कभी भी हार ना मानें…
- Nirmal Bhatnagar

- Sep 7, 2025
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Sep 7, 2025
फिर भी ज़िंदगी हसीन है…

आइए दोस्तों, आज के इस शो में, मैं आपसे एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात कहना चाहता हूँ। एक ऐसी बात जो आपकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल सकती है। आपके हर सपने को पूरा कर सकती है। जी हाँ सही सुना आपने, एक ऐसी बात जो आपको बुरे से बुरे दौर में भी विजेता बना सकती है। तो चलिए एक प्रश्न से इसकी शुरुआत करते हैं-
चलिए बताइए, असली विजेता कौन होता है? क्या कहा आपने जो हमेशा जीतता है! मेरी नजर में तो नहीं! जी हाँ सही सुना आपने, मेरी नजर में असली विजेता वो नहीं है जो हमेशा जीतता है, मेरी नजर में तो असली विजेता वो है, जो कभी हार नहीं मानता है।
दोस्तों, जीवन तो हर दिन आपकी परीक्षा लेता है याने हर दिन; हर सुबह जब आप उठते हैं, तो जिंदगी आपके सामने एक नई चुनौती रखती है। जिसमें कभी आपको अपने सपने पीछे छूटते या टूटते नज़र आते हैं, तो कभी परिस्थितियाँ आपको अपने विपरीत नजर आती है, तो कभी आपको अपने ही लोग, अपने ख़िलाफ़ खड़े नजर आते हैं तो कभी अपने ही साथ छोड़ जाते हैं। ऐसे विपरीत और चुनौतीपूर्ण समय में ऐसा लगता है मानो सब कुछ ख़त्म सा हो गया है। ऐसे में हार मान लेना स्वाभाविक और आसान लगता है। लेकिन दोस्तों! जो इंसान ऐसी विकट परिस्थितियों में अपने लक्ष्य पर डटा रहता है, और धैर्य व साहस के साथ आगे बढ़ता है, मेरी नजर में तो वो अंतिम परिणाम आने के पहले ही जीत चुका होता है!
याद रखिए मित्रों, जब तक आप हार नहीं मानते, तब तक आप हारे नहीं हैं! और हाँ एक बात और जो मैं आपको इस वक्त बताना चाहूँगा कि मुश्किल दौर में हंसना मजाक नहीं है, यह तो असली साहस की निशानी है। यकीन मानियेगा, जब हम हिम्मत हार जाते हैं, तो समस्या और भी बड़ी लगने लगती है। लेकिन जब हम मुश्किल हालात में भी मुस्कुराने की ताकत रखते हैं, तब हम परिस्थिति से ऊपर उठ जाते हैं!
चलिए अपनी बात को मैं आपको एक सच्ची घटना से समझाने का प्रयास करता हूँ। एक बार मेरा एक परिचित अपने व्यवसाय में बुरी तरह असफल हो गया। हालात कुछ ऐसे थे कि उसके लिए रोज़मर्रा की ज़रूरतों को पूरा करना भी मुश्किल होता था। लेकिन ऐसी विषम परिस्थितियों में भी वह एकदम ख़ुश, मुस्कुराता हुआ रहता था। एक बार मैंने उससे पूछा, “तुम इतनी मुश्किलों के बाद भी हमेशा हंसते कैसे हो?” दोस्तों, उस परिचित का जो जवाब था उसने ना सिर्फ़ मेरे मुश्किल दौर में मेरा साथ दिया बल्कि इस क्षण में भी उसके शब्द मेरे कानों में गूंज रहे हैं। उसने मुस्कुराते हुए कहा था, “क्योंकि मैंने समझ लिया है कि रोने से मुश्किल कम नहीं होती... लेकिन हंसने से मुश्किल का डर जरूर कम हो जाता है!” वाह! क्या बात कही थी उसने!
दोस्तों, इसी जवाब की वजह से मैंने शुरुआत में कहा था, जीत केवल ट्रॉफ़ी जीतने का नाम या फिर केवल अपनी मंजिल पाने का नाम नहीं है। दोस्तों, असली जीत तो हार ना मानने में है; विषम से विषम परिस्थितियों में अपनी उम्मीद को जिंदा रखने में है और कठिनाइयों के बीच खड़े रहकर मुस्कुराने का साहस जुटाने में है। याद रखियेगा दोस्तों, अगर आप असफलता पर हंस सकते हैं, तो वह असफलता भी आपको तोड़ नहीं सकती है! अगर नकारात्मकता के अंधेरे में भी आप उम्मीद का दिया जलाये रख सकते हैं, तो आपको कोई भी असफलता हरा नहीं सकती है।
दूसरे शब्दों में कहूँ तो, आपका वो रूप जो हार नहीं मानता, वह पहले से ही विजेता है! आपका वो रूप जो कठिन समय में भी मुस्कुराना जानता है, वही जीवन को सचमुच में जीतता है! इसका अर्थ हुआ जीवन की हर कठिनाई आपके इरादों की परीक्षा है।
इसलिए मेरा कहा मानिए और हर हालात में मुस्कुराइए क्योंकि मुस्कुराना आपकी सबसे बड़ी शक्ति है! विपरीत दौर की आंधी के बाद भी मैदान में डटे रहिए क्योंकि यह आपकी सबसे बड़ी जीत है! याने हर हाल में आगे बढ़ते रहिए क्योंकि यह आपकी सबसे बड़ी विजय है!
अंत में इतना ही कहूँगा दोस्तों कि असली जीत मंजिल पर नहीं होती... बल्कि उस सफर में छुपी होती है, जिसमें आप कभी हार नहीं मानते! इसलिए आज से आप वो इंसान बनिए जो कभी हार नहीं मानता! जो हमेशा मुस्कुराता रहता है! जो लगातार आगे बढ़ता रहता है! क्योंकि यही असली विजेता का DNA है।
-निर्मल भटनागर
एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर




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