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डर के आगे ही जीत है !!!
Apr 17, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, जीवन में हम सभी किसी न किसी डर के साथ जीते हैं, कभी असफलता का डर, कभी भविष्य का डर, कभी खो देने का डर। और कई बार यही डर हमें इतना घेर लेता है कि हम जीना भूल जाते हैं। चलिए, इसे एक छोटी सी कहानी से इसे समझते हैं… एक बड़े शहर में एक कॉर्पोरेट ऑफिस था। वहाँ काम करने वाले लोग हर दिन एक ही डर के साथ ऑफिस आते थे, “आज कहीं बॉस नाराज़ न हो जाए…”, “कहीं हमारी गलती पकड़ न ली जाए…”, “कहीं नौकरी खतरे में न पड़ जाए…” ऑफिस में हर कोई तनाव में थ

Nirmal Bhatnagar
5 hours ago2 min read


जीवन बदलने के लिए कुछ बड़ा नहीं करना पड़ता…
Apr 16, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… जीवन हमारे सामने कभी खुली किताब के समान नहीं होता, वह तो हमें रोज एक कदम आगे बढ़ने के लिए छोटे-छोटे संकेत देता है। यह संकेत कभी अनुभव, तो कभी लोगों के व्यवहार में, तो कभी हमारे भीतर उठते सवालों में छिपे होते हैं। लेकिन अक्सर इन इशारों को समझ ना पाने की वजह से हम नजरअंदाज कर देते हैं, और फिर शिकायत करते हैं कि जीवन हमें कुछ सिखाता नहीं, जो कतई सही नहीं है। जीवन तो निश्चित तौर पर हमें सिखाता है, बस हम सीखते नहीं है। वैसे मनचाहा जीवन जीने का

Nirmal Bhatnagar
1 day ago3 min read


उद्देश्य ही संस्था या संगठन को जीवित रखता है !!!
Apr 15, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, किसी भी संस्था या संगठन के लिए उसकी तकनीक, उसके संसाधन या उसके कार्यालय की भव्यता, ताक़त नहीं होती। उसे तो ताकतवर याने बड़ा और शक्तिशाली उसके अपने लोग याने उसके सदस्य बनाते हैं। जी हाँ साथियों, किसी भी संस्था या संगठन के सदस्यों का जुनून, उनका संस्था या संगठन से जुड़ाव और उद्देश्य ही उसे बड़ा और ताक़तवर बनाता है। लेकिन अगर गलती से इस बात को संस्था या संगठन द्वारा नजरअंदाज कर दिया जाए तो उसके सदस्यों में उदासीनता आ जाती है, जो धीरे

Nirmal Bhatnagar
2 days ago3 min read


भविष्य को जानने का प्रयास करने के स्थान पर उसे स्वीकारिए…
Apr 14, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, यकीन मानियेगा हममें से ज्यादातर लोग वर्तमान में कम, भविष्य में ज्यादा जीते हैं और इसी लिए ज़्यादा तनावग्रस्त रहते हैं। याने हम भविष्य की चिंता करते हुए सोचते हैं कि आने वाले समय में सब ठीक होगा या नहीं या कहीं कुछ गलत हो गया तो? आदि। यही सोच हमसे हमारा आज छीन लेती है। जीवन के विषय में सच तो सिर्फ़ इतना ही है कि भविष्य हमेशा अनजान होता है। उसे ना तो पूरी तरह समझा जा सकता है और ना ही नियंत्रित किया जा सकता है। फिर इसे लेकर इतना चिंत

Nirmal Bhatnagar
3 days ago3 min read


जीवन जीने का रखें जुनून…
Apr 13, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… सब कुछ पाने की चाह में आज हमने अपने जीवन को एक दौड़ के समान बना लिया है। जहाँ हर काम का उद्देश्य सिर्फ़ मनवांछित परिणाम पाना है। उदाहरण के लिए बच्चे अच्छे से पढ़ाई, अच्छी नौकरी या अच्छे भविष्य के लिए करते हैं; भविष्य में लाभ मिलेगा इस लिहाज से आज संबंध बनाते और निभाते हैं; पहचान बनाने के लिए सेवा करते हैं और तो और लोग अच्छे कर्म भी मृत्यु के बाद स्वर्ग की चाह में करते हैं। नतीजे के तौर पर हम हमारी ख़ुशी को इन उपलब्धियों से जोड़ कर देखने लग

