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जिएँ जीवन महसूस करते हुए…

  • Writer: Nirmal Bhatnagar
    Nirmal Bhatnagar
  • May 22
  • 3 min read

May 22, 2026

फिर भी ज़िंदगी हसीन है…

जिएँ जीवन महसूस करते हुए…


दोस्तों, “जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी असफल होना नहीं है, बल्कि असफल होने तक यह पता ही नहीं चलना है कि हमने यह जीवन किस उद्देश्य के साथ जिया है और इस यात्रा में हमारे साथ कौन था और कौन नहीं।” जी हाँ, यह जानना वाक़ई महत्वपूर्ण है अन्यथा आप अपने जीवन को पूरी तरह जी नहीं पाएँगे। इसलिए मेरी सलाह मानिए और असफलता की चिंता छोड़ कर, शांति के साथ अपने जीवन को देखिए। ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि हममें से ज्यादातर लोग बिना गहराई से जाने-समझे किसी ना किसी चीज के पीछे कहीं न कहीं दौड़ रहे हैं। कोई सफलता के पीछे है, कोई सम्मान के पीछे, कोई सुरक्षा के पीछे है, तो कोई उस जीवन के पीछे जिसकी उसने कभी कल्पना की थी। इसी वजह से हम सुबह से रात तक इतने व्यस्त हो गए हैं कि हमें यह देखने का समय ही नहीं मिलता कि इस यात्रा में हमारे साथ कौन चल रहा है और कौन नहीं। इसी वजह से हम मान लेते हैं कि लोग हमारे साथ हैं; हम मान लेते हैं कि हमारे रिश्ते हमेशा ऐसे ही बने रहेंगे; हम मान लेते हैं कि जिन लोगों को आज हम समय नहीं दे पा रहे, वे कल भी हमारे इंतज़ार में यहीं मिलेंगे। लेकिन दोस्तों, यह जीवन इतनी गारंटी नहीं देता।


दोस्तों, सच्चाई तो सिर्फ इतनी है कि हमारे जीवन की सबसे बड़ी भूल सफलता की दौड़ में दौड़ना नहीं, बल्कि रिश्तों की उपेक्षा करना है। हम मंज़िल तक जल्दी पहुँचने की चाह में रास्ते में चल रहे लोगों को देखना भूल जाते हैं। फिर एक दिन जीवन में अचानक ठहराव आ जाता है याने जब जीवन में असफलता, बीमारी या किसी वजह से दिल टूट जाता है या फिर कोई एक ऐसा दिन आता है जब भीतर बहुत अशांति होती है; शोर होता है और बाहर बहुत सन्नाटा रहता है उसी दिन पहली बार हमें दिखाई देता है कि हमारी इस भागमभाग वाली यात्रा में कौन हमारी भौतिक सफलताओं के साथ था और कौन हमारे मन के साथ।


दोस्तों, याद रखियेगा हर मुस्कुराकर साथ चलने वाला व्यक्ति हमारा अपना नहीं होता और हर चुप रहने वाला व्यक्ति हमारे अंतर्मन; हमारे दिल से दूर नहीं होता। इस दुनिया में कुछ लोग आपकी सफलता से प्रेम करते हैं, तो कुछ लोग आपके संघर्ष से। इसी तरह कुछ लोग आपके साथ तस्वीरों में दिखाई देते हैं, तो कुछ लोग आपके जीवन की कहानी में अपना किरदार खुल कर निभाते हैं।


याद रखिएगा, जब जीवन अच्छा होता है, तब भीड़ साथ होती है। लेकिन जब जीवन कठिन होता है, तब सत्य साथ होता है और सत्य हमेशा लोगों के रूप में सामने आता है। इसलिए ही मेरा दिल की गहराइयों से मानना है कि जो दोस्त बिना पूछे हमारा हाल जान ले या जो पिता अपनी जरूरतों को दरकिनार कर; अपने डर को छुपाकर आपका साहस बढ़ाए। या फिर जो माँ आपकी आवाज़ से आपकी थकान पहचान ले अथवा जो साथी आपकी असफलता या हार के समय आपका सम्मान कम न होने दे, वही सच्चा होता है। हक़ीक़त में ये लोग हमारे जीवन की उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारे जीवन का अर्थ होते हैं। लेकिन दुख की बात यह है कि हम अक्सर इन्हें “बाद में” ध्यान देने के लिए छोड़ देते हैं। क्योंकि हम सोचते हैं, अभी समय नहीं है। लेकिन याद रखियेगा, जीवन में समय कभी मिलता नहीं है, उसे निकालना पड़ता है और अगर हम समय नहीं निकालते, तो एक दिन समय हमें निकाल देता है।


दोस्तों, जीवन के अंतिम क्षणों में बहुत कम लोग यह सोचते हैं कि काश मैंने और काम किया होता। लेकिन बहुत लोग यह जरूर सोचते हैं, काश थोड़ा और जी लिया होता। काश थोड़ा और सुन लिया होता। काश थोड़ा और साथ बैठ लिया होता। इसलिए आज एक निर्णय लीजिए। थोड़ा धीमे चलिए। हर जीत को किसी अपने के साथ बाँटिए। फोन से ज्यादा चेहरों को देखिए और यह मत मानिए कि लोग हमेशा इंतज़ार करेंगे क्योंकि जीवन की असली सफलता इस बात में नहीं कि आप कितने सफल हुए; कितनी ऊँचाई तक पहुँचे, बल्कि इस बात में है कि ऊँचाई पर पहुँचकर भी आपके पास कौन बचा रहा।


दोस्तों, असफल होने से; गिरने से डरिए मत क्योंकि कई बार गिरना हमें यह याद नहीं दिलाता या सिखाता कि हम कितने कमजोर हैं, बल्कि यह सिखाता या याद दिलाता है कि हमारे लिए कौन अब भी खड़ा है।


-निर्मल भटनागर

एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर

 
 
 

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