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देखें अच्छाई हर स्थिति में…

  • Writer: Nirmal Bhatnagar
    Nirmal Bhatnagar
  • 1 hour ago
  • 3 min read

May 4, 2026

फिर भी ज़िंदगी हसीन है…


दोस्तों, आप मेरी इस बात से निश्चित तौर पर सहमत होंगे कि जीवन हमें रोज़ नए अनुभव देता है। कभी यह अनुभव अच्छे होते हैं, तो कभी कठिन और कई बार तो उलझे हुए। लेकिन जीवन के संदर्भ में मजे की बात तो यह है कि आपके अनुभव आपके जीवन की दशा तय नहीं करते हैं। जीवन की दशा तो इस बात पर निर्भर करती है कि आप इन अनुभवों को कैसे देखते हैं? इस आधार पर कहा जाए तो जीवन के संदर्भ में असली सवाल यह नहीं है कि हमारे साथ क्या हो रहा है बल्कि असली सवाल तो यह है कि हम उसे कैसे देख रहे हैं। आइए, एक छोटी सी कहानी से इसे समझते हैं…


एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों को जीवन की एक सरल लेकिन गहरी सीख देना चाहते थे। उन्होंने एक दिन क्लास में आकर व्हाइट बोर्ड पर एक छोटा सा काला बिंदु बना दिया और फिर बच्चों से पूछा, “बच्चों, तुम्हें क्या दिख रहा है?” सभी बच्चों ने एक साथ कहा, “सर, एक काला बिंदु।” शिक्षक मुस्कुराए और बोले, “किसी ने यह क्यों नहीं कहा कि हमें व्हाइट बोर्ड दिख रहा है?” शिक्षक का जवाब सुन पूरी कक्षा शांत हो गई। एक क्षण रुकने के बाद शिक्षक ने धीरे से बात आगे बढ़ाते हुए कहा, “बच्चों, हमारा जीवन भी ऐसा ही है। हमारी नजर अक्सर उस छोटे से ‘काले बिंदु’ यानी समस्या, कमी या नकारात्मकता पर जाती है और हम इन छोटी बातों के कारण उस बड़े ‘सफेद हिस्से’ यानी अच्छाई, अवसर और संभावनाओं को भूल जाते हैं,।”


दोस्तों, सच्चाई यह है कि हर व्यक्ति में कुछ न कुछ अच्छा होता है। हर परिस्थिति में कोई न कोई सकारात्मक पहलू होता है।
हर समस्या अपने साथ एक समाधान लेकर आती है। लेकिन हम करते क्या हैं? हम लोगों की अच्छाई नहीं, उनकी कमियों को देखते हैं। हम विषम परिस्थितियों में छुपे अवसर नहीं, बल्कि कठिनाइयों को देखते हैं। इसी तरह हम समस्या के समाधान नहीं, उसके दर्द को देखते हैं और धीरे-धीरे हमारी सोच भी वैसी ही बन जाती है। लेकिन अगर हम अपनी नजर बदल दें, तो जीवन का अनुभव भी बदल जाता है। जब हम हर व्यक्ति में अच्छाई खोजते हैं, तो रिश्ते मजबूत होते हैं। जब हम हर परिस्थिति में सकारात्मकता देखते हैं, तो हमारा मन हल्का रहता है। जब हम हर समस्या में समाधान ढूंढते हैं, तो हम आगे बढ़ते हैं और जब हम हर असफलता में सीख ढूंढते हैं, तो वही असफलता हमें सफलता की ओर ले जाती है।


दोस्तों, जीवन में उत्साह और ऊर्जा बाहर से नहीं आती, वह हमारी सोच से पैदा होती है। अगर हम हर चीज में कमी ढूंढेंगे, तो हमें हर जगह कमी ही नजर आएगी। लेकिन अगर हम हर चीज में अच्छाई देखने की आदत डाल लें, तो जीवन अपने आप समृद्ध लगने लगता है। यह कोई बड़ी कला नहीं है, बस एक छोटा सा अभ्यास है। इस अभ्यास में पारंगत बनने के लिए, हर दिन खुद से पूछिए, “आज मैंने किस चीज में अच्छाई देखी?”; “आज मैंने किस व्यक्ति की एक अच्छी बात को पहचाना?”, धीरे-धीरे आप महसूस करेंगे कि अच्छाई को देखना आपकी आदत बन गई है और बीतते समय के साथ यह आदत आपका नजरिया बदल देगी।


इसलिए हमेशा याद रखियेगा, जीवन को सुंदर बनाने के लिए परिस्थितियों को बदलना जरूरी नहीं है, बस उन्हें देखने का तरीका बदलना होता है। वैसे भी इस दुनिया में अच्छाई हर जगह मौजूद है, बस उसे देखने वाली नजर चाहिए। जिसे आप एक छोटा निर्णय लेकर पा सकते हैं कि आज से आप हर स्थिति में अच्छाई खोजेंगे, हर व्यक्ति में एक सकारात्मक पहलू पहचानेंगे, और हर समस्या में एक समाधान ढूंढेंगे। ऐसा करना जल्द ही आपके जीवन को पूर्णता का एहसास देगा क्योंकि जब आप हर स्थिति में अच्छाई देखने लगते हैं, तो जीवन भी आपको अपनी सबसे सुंदर तस्वीर दिखाने लगता है।


-निर्मल भटनागर

एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर

 
 
 

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