अपनी योग्यता से दूसरों के चेहरे पर लायें मुस्कान !!!
- Nirmal Bhatnagar

- 2 days ago
- 3 min read
Feb 21, 2026
फिर भी ज़िंदगी हसीन है…

दोस्तों, मेरी नजर में प्रतिभा, ज्ञान और कौशल होने से ज्यादा जरूरी योग्य होना है क्योंकि मेरा मानना है कि जीवन को उपयोगी और अर्थपूर्ण बनाने के लिए प्रतिभावान और ज्ञानी बनने के पीछे भागने के मुकाबले, जो हम जानते हैं, उसका उपयोग सही समय और सही स्थान पर करने में हैं। इस दुनिया में असंख्य प्रतिभाशाली लोग हैं। उनमें से कुछ बहुत बुद्धिमान, कुछ कुशल और कुछ बहुत प्रभावशाली होंगे। लेकिन इतिहास हमें बताता है कि हर प्रतिभाशाली व्यक्ति महान नहीं बना है।
दोस्तों, महान वही बनता है जो अपनी योग्यता को केवल अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए भी उपयोग करता है। इसलिए ही कहा गया है कि ‘ज्ञान सिर्फ़ दिखाने के लिए हो, तो वह अहंकार बन जाता है और अगर कौशल सिर्फ़ कमाने के लिए हो, तो वह साधन बन जाता है। लेकिन जब यही ज्ञान और कौशल सेवा बन जाएँ, तब वही योग्यता जीवन का उद्देश्य बन जाती है।’ उदाहरण के लिए मदर टेरेसा को ही ले लीजिए। उनके पास न तो कोई बड़ा पद था और न ही अपार संपत्ति। उनके पास अगर कुछ था तो बस करुणा थी। उन्होंने उसी करुणा को अपना मिशन बना लिया और अपनी क्षमता का उपयोग पीड़ितों की सेवा में किया। इसके परिणामस्वरूप उन्हें दुनिया से सम्मान के साथ-साथ लाखों दिलों की दुआ भी मिली।
दोस्तों, अक्सर हम सोचते हैं, “जब मैं सफल हो जाऊँगा, तब समाज के लिए कुछ करूँगा।” लेकिन सच्चाई उलटी है, जब आप समाज के लिए कुछ करना शुरू करते हैं, तभी आप सही मायने में सफल होना शुरू करते हैं। इसलिए अगर आप शिक्षक है तो अपनी योग्यता से किसी बच्चे का भविष्य बदलिए। अगर आप डॉक्टर हैं, तो अपनी योग्यता से हमेशा किसी की जिंदगी बचाने का प्रयास कीजिए और अगर आप विद्यार्थी हैं, तो इस नजरिये के साथ सीखिये कि आपकी योग्यता भविष्य का समाज बना सकती है। कुल मिलाकर महत्वपूर्ण यह नहीं है कि आप क्या कर सकते हैं, महत्वपूर्ण तो यह है कि आप अपनी क्षमता का उपयोग किस दिशा में कर रहे हैं।
याद रखिएगा, प्रतिभा ईश्वर का उपहार है। लेकिन उसका उपयोग कैसे करना है यह आपका निर्णय है। यदि योग्यता केवल स्वार्थ में लगे, तो वह सीमित रह जाती है और यदि वही योग्यता प्रेम के साथ सेवा में लगे, तो अमर हो जाती है। इसी बात को समझाते हुए मदर टेरेसा ने कहा था, “हम सब बड़े काम नहीं कर सकते, लेकिन छोटे काम बहुत प्रेम से कर सकते हैं।”
दोस्तों, अगर आपका लक्ष्य अपने जीवन को बड़ा बनाने के साथ-साथ अर्थपूर्ण बनाना है तो आज स्वयं से एक सवाल पूछिएगा, “मैं जो कार्य कर रहा हूँ या मेरी प्रतिभा जहाँ उपयोग में आ रही है उससे किसका भला हो रहा है?” अगर उत्तर छोटा याने ‘मैं’ और ‘मेरा’ के आसपास नजर आए, तो उसे बड़ा बनाइए। याने अपनी योग्यता का लाभ समाज तक पहुंचाइये।
अगर इसी प्रश्न का उत्तर ‘नहीं’ हो, तो आज से शुरुआत कीजिए क्योंकि अंत में जीवन आपसे यह नहीं पूछेगा कि आप कितने योग्य थे, वो तो आपसे पूछेगा कि आपने अपनी योग्यता से कितने लोगों के जीवन को बेहतर बनाया। याद रखियेगा दोस्तों, जिस दिन आपकी योग्यता किसी और की मुस्कान बन जाए, उसी दिन आपका जीवन सच में सार्थक हो जाता है।
-निर्मल भटनागर
एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर




Comments