बनाएँ औरों का जीवन आसान…
- Nirmal Bhatnagar

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Sep 9, 2026
फिर भी ज़िंदगी हसीन है…

हर इंसान चाहता है कि उसके काम को पहचाना जाए। लोग उसकी तारीफ़ करें, उसकी उपलब्धियों का उल्लेख करें और उसे सम्मान की दृष्टि से देखें। इसमें मजे की बात तो यह है कि जिसे सम्मान की सबसे अधिक चाह होती है, अक्सर उसे समाज से सम्मान मिलता नहीं है क्योंकि सम्मान माँगने से नहीं मिलता। वह तो उस वक्त मिलता है जब आपका काम, आपका हुनर, आपका व्यवहार आपके बारे में बोलने लगता है। संभव है आप किसी कला में माहिर हों, आपने वर्षों तक कड़ी मेहनत करके कोई हुनर सीखा हो। यह भी संभव है कि आपने अपने क्षेत्र में ऐसी दक्षता हासिल की हो, जिसके कारण लोग आपकी विशेषज्ञता को स्वीकार करते हों। यह सभी उपलब्धियां आपको खुशी दे सकती हैं, आपके आत्मविश्वास को बढ़ा सकती हैं और आपकी प्रतिष्ठा में चार चांद लगा सकती हैं। लेकिन इसकी वजह से आपको सम्मान मिले या इसे उत्कृष्टता की सबसे ऊँची अवस्था माना जाए, जरूरी नहीं है। क्योंकि उत्कृष्टता की सबसे ऊँची अवस्था वह नहीं है, जहाँ लोग कहते हैं, “यह व्यक्ति अपने काम में बहुत अच्छा है।” सबसे ऊँची अवस्था तो वह है, जहाँ लोग कहते हैं, “इसके होने से हमारा काम बेहतर हो जाता है।”
जी हाँ दोस्तों, जब आप दूसरों के जीवन को बेहतर बनाते हैं, तभी उत्कृष्टता का रूपांतरण होता है। इसलिए ही कहते हैं, “एक कुशल व्यक्ति समस्या हल करता है, जबकि एक उत्कृष्ट व्यक्ति दूसरों को समस्या हल करना सिखाता है। इसी तरह एक सफल व्यक्ति अपने लिए अवसर बनाता है, जबकि एक महान व्यक्ति अपने साथ दूसरों के लिए भी अवसर पैदा करता है और एक अच्छा लीडर लक्ष्य हासिल करता है जबकि एक असाधारण लीडर ऐसी टीम तैयार करता है जो उसके बिना भी आगे बढ़ती रहे। यही वो कारण है जिसकी वजह से कुछ लोग पद छोड़ने के बाद भी लोगों के दिलों में बने रहते हैं और कुछ लोग पद पर रहते हुए भी लोगों के मन में जगह नहीं बना पाते।
दोस्तों, कुर्सी अधिकार दे सकती है, लेकिन चरित्र ही आदर दिलाता है। इसलिए अपने जीवन का लक्ष्य केवल इतना मत रखिए कि आप अपने क्षेत्र में सबसे अच्छे बनें। उससे आगे बढ़िए और इसके लिए स्वयं से पूछिए, “मेरी क्षमता से किसका जीवन आसान हो रहा है?”, “मेरे ज्ञान से किसे आगे बढ़ने का साहस मिल रहा है?” और “मेरी सफलता से कितने लोग प्रेरित होकर अपनी क्षमता पहचान रहे हैं?”
याद रखिएगा दोस्तों, आपकी उपलब्धियों की सूची एक दिन पुरानी पड़ जाएगी। पुरस्कारों की चमक भी फीकी पड़ जाएगी। पद और प्रतिष्ठा भी बदल जाएगी। लेकिन किसी व्यक्ति के जीवन में आपके कारण आया सकारात्मक परिवर्तन उसके मन में आपकी ऐसी पहचान बना देगा, जिसे समय भी नहीं मिटा पायेगा। इसलिए उत्कृष्टता को अपना स्वभाव बनाइए, सेवा को उसका उद्देश्य और चरित्र को उसकी नींव और जिस दिन आप ऐसा कर लेंगे, उस दिन आपको सम्मान के लिए किसी मंच, पुरस्कार या प्रशस्ति-पत्र की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। लोग स्वयं आपके लिए खड़े होंगे।
दोस्तों, महारत आपको अपने काम में आनंद देती है, उत्कृष्टता आपको पहचान देती है, लेकिन आपका चरित्र और आपके कर्म ही तय करते हैं कि लोग आपको कितने समय तक सम्मान से याद रखेंगे। इसलिए ही कहा गया है, “जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि वह नहीं कि लोग आपकी सफलता की कहानी सुनाएँ; बल्कि यह है कि आपकी वजह से किसी और की कहानी बदल जाए।”
-निर्मल भटनागर
एजुकेशनल कंसलटेंट एवं मोटिवेशनल स्पीकर




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