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अतीत बदला नहीं जा सकता, लेकिन भविष्य गढ़ा जा सकता है !!!

  • Writer: Nirmal Bhatnagar
    Nirmal Bhatnagar
  • 3 hours ago
  • 3 min read

Aug 11, 2026

फिर भी ज़िंदगी हसीन है…


दोस्तों, यदि मैं आपसे आपके जीवन की सबसे बड़ी भूल पूछूँ तो शायद आपका उत्तर होगा - मुझे अपने फलाने निर्णय का पछतावा है या किसी मिले हुए अवसर को छोड़ना या फिर किसी रिश्ते का जरा सी वजह से टूट जाना या फिर वर्षों तक वह जीवन नहीं जी पाना, जो वास्तव में जीना चाहते थे। सही कहा ना मैंने…


हम सभी के जीवन में कुछ ना कुछ ऐसा ज़रूर होता है जिसके छूटने का पछतावा लंबे समय तक हमारे साथ बना रहता है। हालांकि हम सब जानते बूझते हुए का दुख मनाने याने अतीत को रोने से वो बदलता नहीं है अपितु हमारा ‘आज’ याने हमारा वर्तमान जरूर नकारात्मक रूप से प्रभावित हो जाता है।


दोस्तों, यकीन मानियेगा हमारा जीवन एक किताब की तरह है। जिसके कुछ अध्याय हम लिखते हैं और कुछ हमारे लिए परिस्थितियों या चुनौतियों के रूप में लिखे जाते हैं। इस किताब के कुछ पन्नों पर हमारी सफलताएं दर्ज होती हैं और कुछ पर हमारी भूलें या यूँ कहूँ जीवन से मिली सीखें। इसी किताब में वर्तमान रूपी एक खाली पन्ना भी रहता है, जिसे कैसे लिखा जायेगा, हमारे हाथ में होता है और यही हमारी वास्तविक स्वतंत्रता होती है।


अक्सर लोग कहते हैं, “काश मैंने वह निर्णय न लिया होता…”, “काश मैंने उस व्यक्ति पर भरोसा न किया होता…”, “काश मैंने उस समय थोड़ा साहस दिखाया होता…”, लेकिन “काश” कभी भविष्य नहीं बनाता। वह केवल वर्तमान की ऊर्जा को कम करता है। समझदार व्यक्ति अतीत से सीखता है, लेकिन उसमें निवास नहीं करता। वह अपनी गलतियों को इतिहास बनने देता है, पहचान नहीं।


दोस्तों, मैं ऐसे कई लोगों को जानता हूँ जिनके जीवन की शुरुआत बहुत साधारण थी, लेकिन उन्होंने अपने जीवन के अगले अध्याय इतने सुंदर लिखे कि आज लोग उन्हें उनके अतीत से नहीं, बल्कि वर्तमान से देखते हैं। इसके ठीक विपरीत मैंने ऐसे लोगों को भी देखा है जिन्हें जीवन ने सब कुछ दिया था, लेकिन वे अपने पुराने गौरव याने अतीत में इतने उलझे रहे कि भविष्य उनके हाथ से निकल गया। इसलिए हमेशा याद रखिएगा, “दुनिया हमें जीवन की किताब के पहले अध्यायों से नहीं बल्कि अंतिम अध्याय से याद रखती है।”


इसलिए दोस्तों, जीवन की पुस्तक का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय वो होता है जिसे अभी लिखा जाना बाक़ी है। आज यदि आप असफल हैं या फिर आपको व्यवसाय में नुकसान हो गया है अथवा आपका कोई रिश्ता टूट गया है, तो यह आपके जीवन की पूरी कहानी या अंतिम निष्कर्ष नहीं है। कोई अगर आपको आज समझ नहीं रहा है, तो यह आपकी अंतिम पहचान नहीं है। यह तो जीवन की किताब का केवल एक अध्याय है, जिसका अगला सुनहरा पन्ना लिखा जाना अभी शेष है।


जी हाँ दोस्तों, हर सुबह ईश्वर हमें एक नया खाली पन्ना सौंपता है। उस पर शिकायत भी लिखी जा सकती है; बहाने भी लिखे जा सकते हैं या फिर साहस, सीख, सेवा और नए सपनों की कहानी भी लिखी जा सकती है। यह निर्णय सिर्फ और सिर्फ हमारा होता है कि हम उस ख़ाली पन्ने पर क्या लिखना चाहते हैं।


दोस्तों, जीवन की सबसे सुंदर बात यही है कि जब तक साँस है, तब तक कलम हमारे हाथ में है। हम बीते हुए शब्दों को मिटा तो नहीं सकते, लेकिन आने वाले वाक्यों को बेहतर अवश्य बना सकते हैं। इसलिए आज अपने अतीत को सम्मान के साथ विदा दीजिए। उससे सीखिए, लेकिन उसे अपना भविष्य मत लिखने दीजिए क्योंकि अंत में आपकी गलतियाँ को नहीं, बल्कि साहस, समझ और विश्वास के साथ लिखे गए सुनहरे पन्नों को याद रखा जायेगा। इसलिए याद रखिएगा, बीते हुए अध्याय आपके इतिहास का हिस्सा हैं। लेकिन जो पन्ने अभी खाली हैं, वही आपके भविष्य की सबसे बड़ी संभावना हैं।


-निर्मल भटनागर

एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर

 
 
 

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