Nirmal Bhatnagar
4 days ago3 min read


बोले गए शब्द नहीं, व्यवहार आपकी पहचान बनाता है…
Apr 12, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, आज के इस आधुनिक दौर में हम आध्यात्म, सफलता और सादगी की बातें तो बहुत करते हैं, लेकिन क्या सच में हम उन्हें अपने जीवन में उतार पाते हैं? प्रश्न टेढ़ा है, लेकिन जीवन को सही दिशा देने के लिए आवश्यक भी है। चलिए, एक घटना से इसे समझने का प्रयास करते हैं। शहर के सबसे पॉश इलाके में एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक मार्गदर्शक रहते थे जो जीवन को सरल शब्दों में समझाया करते थे। उनकी सहज शैली के कारण लोग उनके सेमिनार आयोजित करते थे और सोशल मीडिया पर भी

Nirmal Bhatnagar
5 days ago3 min read


आनंद की जड़ हमारे स्वभाव में है !!!
Apr 11, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, मेरी नजर में आनंद को अपने भीतर तलाशने के स्थान पर, पूरी दुनिया में उसे खोजना ही हमारे जीवन की सबसे बड़ी विडंबना है। ऐसा मैं सिर्फ़ इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि हकीकत में आनंद कहीं बाहर नहीं, बल्कि हमारे अपने स्वभाव में ही छिपा होता है। जी हाँ साथियों, वास्तव में हम सब जन्म से ही आनंदित होते हैं। एक छोटे बच्चे को देखिए, उसे आनंदित रहने के लिए न तो कोई कारण चाहिए होता है और ना ही कोई उपलब्धि। वह अपने आप में ही हँसता है, मुस्कुराता है, ख

Nirmal Bhatnagar
6 days ago3 min read


सुकून - लोगों को बदलने में नहीं, स्वीकारने में है
Apr 10, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… सुकून-लोगों को बदलने में नहीं, स्वीकारने में है दोस्तों, तेज रफ़्तार में दौड़ती आज की दुनिया में हम सब अपने-अपने काम, लक्ष्य और जिम्मेदारियों में इतने व्यस्त हो गए हैं कि हमारे पास लोगों को समझने का धैर्य कम होता जा रहा है। हमें हर चीज़ अपने अनुसार चाहिए याने जब शांति चाहते हैं, तो शांत माहौल, साथ चाहिए तो अच्छे लोग, काम करना है तो समाज से सहयोगी व्यवहार और अगर कोई हमारी यह अपेक्षा पूरी ना करे तो हम उसे तत्काल ग़लत ठहरा देते हैं। चलिए, इस

Nirmal Bhatnagar
Apr 103 min read


ख़ुशी के लिए शब्दों में प्रेम और व्यवहार में अपनापन लाएँ…
Apr 9, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… ख़ुशी के लिए शब्दों में प्रेम और व्यवहार में अपनापन लाएँ… दोस्तों, हम सभी जीवन में लक्ष्य बनाते हैं, मेहनत करते हैं, सपनों को पूरा करने की दौड़ में लगे रहते हैं। लेकिन एक गहरी सच्चाई यह भी है कि केवल लक्ष्य हासिल कर लेना ही सुखी जीवन की गारंटी नहीं होता। असली खुशी उस रास्ते में छिपी होती है, जहाँ हमारे शब्द, हमारा व्यवहार और हमारी संवेदनशीलता हमें लोगों से जोड़ती है। अक्सर हम यह मान लेते हैं कि सफलता मिलते ही जीवन आसान और सुखद हो जाएगा। लेक

Nirmal Bhatnagar
Apr 93 min read


आपका दृष्टिकोण ही आपके जीवन की दिशा और दशा तय करता है…
Apr 8, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, जीवन में घटने वाली हर घटना अपने साथ कोई न कोई संदेश लेकर आती है। यह संदेश हमारे जीवन के लिए कैसा होगा यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम उसे कैसे देखते हैं। उदाहरण के लिए कक्षा बारहवीं उत्तीर्ण करने के बाद मैं पीईटी क्लियर कर इंजीनियर बनना चाहता था, बन नहीं पाया। सामान्य रूप में देखा जाये तो यह एक असफलता थी। ऐसी ही एक असफलता का स्वाद मैंने कंप्यूटर व्यवसाय के समय भी चखा था। लेकिन यकीन मानियेगा यह दोनों घटनाएँ मेरे लिए असफलता नहीं, ब

Nirmal Bhatnagar
Apr 83 min read


सीखें जीवन जीने की सुन्दर कला !!!
Apr 7, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, यकीन मानियेगा हम सबका जीवन बहुत शांत और सरल हो सकता है। उसे जटिल तो हमारी सोच बनाती है। अक्सर हम छोटी-छोटी बातों में उलझ जाते हैं। जैसे किसने क्या कहा; किसने क्या नहीं किया; किसने हमारा साथ नहीं दिया और धीरे-धीरे ये बातें हमारे मन में बोझ बन जाती हैं। बीतते समय के साथ इसी बोझ के कारण हम अक्सर नकारात्मक प्रतिक्रिया देने लगते हैं। जैसे बदला लेना; याद रखियेगा किसी से बदला लेना बहुत आसान है, लेकिन किसी का उपकार चुकाना बहुत कठिन। लेकिन

