकअप, जिम, फोटो फिल्टर और सोशल मीडिया पर परफेक्ट दिखने की होड़… मानो सफलता का पहला नियम यही हो कि लोग आपको देखकर प्रभावित हो जाएँ। लेकिन क्या वास्तव में लोगों के दिल तक पहुँचने का रास्ता सुंदर चेहरे से होकर जाता है? चलिए, हाल ही में घटे एक किस्से से इसे समझाने का प्रयास करता हूँ- हाल ही में एक प्रतिष्ठित कंपनी में नए कर्मचारियों के प्र

Nirmal Bhatnagar
Jul 83 min read


जीवन की बगिया में खिलायें फूल…
July 7, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, चलिए आज कुछ प्रश्नों से शो की शुरुआत करते हैं। मान लीजिए, आपको किसी से उपहार में कोई ज़मीन मिल जाये तो आप उस पर क्या उगाना पसंद करेंगे? काँटे, झाड़ियाँ, घास-फूस या फूल, पौधे, सब्जियां और अनाज। निश्चित तौर पर आप दूसरे ऑप्शन को चुनेंगे। चलिए, अब दूसरे प्रश्न का जवाब दीजिए, फूल-पौधे, सब्जी या अनाज उगाने के विषय में सिर्फ़ सोचना, उसके लिए सिर्फ़ योजना बनाना और दूसरों से इस योजना में मदद की अपेक्षा रखना अंत में उस ज़मीन पर क्या उगाएगा?

Nirmal Bhatnagar
Jul 73 min read


प्रेम बंधन का नाम नहीं है…
July 6, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, सूक्ष्म अंतर होने के बावजूद भी अक्सर लोग प्रेम और रिश्ते को एक ही मान लेते हैं। जबकि रिश्ता एक सामाजिक व्यवस्था हो सकता है, लेकिन प्रेम एक आंतरिक अवस्था है। रिश्ता नाम देता है, प्रेम अर्थ देता है। रिश्ता दिखाई देता है, प्रेम महसूस किया जाता है। इस अंतर को ना समझ पाने के कारण जीवन में समस्या तब शुरू होती है, जब प्रेम पर अधिकार का रंग चढ़ने लगता है। जिसकी वजह से प्रेम में “तुम जैसे हो, वैसे ही स्वीकार हो” के भाव पर “तुम मेरे हो” का

Nirmal Bhatnagar
Jul 63 min read


जीवन में सफलता का पैमाना अंक नहीं होते…
July 5, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, स्कूल और स्कूल के दोस्तों याने सहपाठियों की बात ही कुछ अलग होती है। वे केवल हमारे साथ पढ़ने वाले बच्चे नहीं होते, बल्कि हमारे जीवन के पहले ऐसे साथी होते हैं, जो हार-जीत, सुख-दुख, अच्छे-बुरे दौर में हमारा साथ देते हैं। ये सभी बिल्कुल हमारे जैसे होते हैं। याने एक जैसी यूनिफार्म पहन, एक जैसी प्रार्थना और एक जैसे सपनों के साथ, एक जैसी बेंच पर बैठ अपने दिन की शुरुआत करते हैं। उस दौर में हमें ना तो किसी का बैंक बैलेंस दिखाई देता है और न

Nirmal Bhatnagar
Jul 53 min read


क्या आप पूरी तस्वीर देख रहे है !!!
July 4, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, इस आधुनिक दौर में रिश्ते किसी बड़ी वजह से कम, छोटी-छोटी बातों से ज़्यादा टूट रहे हैं। आज ज्यादातर परिवारों में तनाव है, कार्यालयों में टकराव है, समाज में मतभेद हैं और सोशल मीडिया पर तो जैसे हर व्यक्ति अपनी बात को अंतिम सत्य साबित करने में लगा है। इस बात में भी समस्या यह नहीं कि लोगों की राय अलग है। मुख्य समस्या तो यह है कि हमने अपने से अलग मत रखने वाली रायों को गलत राय मानना शुरू कर दिया है। आइए इस बात को हम एक छोटी सी कहानी से सम

Nirmal Bhatnagar
Jul 43 min read


जीवन का हर संघर्ष हमें गढ़ता है !!!
July 3, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… हम सभी के जीवन में एक ऐसी इच्छा होती है जिसे हम शायद कभी स्वीकार नहीं करते। हम चाहते हैं कि कठिन समय जल्दी बीत जाए। संघर्ष छोटा हो जाए। सफलता बिना इंतज़ार के मिल जाए। और जीवन में जो कुछ अच्छा है, वह जितनी जल्दी हो सके, हमारे हिस्से में आ जाए। लेकिन क्या सचमुच ऐसा जीवन सुंदर होगा? चलिए व्हाट्सएप पर पढ़ी एक कहानी से इसे समझने का प्रयास करते हैं- हिमालय की तलहटी में बसे एक छोटे-से गाँव में आर्यन नाम का एक बुद्धिमान युवक रहता था। उसके पास सब क

Nirmal Bhatnagar
Jul 33 min read


गलती को बोझ नहीं, सीढ़ी बनाएँ…
July 2, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, हम सभी अपने जीवन में बिना कोई गलती करे सफल होना चाहते हैं। हालाँकि हम सब जानते हैं कि आज तक किसी भी इंसान ने बिना गलती किए सफलता नहीं पाई है। इस विरोधाभासी सोच के कारण ही लोग अपनी ग़लतियों से कम, बल्कि उससे होने वाले अपराधबोध से अधिक हार जाते हैं। ऐसे लोगों को मैं एक ही बात याद दिलाना चाहता हूँ, गलती करना मनुष्य का स्वभाव है, लेकिन गलती को जीवन भर ढोना मनुष्य की भूल है। दोस्तों, मैंने ऐसे अनेक लोगों को देखा है जो वर्षों पहले हुई ए

Nirmal Bhatnagar
Jul 23 min read


साधारण लोगों से असाधारण प्रदर्शन चाहते हैं तो अपनायें ये सूत्र…
July 1, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, हाल ही मैं एक ओपन प्रोग्राम के दौरान मैंने प्रतिभागियों से एक प्रश्न पूछा, “आप सोमवार की सुबह ऑफिस या स्कूल आते समय सबसे पहले क्या महसूस करते हैं—उत्साह या तनाव?” प्रश्न पूछते ही पूरे हॉल में कुछ क्षणों के लिए सन्नाटा छा गया। यकीन मानियेगा, यह सन्नाटा अपने आप में ही बहुत कुछ कह रहा था। किसी भी संस्था की वास्तविक पहचान उसकी इमारत, उसकी वेबसाइट या उसके विज़न स्टेटमेंट से नहीं होती। उसकी पहचान इस बात से होती है कि वहाँ काम करने वाले

Nirmal Bhatnagar
Jul 23 min read
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