केवल धन नहीं, समय कमाइए…
- Nirmal Bhatnagar

- 3 days ago
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July 18, 2026
फिर भी ज़िंदगी हसीन है…

दोस्तों, हमारी जीवनशैली कुछ ऐसी बन गई है जिसमें हमारे जीवन का अधिकांश हिस्सा धन कमाने में बीत जाता है। बचपन में हमें पढ़ने के लिए इसलिए प्रेरित किया जाता है ताकि भविष्य में हमें अच्छी नौकरी मिले, फिर नौकरी करते वक्त हम अधिक आय का लक्ष्य बनाते हैं ताकि अपने आगे के जीवन को सुखी और सुरक्षित बना सकें। हाल ही में इस बात का एहसास मुझे उस वक्त हुआ जब मैंने ख़ुद से यह प्रश्न किया की ‘धन कमा कर हम हम अपना जीवन सुखी और सुरक्षित बना रहे हैं या अपना जीवन खो रहे हैं?’
मेरी नजर में इस ग़लत धारणा की मूल वजह हमारा धन, पद, प्रतिष्ठा, सफलता को सबसे अधिक मूल्यवान मानना है। जबकि अगर गहराई से विचार किया जाये, तो इन सबका आधार केवल समय है। ऐसा मैं सिर्फ़ इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि अगर धन खो जाए तो फिर कमाया जा सकता है। प्रतिष्ठा चली जाए तो दोबारा अर्जित की जा सकती है। व्यवसाय असफल हो जाए तो फिर से शुरू किया जा सकता है। लेकिन एक बार बीता हुआ समय, दुनिया की सारी दौलत मिलकर भी वापस नहीं लाया जा सकता है। इसी बात को समझाते हुए प्रसिद्ध विचारक हार्वे मैके ने कहा है, “Time is free, but it's priceless.” अर्थात समय मुफ़्त है, लेकिन अनमोल है। आप उसे जमा नहीं कर सकते, खरीद नहीं सकते और उधार भी नहीं ले सकते। आप केवल उसका सही या गलत उपयोग कर सकते हैं।
दोस्तों, कल्पना करके देखियेगा, यदि धन से समय खरीदा जा सकता, तो दुनिया का कोई भी अरबपति मृत्यु को स्वीकार नहीं करता। वह अपनी संपत्ति देकर कुछ वर्ष और खरीद लेता। लेकिन प्रकृति का नियम सबके लिए समान है। हर व्यक्ति को प्रतिदिन केवल 24 घंटे मिलते हैं। अंतर इस बात का होता है कि कोई इन घंटों को केवल खर्च करता है और कोई उन्हें जीवन जीने में निवेश करता है। इसी बात को समझाते हुए वॉरेन बफेट ने एक बार कहा था, "The rich invest in time, the poor invest in money." अर्थात बुद्धिमान लोग समय का निवेश करते हैं, केवल धन का नहीं।
दोस्तों, समय का सबसे श्रेष्ठ उपयोग केवल धन कमाने में नहीं, बल्कि जीवन कमाने में है। इसलिए ऐसा जीवन जियें जिसमें सेवा हो, संवेदनाएँ हों, सीखने की ललक हो, रिश्तों में अपनापन हो और ईश्वर के प्रति कृतज्ञता हो। याद रखिएगा, जो समय केवल स्वार्थ, तुलना और संग्रह में बीत जाता है, वह अंततः जीवन में खालीपन छोड़ जाता है। लेकिन जो समय किसी के आँसू पोंछने, किसी का हाथ थामने, किसी को प्रेरित करने, अपने माता-पिता के साथ बैठने, बच्चों के साथ मुस्कुराने या स्वयं को बेहतर बनाने में लगता है, वही समय जीवन की वास्तविक पूँजी बन जाता है। इसी बात को समझाते हुए स्टीव जॉब्स ने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के अपने प्रसिद्ध भाषण में कहा था, “Your time is limited, so don't waste it living someone else's life.” अर्थात आपके पास सीमित समय है, इसलिए उसे दूसरों की अपेक्षाओं के अनुसार जीकर व्यर्थ मत कीजिए।
दोस्तों, जीवन के अंत में यह मायने नहीं रखेगा की आपने कितना धन कमाया। लेकिन यह जरूर मायने रखेगा की आपने अपने समय का उपयोग कैसे किया। आपकी वजह से कितने लोग मुस्कुराए, कितने लोगों ने अपना जीवन आसान बनाया, आपने कितना प्रेम बाँटा और कितना सीखा। याद रखिएगा, सही मायने में यही बातें आपके जीवन की वास्तविक सफलता तय करती है। इसलिए आज से केवल बैंक बैलेंस बढ़ाने का नहीं, बल्कि जीवन के मूल्य को बढ़ाने का भी लक्ष्य रखिए क्योंकि धन जीवन में सुविधाएँ दे सकता है, लेकिन समय का सदुपयोग जीवन को सार्थकता देता है।
-निर्मल भटनागर
एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर




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