Nirmal Bhatnagar
Apr 72 min read


ज़िंदगी - हालात नहीं, चुनाव का परिणाम है
Apr 6, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, अक्सर हम अपने दुख, अपनी परेशानियों या चुनौतियों के लिए या तो परिस्थितियों को या फिर लोगों को दोष देते हैं। याने हमारी ख़ुशी अक्सर परिस्थितियों या लोगों पर आधारित होती है। लेकिन ईमानदारी के साथ इसे थोड़ा गहराई से देखा जाये तो आप एहसास कर पायेंगे कि जीवन में हमारे साथ जो घटता है, ज़िंदगी उससे नहीं बनती। ज़िंदगी तो जो हमारे साथ घटता है, उस पर दी गई हमारी प्रतिक्रिया से बनती है। इस आधार पर सोचा जाए तो जीवन का हर भाव हमारे चुनाव का नतीज

Nirmal Bhatnagar
Apr 63 min read


रुको… और खुद को देखो !
Apr 5, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, अगर आप ध्यान से देखेंगे, तो पाएँगे कि हम सब एक अजीब सी दौड़ में हैं, जहाँ हर कोई जीतना तो चाहता है, पर जानता ही नहीं है कि असली जीत क्या है। इसीलिए जब हम जीत की होड़ में दूसरों से आगे निकलते हैं तो खुश होते हैं और जब ख़ुद से हारते हैं तो परेशान। यही परेशानी हमारे भीतर एक अनजाना ख़ालीपन छोड़ जाती है, जो मेरी नज़र में जीवन का सबसे बड़ा विरोधाभास है। आज का इंसान बाहर से बहुत मजबूत दिखता है, लेकिन अंदर से अक्सर बिखरा हुआ होता है। आज के

Nirmal Bhatnagar
Apr 53 min read


हो जाएगा…
Apr 4, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, हम सब जानते हैं कि हमारी सोच ही हमारा जीवन बनाती है। लेकिन इसके बाद भी हम दिन भर में ना जाने कितनी बार ‘ना’ या ‘नहीं’ कहते हैं। जैसे, ‘मुझसे नहीं हो पायेगा…’, ‘ये तो हो ही नहीं सकता…’, ‘ये नहीं बन सकता…’, ये तो मेरे बस का नहीं है…’, आदि। सच कहूँ तो, शायद हमें खुद भी पता नहीं होता है कि अनजाने में कितनी बार हम ‘ना’ कह जाते हैं और ये ‘ना’ हमारे जीवन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। याने हमें एहसास ही नहीं होता कि ये छोटा सा शब्द

Nirmal Bhatnagar
Apr 43 min read


दिखावे से नहीं, संकल्प से बनती है ज़िंदगी…
Apr 2, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, ग़लत धारणाओं के साथ जीवन जीना ही हमारे जीवन को चुनौतीपूर्ण बनाता है। जैसे अक्सर हम अपने जीवन को किसी व्यक्ति, किसी परिस्थिति आदि से जोड़ कर, या यूँ कहूँ बाँध कर देखते हैं, जबकि जीवन कभी किसी से बँधा नहीं होता। बँधे हुए तो इंसान की उम्मीद, आशा, भावना और विश्वास होते है। जिसकी वजह से आज के युग में इंसान जीवन को जीने से ज्यादा, दिखाने में व्यस्त हो गया है। इसी तरह से हम जीवन को बेहतर बनाने से ज्यादा, बेहतर दिखाने में व्यस्त हैं। आज इं

Nirmal Bhatnagar
Apr 23 min read


इंसान पद से नहीं, व्यवहार से पहचाना जाता है…
Apr 1, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, आज की दुनिया में “लीडर” बनना आसान हो गया है—पद मिल जाता है, अधिकार मिल जाता है, लोग भी मिल जाते हैं। लेकिन एक सच्चाई बहुत कम लोग समझते हैं, लीडर बनना आसान है, अच्छा लीडर बनना कठिन है। एक गलत, अहंकारी या संवेदना हीन असंवेदनशील लीडर केवल खुद को नहीं गिराता, वह अपने साथ पूरी टीम का मनोबल गिरा देता है। आप सोच रहे होंगे ऐसा लीडर आख़िर करता क्या है? तो मैं आपको आगे बढ़ने से पहले बता दूँ कि ऐसा लीडर सबसे पहले टीम में डर पैदा कर, आपसी विश्

Nirmal Bhatnagar
Apr 13 min read
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