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सीखें, खुद से बात करने की कला…
Dec 30, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, हर दिन हम किसी ओर से ज़्यादा या यूँ कहूँ सबसे ज़्यादा ख़ुद से बातें करते हैं। अक्सर यह बात बिना आवाज़ के मन के भीतर चलती और यही तय करती है कि हम जीवन में आगे बढ़ेंगे या पीछे रहेंगे; मजबूत बनेंगे या फिर टूटेंगे। जी हाँ, हमारा भविष्य इस बात से तय होता है कि हम किस लहजे में ख़ुद से बात करते हैं। अगर यह बातचीत डर, आलोचना और पुराने अनुभवों से भरी होती है तो अक्सर “मुझसे नहीं होगा…”, “मैं दबाव में फेल हो जाऊँगा…”, “अगर आज भी गलत हो गया

Nirmal Bhatnagar
Dec 30, 20253 min read


असफलता निखरने की प्रक्रिया का नाम है…
Dec 29, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… Image Credit : mykhel.com दोस्तों, ‘असफलता’, एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही अक्सर मन में डर बैठ जाता है क्योंकि अक्सर माना जाता है कि असफल होना याने जीवन में पीछे रह जाना, लोगों की नज़रों में गिर जाना, या अपने सपनों से दूर हो जाना। लेकिन जीवन के अनुभव ने मेरा परिचय इसके दूसरे रूप से करवाया है। मैंने महसूस किया है कि असफलता कभी भी अंतिम फैसला नहीं होती, वह तो इंसान को तैयार करने की प्रक्रिया होती है। लेकिन जो लोग असफलता से घबराकर रुक जाते है

Nirmal Bhatnagar
Dec 29, 20253 min read


सच्चे रिश्ते आज़ादी में खिलते हैं, क़ैद में नहीं !!!
Dec 28, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, दो बड़े साधारण से शब्द हैं केयर और कंट्रोल, लेकिन अगर इनका सही प्रयोग करना सीख लिया जाये तो जीवन में रिश्तों को ईश्वरीय आशीर्वाद के रूप में लिया जा सकता है। वैसे मैं आपको कोई नई बात नहीं बता रहा हूँ, हममें से ज़्यादातर लोग यह मानते हैं कि हम अपने रिश्तों में “केयर ” कर रहे हैं। इसी वजह से हम सलाह देते हैं, दिशा बताते हैं, नियम बनाते हैं, टोका-टाकी करते हैं और यह सब हम अच्छे इरादे से करते हैं। लेकिन यहीं एक महत्वपूर्ण लेकिन असहज कर

Nirmal Bhatnagar
Dec 28, 20253 min read


क्षमा से अतीत नहीं भविष्य बदलता है !!!
Dec 27, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, हम सभी ने अपने जीवन में कभी-ना-कभी किसी अपने से, किसी साथी से चोट खाई है। कभी यह चोट शब्दों की होती है, तो कभी व्यवहार से, और कई बार तो अपनेपन के नाम पर। ऐसे सभी पलों में मिले दर्द का असर अक्सर बहुत गहरा, भीतर तक बैठ जाने वाला होता है और इसका असर सिर्फ़ उस क्षण तक नहीं, बल्कि लंबे समय तक रहता है जो बीतते समय के साथ हमारी सोच, हमारे रिश्ते और हमारे भविष्य को प्रभावित करने लगता है। ऐसे दौर में अक्सर हम सोचते हैं कि, “जो हुआ वो पूरी

Nirmal Bhatnagar
Dec 27, 20253 min read


विवेक ही जीवन को सही दिशा देता है !!!
Dec 26, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, वर्तमान दौर में इन्फ़ॉर्मेशन को इकट्ठा कर ख़ुद को ज्ञानी दिखाना बड़ा आसान है क्योंकि आज के ज्ञान के इस युग में जानकारी हर जगह याने आप किताबों, इंटरनेट, वीडियो, कोर्सेज़ आदि कहीं से भी इन्फ़ॉर्मेशन इकट्ठा कर सकते हैं। इसलिए हम पहले से कहीं ज़्यादा जानते हैं, ज़्यादा सीखते हैं, ज़्यादा डेटा इकट्ठा करते हैं। लेकिन फिर भी एक सवाल बना रहता है, इतना जानने के बाद भी हम गलत फैसले क्यों ले लेते हैं? मेरी नजर में इस सवाल का जवाब बहुत सरल है

