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सीखें जीवन जीने की सुन्दर कला !!!

  • Writer: Nirmal Bhatnagar
    Nirmal Bhatnagar
  • 20 hours ago
  • 2 min read

Apr 7, 2026

फिर भी ज़िंदगी हसीन है…


दोस्तों, यकीन मानियेगा हम सबका जीवन बहुत शांत और सरल हो सकता है। उसे जटिल तो हमारी सोच बनाती है। अक्सर हम छोटी-छोटी बातों में उलझ जाते हैं। जैसे किसने क्या कहा; किसने क्या नहीं किया; किसने हमारा साथ नहीं दिया और धीरे-धीरे ये बातें हमारे मन में बोझ बन जाती हैं। बीतते समय के साथ इसी बोझ के कारण हम अक्सर नकारात्मक प्रतिक्रिया देने लगते हैं। जैसे बदला लेना; याद रखियेगा किसी से बदला लेना बहुत आसान है, लेकिन किसी का उपकार चुकाना बहुत कठिन। लेकिन नकारात्मक चुनावों की वजह से हम बदला लेने के भाव में तो बहुत जल्दी आ जाते हैं, और उन लोगों को भूल जाते हैं, जो कठिन समय में हमारे साथ खड़े थे। याद रखिएगा दोस्तों, अच्छे समय में तो सब साथ होते हैं, लेकिन बुरे समय में जो साथ निभाते हैं, वही असल में हमारे अपने होते हैं।


हमारी सोच में यह बदलाव मेरी नजर में सिर्फ़ एक बात की वजह से आया है। आज के समय में हम पैसे और सुविधाओं को ही सब कुछ मान बैठे हैं। लेकिन सच्चाई कुछ और है। पैसे से केवल बिल चुकाए जा सकते हैं, रिश्ते नहीं। अगर आपके पास सब कुछ है, लेकिन संतोष नहीं है, तो फिर अभाव आपको हमेशा सताता रहेगा। अगर आपके पास बहुत कुछ है, लेकिन मन में शांति नहीं है, तो आपका अपना स्वभाव ही आपको परेशान करता रहेगा।


दोस्तों, समस्या जीवन में नहीं, हमारी दृष्टि में होती है। इसीलिए कुछ लोग कम में भी खुश रहते हैं, और कुछ लोग सब कुछ पाकर भी दुखी रहते हैं। याद रखिएगा, खुशी पाने से नहीं, देखने के नज़रिये से आती है। हम अक्सर खोई हुई चीज़ों का दुख मनाते रहते हैं, और जो हमारे पास होता है उसकी कद्र करना भूल जाते हैं। अगर आप हर समय यह सोचेंगे कि - “मेरे पास क्या नहीं है ?” तो जीवन हमेशा अधूरा लगेगा। लेकिन इसके विपरीत अगर आप यह देखना शुरू कर देंगे कि “मेरे पास क्या है?” तो वही जीवन आपको खूबसूरत लगने लगेगा।


दोस्तों, इस जीवन में धनवान बनने से ज़्यादा जरूरी, दिलवान बनना है। पैसा आपको सुविधा दे सकता है, लेकिन सच्ची खुशी केवल आपके स्वभाव से आती है। जीवन बदलने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन उसे आसान बनाने के लिए समझदारी चाहिए। कई बार हम बिना वजह प्रतिक्रिया दे देते हैं, बिना सोचे बोल देते हैं और बाद में वही बातें हमें अंदर से परेशान करती रहती हैं। इसलिए थोड़ा रुकना सीखिए… थोड़ा समझना सीखिए… और थोड़ा छोड़ना भी सीखिए।


याद रखिएगा, छोटे बनकर रहोगे, तो जीवन में प्रेम और शांति बनी रहेगी क्योंकि जैसे-जैसे अहंकार बढ़ता है, वैसे-वैसे रिश्ते दूर होते जाते हैं। अंत में बस एक बात याद रखिएगा, जीवन से शिकायत करने से कुछ नहीं बदलता, लेकिन उसे स्वीकार करने से सब कुछ बदल सकता है। इसलिए जो है, उसे अपनाइए… जो नहीं है, उसके लिए प्रयास कीजिए… और जो चला गया, उसे जाने दीजिए क्योंकि शांति और आनंद उसी के जीवन में आता है, जो शिकायतों में नहीं, कृतज्ञता में जीना सीख लेता है।

और शायद यही, जीवन जीने की सबसे सुंदर कला है।


निर्मल भटनागर

एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर

 
 
 

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