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सिर्फ़ सामर्थ्य नहीं, सही उपयोग आना भी है जरूरी...

  • Writer: Nirmal Bhatnagar
    Nirmal Bhatnagar
  • 1 day ago
  • 3 min read

Jan 9, 2026

फिर भी ज़िंदगी हसीन है…


अक्सर क्षमता, साधन और हुनर का होना सफलता की गारंटी माना जाता है। लेकिन मेरा मानना है कि सिर्फ सामर्थ्य का होना काफी नहीं होता, उसका सही उपयोग करना आना ज़्यादा ज़रूरी होता है। उदाहरण के लिए माचिस की एक छोटी-सी तीली को ही देखिए। उसके भीतर आग पैदा करने की जबरदस्त ताकत होती है, लेकिन वह तभी जलती है जब कोई समझदार व्यक्ति उसे सही तरीके से रगड़ता है। अगर तीलियाँ यूँ ही पड़ी रहें, तो उनकी ताकत कभी काम नहीं आ सकती। ठीक यही बात हमारे जीवन पर भी लागू होती है।


किसी भी क्षेत्र या व्यवसाय का उदाहरण लेकर देख लीजिए, उसमें आपको सफल और असफल, दोनों तरह के लोग मिल जाएँगे। याने आपको उस चुनें हुए क्षेत्र में समान क्षमता, साधन और हुनर होने के बाद भी कुछ लोग अच्छा लाभ और सम्मान कमाते हुए दिखेंगे, जबकि कुछ लोग जैसे-तैसे गुज़ारा करते हुए। यहाँ प्रश्न आता है, आख़िर इतना ज्यादा अंतर आया कैसे? तो मेरा जवाब है काम करने के तरीके से। जो व्यक्ति समय पर निर्णय लेता है, ध्यान से काम करता है, सीखता रहता है और अपने साधनों का समझदारी से उपयोग करता है, वही आगे बढ़ पाता है। इसके विपरीत गलत तरीके से किया गया परिश्रम सिर्फ थकान देता है, उन्नति नहीं।


उदाहरण के लिए आप धीरूभाई अंबानी को ही ले लीजिए। वे न तो किसी अमीर परिवार में पैदा हुए थे, न उनके पास बड़ी डिग्रियाँ थीं, और न ही शुरुआत में ज़्यादा पैसा। लेकिन उन्होंने जो भी थोड़ा-बहुत उनके पास था, उसका बहुत समझदारी से इस्तेमाल किया। उन्होंने बाज़ार को समझा, मौकों को पहचाना और हर कदम सोच-समझकर उठाया। अगर वे केवल यह सोचते रहते कि “मेरे पास साधन कम हैं”, तो रिलायंस जैसा साम्राज्य कभी खड़ा नहीं होता। उनकी सफलता का राज उनकी समझदारी और सही उपयोग की आदत थी।


याद रखियेगा दोस्तों, जीवन में रुकने का विकल्प नहीं होता। इसलिए इस दुनिया में कोई भी चीज़ स्थिर नहीं है, या तो हम जीवन में आगे बढ़ते हैं या फिर धीरे-धीरे पीछे जाते हैं। सूरज को देखिए, वह या तो ऊपर चढ़ता है या फिर ढलने लगता है। बीच में ठहरने की कोई जगह नहीं। इसी तरह, अगर हम खुद को बेहतर बनाने की कोशिश नहीं करते, तो हालात अपने आप हमें नीचे की ओर ले जाते हैं। इस सूत्र को ना समझ पाने के कारण ही कई लोग योग्य होने के बाद भी समय के साथ नकार दिए जाते हैं।


इसलिए दोस्तों, मेरा मानना है कि जीवन को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सबसे बड़ी ताकत सही समय पर सही तरीका अपनाना होता है। इस दुनिया में हुनर बहुत सारे लोगों के पास है, कौशल भी अनगिनत हैं। लेकिन सफलता के लिए इन सबमें सबसे बड़ी ताकत है, जो हमारे पास है, उसका सही और समझदारी से इस्तेमाल करना। जी हाँ दोस्तों, अगर सोच और दिशा सही हो, तो कम साधनों में भी अच्छा जीवन जिया जा सकता है और अगर ना हो; तो ढेर साधनों के होते हुए भी इंसान दुखी रह सकता है।


उपरोक्त आधार पर कहूँ तो जीवन में आशातीत परिणाम पाने के लिए सिर्फ़ तरीका बदलना होता है। अगर आप मेरी इस बात से सहमत हैं तो आज ख़ुद से एक सवाल कीजिए, “क्या मैं अपने पास मौजूद साधनों का सही उपयोग कर रहा हूँ?” अगर जवाब हाँ में है तो आपने अपनी क्षमता को समझदारी और सही तरीके से इस्तेमाल करना सीख लिया है और उसी दिन से आपका जीवन बदलना शुरू हो जाएगा। अन्यथा इस सूत्र को याद रखिएगा; सफल वो नहीं होता जिसके पास क्षमता, साधन और हुनर ज़्यादा होते है, सफल तो वो इंसान होता है जो अपने पास मौजूद चीज़ों का सबसे अच्छा उपयोग करना जानता है।


-निर्मल भटनागर

एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर

 
 
 

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