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अपनी ऊर्जा को शांत और सकारात्मक बनाए रखें…

  • Writer: Nirmal Bhatnagar
    Nirmal Bhatnagar
  • 11 minutes ago
  • 2 min read

Feb 18, 2026

फिर भी ज़िंदगी हसीन है…


दोस्तों, अक्सर हम सोचते हैं कि जीवन केवल घटनाओं से चलता है, लेकिन सच्चाई इसके इतर है। हमारा जीवन केवल घटनाओं से नहीं बल्कि उन अदृश्य तरंगों से चलता है जिन्हें हम विचार, भाव और ऊर्जा कहते हैं। इनका अच्छा या बुरा होना ही हमारे जीवन को अच्छा या बुरा बनाता है। जब कोई व्यक्ति आपके बारे में नकारात्मक बातें फैलाता है, तो पहली प्रतिक्रिया क्या होती है? गुस्सा… दुख… या बदला लेने की इच्छा। लेकिन एक गहरा सत्य यह है, जो व्यक्ति नकारात्मकता फैलाता है, वह वास्तव में अपनी ही ऊर्जा को भारी कर रहा होता है। वह जो दूसरों के लिए सोचता है, वही उसके भीतर जमा होता है। ब्रह्मांड का नियम बहुत सीधा है, जो आप बाहर भेजते हैं, वही किसी न किसी रूप में आपके पास लौटता है। इसलिए अगर कोई आपके लिए बुरा सोच रहा है, तो वह आपके जीवन से नकारात्मकता हटाकर खुद पर ले रहा है। आपका काम केवल इतना है, अपनी ऊर्जा को शांत और सकारात्मक बनाए रखना।


कभी आपने अनुभव किया होगा, कभी किसी अनजान व्यक्ति से मिलते ही मन हल्का हो जाता है। ऐसा लगता है जैसे वर्षों से जानते हों। न कोई दिखावा, न कोई बनावट, बस सहज अपनापन। लेखिका एलेक्ज़ेंड्रा आर्डोनेटो ने सही कहा है, “कभी-कभी आप किसी से मिलते हैं और तुरंत जुड़ जाते हैं, मानो हमेशा से जानते हों।” ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ऊर्जा पहचानती है ऊर्जा को। जब किसी का मन साफ़ होता है, तो उसके आसपास विश्वास का वातावरण बनता है और विश्वास… दुनिया की सबसे दुर्लभ मुद्रा है।


इसी सच्चाई को अपने जीवन से सिद्ध किया नेल्सन मंडेला ने 27 वर्षों तक जेल में रहने के बाद भी जब वे बाहर आए, तो उन्होंने बदला नहीं चुना, उन्होंने मेल-मिलाप चुना। दुनिया को लगा था कि वे क्रोध से भरे होंगे। लेकिन उन्होंने कहा, “अगर मैं जेल से नफरत लेकर निकलता, तो मैं अब भी कैदी ही रहता।” उनकी अच्छाई ने लोगों के दिलों में ऐसा विश्वास पैदा किया कि उनके विरोधी भी उनके सम्मान में खड़े हो गए। यही अच्छाई की असली शक्ति है, वह शोर नहीं करती, लेकिन विश्वास बना देती है।


दोस्तों, वास्तव में लोग हमें शब्दों से नहीं, ऊर्जा से पहचानते हैं। आप कितने पढ़े-लिखे हैं, कितने सफल हैं, यह बाद में दिखता है। सबसे पहले लोग महसूस करते हैं, आपके आसपास रहकर उन्हें कैसा लगता है। अगर आपके पास बैठकर उन्हें शांति मिलती है, तो समझिए आपने जीवन की सबसे बड़ी सफलता पा ली।


याद रखिए, अच्छाई तुरंत परिणाम नहीं देती, लेकिन स्थायी परिणाम देती है। नकारात्मकता जल्दी असर दिखाती है, लेकिन जल्दी खत्म भी हो जाती है। अच्छाई धीरे काम करती है, लेकिन गहराई तक असर करती है।


आज से एक छोटा-सा संकल्प लें, किसी की नकारात्मकता का उत्तर नकारात्मकता से नहीं देंगे। हम अपनी ऊर्जा को इतना शांत और उज्ज्वल बनाएँगे कि दूसरों की नकारात्मकता हम तक पहुँच ही न सके क्योंकि अंत में नाम, पद और पहचान नहीं, आपकी ऊर्जा और आपकी अच्छाई ही आपकी पहचान बनती है और जो व्यक्ति अच्छाई बोता है, वही जीवन में विश्वास की फसल काटता है।


-निर्मल भटनागर

एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर

 
 
 

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