दैनिक भास्कर - मैनजमेंट फ़ंडा    
एन. रघुरामन, मैनजमेंट गुरु 

आपकी खाने की आदतें कितनी स्वस्थ हैं?

आपकी खाने की आदतें कितनी स्वस्थ हैं?
Bhaskar.png

April 18, 2021

आपकी खाने की आदतें कितनी स्वस्थ हैं?


आज रविवार है, घर के दूसरे सदस्य सोकर उठें उससे पहले एक प्रयोग करें। एक कटोरी में ताजी अखरोट और ताजे आलू की चिप्स का पैकेट डायनिंग टेबल पर बिना खोले हुए रख दें और दूर से देखें कि कौन-सी चीज जल्दी खत्म हो रही है। पहला अखरोट मुंह में रखते ही बच्चों और बड़ों का चेहरा देखें। शुरू का हल्का-सा कड़वापन नाजुक, मक्खन-सा, कुछ-कुछ लकड़ी से स्वाद का हो जाता है। वे ज्यादा मुंह नहीं बनाएंगे। लेकिन ध्यान से उनकी आंखों को देखें। नजरें आलू चिप्स पर गड़ी होंगी। अखरोट के लकड़ी से स्वाद को बदलने के लिए वे सिर्फ एक चिप्स खाने को सही ठहराएंगे। पर जिस क्षण चिप्स दांतों तले पहुंचेगी, जादुई तरीके से जीभ पर घुल जाएगी और अगले के लिए मुंह में जगह बन जाएगी। और अगर आपने नहीं देखा तो एक और चिप्स अंदर। फिर एक और तब तक खाते रहेंगे, जब तक आप उनका हाथ पकड़कर रुकने के लिए नहीं कहते।

कभी सोचा है कि एक ही चिप्स खाना इतना मुश्किल क्यों है? क्यों शक्कर-नमक की लालसा होती है, जबकि हमें पता है कि स्वास्थ्यकर विकल्प भी हैं? जवाब शक्कर और नमक की लत वाली तासीर और इससे मिलने वाले झट व गहरे आनंद में मौजूद है। शक्कर निकोटिन की तुलना में दिमाग पर 20 गुना तेजी से असर डालती है और अत्यधिक प्रसंस्कृत (प्रोसेस्ड) व मीठे खाद्य सबसे ज्यादा लत डालते हैं।


खुद पर काबू न रख पाने के लिए घरवालों को दोष न दें। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनका दिमाग उनके काबू में नहीं बल्कि उन प्रसंस्कृत खाद्य बनाने वाली कंपनियों के नियंत्रण में है, जो फूड (चिप्स) सुबह आपकी डायनिंग टेबल पर था। जिस क्षण लोग पहली चिप्स चखते हैं, कंपनियां उनके दिमाग को काबू में कर लेती हैं! यकीन नहीं होता, तो हाल ही जारी हुई माइकल मॉस की किताब ‘हुक्ड’ पढ़ें, जिसमें वे लत के पीछे के विज्ञान के बारे में बताते हैं और तथ्यों के साथ कहते हैं कि कंपनियां दिमाग को आनंद देने वाली प्रणाली पर सेंधमारी के लिए कितनी सावधानी से प्रसंस्कृत खाद्य बनाती हैं। वह खाद्यों की पोषण गुणवत्ता पर सवाल नहीं उठा रहे, पर हमारा ध्यान कहीं अधिक जरूरी प्रश्न- खाने की मात्रा पर ले जाना चाहते हैं। उनके अनुसार, ये कंपनियां अपने उत्पादों की खरीदी को अधिकतम बनाने के लिए बड़ी चतुराई से कोशिशें कर रही हैं। (याद रखें हम आम लोगों की बात कर रहे हैं)


मॉस आलू चिप्स की आवाज की बात करते हैं, कहते हैं कि कंपनियों ने इसका पता लगाया कि आलू चिप्स जितनी कुरकुरी आवाज करेगा, उतना ज्यादा लोग इसे खाएंगे। वह कहते हैं, ‘हम इस तथ्य पर बात कर सकते हैं कि आलू चिप्स में रिफाइंड आलू स्टार्च के रूप में वाकई में बहुत ज्यादा शुगर होती है, और जब यह आंतों तक पहुंचता है तो टेबल शुगर की तरह व्यवहार करने लगता है।’


मैं आपका सवाल सुन सकता हूं कि गलती किसकी है? हां मैंने आपको ये कहते हुए सुना, ‘कोई भी आप पर प्रसंस्कृत या डिब्बाबंद खाने या एनर्जी ड्रिंक पीने के लिए दबाव नहीं डाल रहा।’ पर मॉस का तर्क है कि कम से कम कुछेक खाद्य के मामले में मन की इच्छा भ्रम है। मौजूदा खाद्य प्रणाली में स्वस्थ रहने के लिए उपभोक्ताओं को इच्छा पर नियंत्रण के साथ उन चुनावों पर सतर्क रहना होगा, जिन पर हमारा कम नियंत्रण है। मॉस कहते हैं कि प्रोसेस्ड फूड से बचने के लिए साधारण उपाय आजमा सकते हैं जैसे टहलने चले जाएं, दोस्त को फोन कर लें या हेल्दी विकल्प जैसे मुट्‌ठी भर सूखे मेवे खा लें।


फंडा यह है कि देखें कि आपके खाने की आदतें कितनी स्वस्थ हैं? अगर प्रेम-अपनेपन से बनाए मां के हाथ के खाने से परहेज़ है और इस शाम कुछ प्रोसेस्ड खाने का मन है, तो आपको मदद की जरूरत है।

1_edited_edited.jpg

Be the Best Student

Build rock solid attitude with other life skills.

05/09/21 - 11/09/21

Two Batches

Batch 1 - For all adults (18+ Yrs)

Batch 2 - For all minors (below 18 Yrs)

Duration - 14hrs (120m per day)

Investment -  Rs. 2500/-

DSC_5320_edited.jpg

MBA

( Maximize Business Achievement )

in 5 Days

30/08/21 - 03/09/21

Free Introductory briefing session

Batch 1 - For all adults

Duration - 7.5hrs (90m per day)

Investment - Rs. 7500/-

041_edited.jpg

Goal Setting

A proven, step-by-step workshop for setting and achieving goals.

01/10/21 - 04/10/21

Two Batches

Batch 1 - For all adults (18+ Yrs)

Batch 2 - Age group (13 to 18 Yrs)

Duration - 10hrs (60m per day)

Investment - Rs. 1300/-