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सफलता के लिए जरूरी है शांत मन !!!

  • Writer: Nirmal Bhatnagar
    Nirmal Bhatnagar
  • 7 hours ago
  • 3 min read

Jan 15, 2026

फिर भी ज़िंदगी हसीन है…


दोस्तों, हम सभी ने कभी न कभी महसूस किया है कि कई बार छोटी-सी बात भी हमें इतना परेशान कर देती है कि हम अपनी समझ खो बैठते हैं। जिसकी वजह से हमारा मन व्याकुल हो जाता है और हमारे निर्णय कमजोर हो जाते हैं और अक्सर हम वही भूल जाते हैं जो सबसे आसान, सबसे महत्वपूर्ण होता है। आइए, इस बात को हम एक कहानी से समझने का प्रयास करते हैं जिसे आपने संभवतः पहले भी सुना होगा।


बात कई साल पुरानी है, एक प्रोफेसर का तबादला हो गया था। उनके चार सहकर्मी उन्हें विदा करने रेलवे स्टेशन तक आए। ट्रेन आने में समय था, इसलिए वे चारों प्लेटफॉर्म पर खड़े होकर बातें करने लगे। हँसी-मज़ाक, पुराने किस्से, भावनाएँ… बातों में वे इतने डूब गए कि उन्हें पता ही नहीं चला कि ट्रेन चल पड़ी है। प्लेटफार्म पर अचानक बड़े कोलाहल से उन्हें इस बात का एहसास हुआ तो उनमें से एक व्यक्ति लगभग चिल्लाते हुए बोला, “अरे! ट्रेन निकल रही है!” घबराहट में वे चारों बिना सोचे-समझे ट्रेन की ओर दौड़े और जो डिब्बा सबसे पहले सामने आया उसमें जैसे-तैसे घुस गए। उस क्षण वे सोच रहे थे कि अगले स्टेशन पर उतरकर वे सही डिब्बे में चले जाएंगे।


इस भागमभाग में जिन प्रोफ़ेसर को जाना था, वे प्लेटफॉर्म पर ही रह गए। जाती हुई ट्रेन को, चिंतित हो देख, पास ही खड़े एक सज्जन उन्हें सान्त्वना देते हुए बोले, “चिंता मत कीजिए, दस मिनट बाद दूसरी ट्रेन आ जाएगी।” उन सज्जन की बात सुन प्रोफेसर मुस्कुराए और बोले, “बेटा, मुझे अपनी चिंता नहीं है। मुझे तो अपने उन दोस्तों की चिंता है जो छोड़ने तो मुझे आए थे, लेकिन खुद ही ट्रेन में चढ़ गए!”


तनाव हमें समझ से दूर कर देता है

इस छोटी-सी घटना में एक बहुत बड़ी सीख छिपी है। जब मन तनाव में होता है, तो साधारण-सी बात भी उलझ जाती है। याद रखिएगा, मन जितना अशांत होगा, निर्णय उतने गलत होंगे। चिंता में डूबा मन किसी भी परिस्थिति को सही ढंग से नहीं देख पाता। उसे छोटी सी बात भी बड़ी लगने लगती है और सरल समाधान तो दिखना बंद ही हो जाते हैं। तनाव हमेशा समस्या से बड़ा दिखता है, लेकिन समस्या कभी भी तनाव जितनी बड़ी नहीं होती।


जीवन में शांति का महत्व

जीवन में आगे बढ़ने के लिए मन का शांत होना आवश्यक है। एक शांत मन ही सही दिशा और सही कदम चुन सकता है। दूसरे शब्दों में कहूँ तो अशांत मन केवल भाग-दौड़ करता है और अंत में खोखला रह जाता है। जिस प्रकार गंदे पानी में अपना चेहरा नहीं दिखता, उसी प्रकार अशांत मन में जीवन की सच्चाई दिखाई नहीं देती।


प्रार्थना : मन को स्थिर करने का मार्ग

प्रार्थना जीवन में शांति लाती है। लेकिन प्रार्थना को मांग-पत्र मत बनाइए। प्रार्थना वह क्षण है जब हम ईश्वर से बात नहीं करते, बल्कि ईश्वर की बात सुनते हैं। हम बार-बार भगवान से कहते हैं, “मुझे यह दे दो, यह कर दो, यह बदल दो…” लेकिन सच्ची प्रार्थना वह है जिसमें हम पूछते हैं, “भगवान, आप मुझसे क्या चाहते हैं?” उनका उत्तर हमेशा सरल होता है, वे कहते हैं, “प्रेम से जियो; ईमानदारी से काम करो, किसी को दुख मत दो और खुद को लगातार सुधारते रहो।”


कुल मिलाकर कहूँ तो जब हम छोटी-छोटी बातों पर तनाव करना छोड़ देते हैं और प्रार्थना को समर्पण का मार्ग बना लेते हैं, तब हमारा मन स्थिर, शांत और मजबूत हो जाता है। याद रखिए, शांत मन ही इंसान की सबसे बड़ी ताकत है और जीवन में वही जीतता है जो हर परिस्थिति में अपना मन सम्भाल कर रख पाता है। इसलिए दोस्तों, खुशियाँ बाँटते रहिए, शांति और सुख आपके पास स्वयं चले आएँगे।


-निर्मल भटनागर

एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर

 
 
 

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