आत्मविश्वास बनाएँ रखें…

Oct 9, 2026
फिर भी ज़िंदगी हसीन है…

दोस्तों, सामान्यतः बारिश के दौरान छाता खोलना, बारिश को बंद नहीं करता, वो तो बस हमें बारिश के बीच भी आगे बढ़ने की ताकत देता है। आत्मविश्वास भी जीवन का ऐसा ही छाता है, जो हमें सफलता की गारंटी तो नहीं देता, पर असफलता, कठिनाई और अनिश्चितता के दौर में खड़े रहने की ताक़त ज़रूर देता है।
जी हाँ, हर किसी को जिंदगी में कभी ना कभी बारिश याने असफलता, आर्थिक परेशानी, अनिश्चितता, रिश्तों की खटास, आवश्यक मेहनत के बाद भी अनपेक्षित परिणाम और कठिनाई के दौर का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ख़ुद से ये सवाल करना कि, “बारिश कब रुकेगी?” याने “परेशानियाँ कब ख़त्म होगी?”, सही नहीं है। इसके स्थान पर हमें ख़ुद से सिर्फ़ इतना पूछना चाहिए कि, “क्या मेरे पास इतना विश्वास है कि मैं इस बारिश में खड़ा रह सकूँगा?”
दोस्तों, आत्मविश्वास का अर्थ कभी भी डर लगना नहीं है। इसका अर्थ तो सिर्फ़ इतना है कि डर के बावजूद भी हम आगे बढ़ते रहेंगे। अर्थात् आत्मविश्वास कभी भी यह नहीं कहता, “मैं कभी असफल नहीं होऊँगा।” वह तो कहता है, “अगर मैं असफल हो भी गया, तो मैं फिर से कोशिश करूँगा।” इसी बात को समझाते हुए हेनरी डेविड थोरो ने कहा था, “यदि व्यक्ति पूरे विश्वास के साथ अपने सपनों की दिशा में आगे बढ़ता है और उस जीवन को जीने का प्रयास करता है, जिसकी उसने कल्पना की है, तो उसे ऐसी सफलता मिल सकती है, जिसकी उसने सामान्य परिस्थितियों में कल्पना भी नहीं की थी।” याने केवल सपना देखना पर्याप्त नहीं है। अपने सपने की दिशा में लगातार चलना जरूरी है। इसलिए आत्मविश्वास की असली परीक्षा तब होती है जब परिणाम दिखाई नहीं दे रहा हो, लोग सवाल उठा रहे हों और खुद हमें भी अपने निर्णय पर संदेह हो रहा हो, तब अपने प्रयास पर विश्वास बनाए रखना ही धीरे-धीरे आत्मविश्वास को हमारी ताकत बना देता है।
लेकिन आपने क्या हासिल किया और कैसा महसूस किया, इन दोनों के बीच का संतुलन भी सफलता की एक और कसौटी है, जिसे अक्सर हम भूल जाते हैं। पैसा, पद, नाम और पहचान सफलता का पैमाना हो सकता है। लेकिन अगर इनके बाद भी मन बेचैन है, रिश्ते खाली हैं और स्वास्थ्य पीछे छूट गया है, तो मेरी नजर में आप सफल नहीं हैं। सच्ची सफलता तो आपको तब मिलती है जब आपकी उपलब्धियां और आपकी संतुष्टि साथ-साथ चलती है।
दोस्तों, अपने सपनों को छोटा मत कीजिए, लेकिन सफलता की परिभाषा भी दूसरों की तालियों से तय मत कीजिए। जीवन में ऐसे लक्ष्य चुनिए जिन्हें हासिल करते हुए आप खुद को खो न दें। इस राह में चुनौतियों, असफलताओं आदि सब की बारिश आएगी, बस उस वक्त अपने आत्मविश्वास का “छाता” खोल लीजिएगा। ऐसा करना समय के साथ आपको मुश्किल दौर में विश्वास के साथ चलना सीखा देगा।
याद रखिएगा, सफल व्यक्ति वह नहीं जिसके जीवन में कभी तूफान नहीं आया। सफल तो वह है जिसने तूफान के बीच भी अपनी दिशा नहीं खोई। इसलिए ही कहते हैं, आप जीवन में कितना आगे गए केवल यही आपकी सफलता तय नहीं करता। बल्कि यह जानना कि जिस दिशा में मैं आगे बढ़ा था, क्या वह सचमुच मेरी थी?, आपको सफल बनाता है। ऐसा मैं इसलिये कह रहा हूँ क्योंकि दिशा सही होना आपको मुश्किल दौर में आत्मविश्वास बनाए रखने में मदद करता है और मंजिल पाने के साथ, संतुष्ट होना आपको सफल बनाता है।
-निर्मल भटनागर
एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर




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