फिर भी ज़िंदगी हसीन हैं...

स्व-प्रेरित (सेल्फ़ मोटिवेटेड) रहने के 10 तरीक़े - भाग 1

स्व-प्रेरित (सेल्फ़ मोटिवेटेड) रहने के 10 तरीक़े - भाग 1
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May 5, 2021

स्व-प्रेरित (सेल्फ़ मोटिवेटेड) रहने के 10 तरीक़े - भाग 1


दोस्तों प्रिंट मीडिया, टीवी, रेडियो, इंटरनेट या फिर सोशल मीडिया, माध्यम कोई भी क्यूँ ना हो, आजकल हमें ज़्यादातर नकारात्मक खबरें ही सुनने को मिलती है। आमतौर पर यह खबरें संसाधनों के कुप्रबंधन, प्रशासनिक विफलता, भावनात्मक अथवा वित्तीय नुक़सान, मेडिकल उपकरणों अथवा दवाइयों की अनुपलब्धता या फिर अनैतिक तरीक़े से आपदा को अवसर मान कालाबाज़ारी से अतिरिक्त पैसा कमाने से संबंधित होती हैं।

बात यहीं खत्म नहीं होती है दोस्तों, उपरोक्त कारणों की वजह से अब हमने अपनों को खोना शुरू कर दिया है और इसी वजह से ज़्यादातर लोग नकारात्मक माहौल में, एक अनजान डर के साथ जी रहे हैं। जहाँ ज़्यादातर चीज़ें धुंधली नज़र आती हैं। ऐसे में सबसे बड़ा प्रश्न जो हमारे सामने आता है कि आख़िर अनिश्चितता भरे इस माहौल में हम किस तरह खुद की या अपने आस-पास मौजूद लोगों की प्रेरणा या सकारात्मक भाव को बनाएँ रख सकें। अगर आप भी ऐसा कुछ समाधान ढूँढ रहे हैं तो आज के लेख को ध्यान से पढ़िएगा।


दोस्तों सबसे पहली चीज़ तो हमें यह समझना होगी कि जीवन में भावनात्मक, वित्तीय या स्वास्थ्य सम्बन्धी उतार-चढ़ाव आना सामान्य है। जीवन कभी भी हमेशा इंद्रधनुष के सामान रंगीन नहीं हो सकता है और अगर मान लें कि वैसा हो भी गया तो हम उस रंगीन जीवन का मोल समझ ही नहीं पाएँगे।


ख़ैर वापस से मुख्य विषय पर आते हैं दोस्तों। जीवन में भावनात्मक, वित्तीय या स्वास्थ्य सम्बन्धी उतार-चढ़ाव आना तो सामान्य है। लेकिन इस बार के उतार और पूर्व में आए उतार में एक बड़ा अंतर है। पूर्व में जीवन में जब भी इस तरह का नकारात्मक या भावनात्मक नुक़सान होता था तो वह एक सकारात्मक कहानी या किसी के द्वारा बताई गई सकारात्मक बातों से मूड ठीक हो जाता था लेकिन इस बार नकारात्मक भावों का जो उतार आया है वह समुद्र की लहरों के सामान है। हम एक नकारात्मक खबर से खुद को थोड़ा सामान्य बनाते हैं कि दूसरी खबर आ जाती है। ऐसे माहौल में दोस्तों सिर्फ़ सकारात्मक बातों और कहानियों से कुछ नहीं होगा, हमें खुद को लगातार, सक्रिय रूप से स्व-प्रेरणा देना होगी।


इस नकारात्मक दौर में आपके लिए एक अच्छी खबर यह है कि अपनी दिनचर्या में छोटे-मोटे बदलाव कर हम इस नकारात्मक माहौल में खुद को आत्म प्रेरणा देते हुए सकारात्मक रख सकते हैं। आईए आज हम ऐसी दस तकनीकों में से प्रथम दो तकनीकें सीखते हैं।


