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सीखिए छोड़ना, ताकि सीख सकें कुछ नया पाना…

  • Writer: Nirmal Bhatnagar
    Nirmal Bhatnagar
  • Aug 24, 2025
  • 3 min read

Aug 24, 2025

फिर भी ज़िंदगी हसीन है…

सीखिए छोड़ना, ताकि सीख सकें कुछ नया पाना…


दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है कि परफ्यूम की दुकानों में कॉफी बीन्स क्यों रखी और सुँघाई जाती हैं? चलिए मैं ही बताता हूँ, जब आप लगातार अलग-अलग ख़ुशबू वाले परफ्यूम सूंघते हैं, तो कुछ समय बाद आपका मस्तिष्क थक जाता है और सुगंधों में फ़र्क़ करना बंद कर देता है। उस वक्त कॉफ़ी बीन्स की तेज़ ख़ुशबू आपके मस्तिष्क को “रीसेट” कर देती है और आप एक बार फिर नए परफ्यूम की ख़ुशबू को महसूस करने या पहचानने में सक्षम हो जाते हैं। कॉफ़ी बीन्स सूंघ कर पुरानी ख़ुशबू को भूलना और फिर नई ख़ुशबूओं को सूंघ कर पहचानने की इस प्रक्रिया को अनलर्निंग और रिलर्निंग के समान माना जा सकता है।


जिस तरह पुरानी ख़ुशबू को भूलना आपको नई ख़ुशबू को सूंघने के लिए तैयार करता है, ठीक वैसे ही पुराने अनुभवों को भूलकर जीवन में नई चीजों को सीखकर आगे बढ़ा जा सकता है। यह स्थिति कुछ-कुछ जंक और टेम्प फाइल के कारण धीमे हुए कंप्यूटर समान होती है, जिसे डिलीट और रिसेट कर कंप्यूटर को फिर से तेज बनाया जा सकता है। कंप्यूटर के समान ही हमारा जीवन कई बार रिश्तों की खटास, पुराने अनुभव, असफलताओं या खुद के बनाए हुए डर के कारण रुक सा जाता है और हमें जीवन में आगे बढ़ना असंभव सा लगने लगता है। ऐसी विकट स्थिति में कंप्यूटर के समान मन को “रीसेट” करना याने पुरानी, अनुपयोगी या अवरोधक मान्यताओं और आदतों को अन-लर्न करना या छोड़ देना, आपको जीवन में नई ऊर्जा के साथ बढ़ने के लिए तैयार करता है।


इसलिए मैं अनलर्निंग को जीवन में नई खुशबू को अपनाने की कला मानता हूँ। वैसे भी जो चीज हमारे विकास में बाधा है, उसे सचेत रहते हुए छोड़ना या किनारे रखना आवश्यक है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे मोबाइल में स्पेस बनाने के लिए पुरानी और अनुपयोगी फाइलों को डिलीट करना या अलमारी में नए कपड़ों के लिए जगह बनाने के लिए पुराने कपड़ों को उसमें से हटाना या फिर जीवन को बेहतर बनाने के लिए मन से नकारात्मक विचारों को दूर करना।


जब हम "अनलर्न" करते हैं, तो हमारे भीतर नई सीखने और नई खुशबू महसूस करने की जगह बनती है। इसी बात को अगर विस्तार से समझा जाये तो अनलर्न करना रचनात्मकता बढ़ाता है क्योंकि जब हम पुराने सोच के बंधनों को तोड़ते हैं, तभी नए विचार जन्म लेते हैं और नए विचार रचनात्मकता बढ़ाते हैं। इसी तरह आप अनलर्निंग से रिश्तों को संवार सकते हैं; इससे व्यवसायिक सफलता ले सकते हैं और तो और अतीत के बोझ को छोड़कर आप इससे आत्मिक शांति पा सकते हैं; जीवन को सरल बना सकते हैं।


अनलर्निंग करना सीखने के लिए निम्न चार सूत्र अपनाएँ-

1) सचेत होकर स्वीकारें कि हर अनुभव स्थायी नहीं होता है।

2) रोज़ाना एक मिनट रुकें और सोचें, “आज मैं किस नकारात्मक आदत या विचार को छोड़ सकता हूँ?”

3) कृतज्ञता अपनाएँ क्योंकि जब हम धन्यवाद देना सीखते हैं, तब शिकायतें अपने आप कम हो जाती हैं।

4) नए अनुभव लें और इसके लिए हमेशा याद रखें कि पुराने अनुभवों को किनारे किए बिना नया सीखना संभव नहीं है।


जिस तरह दोस्तों, परफ्यूम की दुकान में कॉफी बीन्स सूंघें बिना नई ख़ुशबू आकर्षक नहीं लगती, वैसे ही, अगर जीवन में आप "अनलर्न" नहीं करेंगे, तो नई खुशियाँ और अवसर भी आपके लिए साधारण हो जाएँगे। इसलिए हमेशा याद रखें, पुराने को छोड़ना कमजोरी नहीं, बल्कि नए सशक्त जीवन की ओर पहला कदम होता है। इसलिए दोस्तों, पुराने दुख, गलतियों और असफलताओं को छोड़ दें और अपने भीतर जगह बनायें, ताकि नए सपने, नए रिश्ते और नई सफलताएँ आपके जीवन को महका सके।


-निर्मल भटनागर

एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर

 
 
 

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