पहली तकनीक - सकारात्मकता के साथ जिएँ


सकारात्मक मानसिकता रखने के सर्वोत्तम तरीक़ों में से एक है सकारात्मकता में रहना, इसके लिए तीन मुख्य काम करें-


पहला - सबसे पहले स्वयं को नकारात्मक खबरों और उसके सोर्स से दूर कर लें।


दूसरा - छोटी-छोटी चीजों में आनंद को खोजें, बल्कि मैं तो यहाँ तक कहूँगा कि नकारात्मक घटनाओं में भी सकारात्मकता को देखें। इसे में आपको एक किस्से से सुनाता हूँ, एक बार एक सज्जन ने अपने सभी दोस्तों को शाम को अपने घर पर दावत के लिए बुलाया। शाम को जब लोग पहुँचे तो वहाँ बहुत ही अच्छा माहौल बना हुआ था कोई चल रहे गानों पर नाच रहा था, तो कोई ड्रिंक्स या लज़ीज़ व्यंजनों का आनंद ले रहा था। हर कोई हँसता मुस्कुराता खुश नज़र आ रहा था। दावत के अंत में एक मित्र ने उस व्यक्ति से पूछा, ‘भाई यह तो बता दो तुमने यह दावत आख़िर दी किस ख़ुशी में है ?’ वह व्यक्ति मुस्कुराता हुआ बोला आज सुबह मेरी मर्सिडीज का ऐक्सिडेंट हो गया और उसमें पूरी कार खत्म हो गई। इतना सुनते ही वहाँ मौजूद हर कोई एकदम से सकते में आ गया। हर कोई सोच रहा था कि इतनी महँगी कार के ऐक्सिडेंट पर कोई दावत देता है क्या? कहीं यह पागल तो नहीं हो गया? लोग अभी सोच ही रहे थे कि वो सज्जन बोला कार में मैं भी था और ईश्वर की कृपा से मुझे कुछ भी नहीं हुआ यह दावत इसीलिए है। जी हाँ दोस्तों नकारात्मक चीजों में भी अपना फ़ायदा ढूँढा जा सकता है।

छोटी—छोटी बातों या चीजों में आनंदित होने से आप तनाव और निराशा की भावनाओं को बहुत हद तक कम कर पाते हैं।


तीसरा - अपने सपनों अपनी प्राथमिकताओं को, अपने डर से ज़्यादा बड़ा बना लीजिए और याद रखिए जीवन में हम 90% उन बातों या घटनाओं से डरते हैं जो हमारे जीवन में कभी घटती ही नहीं है। अपने जीने की इच्छा को मृत्यु के भय से ज़्यादा बड़ा बना लें।

याद रखिएगा दोस्तों सकारात्मक सोच, सकारात्मक पुष्टि अर्थात् अफ़र्मेशनस, बुरे में अच्छे को देखना, बड़े लक्ष्य और जीने की तीव्र इच्छा को बनाए रखना आपको कठिन चुनौतियों और नकारात्मक माहौल से निपटने की ऊर्जा देता है।


दूसरी तकनीक - सकारात्मकता और अच्छी सोच वाले लोगों के बीच रहें

कहते हैं ना ख़रबूज़े को देख ख़रबूज़ा रंग बदलता है। ठीक इसी तरह सकारात्मक और स्व-प्रेरित लोगों के बीच रहना आपको प्रेरणा देता है। अपने दोस्तों, गुरु और परिवार के सकारात्मक सदस्यों के साथ किसी भी तरह टच में बने रहना आपके मूड को खुश और हल्का बनाए रखने में मदद करता है।


दोस्तों आज के लिए इतना ही, कल हम अगली पाँच तकनीकों पर चर्चा करेंगे। तब तक याद रखिएगा यह ज़िंदगी वैसी ही है जैसी हम इसे बनाते हैं।


-निर्मल भटनागर

एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर

dreamsachieverspune@gmail.com

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