Nirmal Bhatnagar
Dec 26, 20253 min read


ज्ञान ही नहीं, इंसानियत का भाव भी बढ़ाएँ !!!
Dec 25, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, यकीन मानियेगा आज का इंसान पहले से कहीं अधिक जानता है। आज हमारे पास जानकारी है, डेटा है, तर्क है, डिग्रियाँ हैं, तकनीक है। हम याददाश्त तेज़ कर रहे हैं, स्किल्स बढ़ा रहे हैं और सोच को बेहतर या यूँ कहूँ शार्प बना रहे हैं। लेकिन इस सब के पीछे एक गहरी सच्चाई और छिपी हुई है, हम बाहरी सभी चीजों को तो बढ़ा रहे हैं, लेकिन कहीं ना कहीं ख़ुद से दूर होते जा रहे हैं। दूसरे शब्दों में कहूँ तो हमें बाहरी दुनिया का तो पूरा ज्ञान है, लेकिन हम अपनी

Nirmal Bhatnagar
Dec 25, 20253 min read


ज़िंदगी की छह बुनियादी ज़रूरतें...
Dec 24, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… हम सभी ने कभी ना कभी ख़ुद से यह सवाल पूछा है कि, “मैं खुद को समझ क्यों नहीं पाता?” या “मैं वही गलतियाँ बार-बार क्यों दोहराता हूँ?” या फिर “सब कुछ होते हुए भी मन खाली क्यों लगता है?” इन सवालों का सिर्फ़ हमारे मन में आना, हमारी ऊर्जा को नुक़सान पहुँचाता है। लेकिन फिर भी ये सवाल कमज़ोरी का संकेत नहीं हैं। ये तो सिर्फ़ इस बात का प्रमाण हैं कि हमारे भीतर कुछ जागना चाहता है। यह तो संकेत है कि हम ख़ुद को खोजने याने सेल्फ मास्टरी की यात्रा की शुरु

Nirmal Bhatnagar
Dec 24, 20253 min read


बनना हो बेहतर लीडर तो 7-Ws को अपनाएँ…
Dec 23, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, मेरा मानना है कि हर इंसान के भीतर नेतृत्व करने की क्षमता, उपलब्धियों को हासिल करने की ताकत और दूसरों को आगे बढ़ाने का सामर्थ्य होता है। फर्क सिर्फ इतना होता है कि कुछ लोग इन क्षमताओं को पहचानकर निखार लेते हैं, और कुछ लोग बिना इन्हें पहचाने ही जीवन बिता देते हैं। अगर आप अपने भीतर छिपी इन क्षमताओं को पहचानकर निखारना चाहते हैं, तो सोच बदल कर जीवन को दिशा देने वाले इन 7-Ws पर कार्य करना शुरू करें - 1) विल पॉवर याने इच्छाशक्ति हर बड़ी

Nirmal Bhatnagar
Dec 23, 20253 min read


अपेक्षा रहित सेवा से बदलें अपना जीवन…
Dec 22, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, मनुष्य का जीवन केवल पाने के लिए नहीं, बल्कि देने के लिए भी है। सामान्यतः इंसान सिर्फ़ माँगता ही रहता है, लेकिन प्रकृति का नियम कुछ ऐसा है जहाँ ‘देना ही पाना’ बन जाता है। अर्थात् जब आप ‘देते’ हैं, तब प्रकृति स्वयं आपको किसी ना किसी रूप में लौटती है और जब ‘देना’ निस्वार्थ भाव से होता है, तब वही सेवा ईश्वर की आराधना बन जाती है। यह जानने के बाद भी अक्सर हम सेवा करते समय एक अदृश्य शर्त जोड़ लेते हैं और सेवा के बदले में मान, सम्मान,...

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Dec 22, 20251 min read


चेहरा नहीं, चरित्र देखिए !!!
Dec 21, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, हम अक्सर लोगों को उनके बाहरी रूप, पद, भाषा या प्रसिद्धि के आधार पर आँक लेते हैं। सामान्यतः जो आकर्षक दिखा, जिसने मीठे शब्द बोले, जिसने आत्मविश्वास के साथ चमक-दमक दिखाई, उसे श्रेष्ठ मान लिया जाता है। लेकिन जीवन बार-बार यह सिद्ध करता है कि व्यक्ति नहीं, उसका व्यक्तित्व मूल्यवान होता है। इस बात का एहसास मुझे कई साल पहले उस वक्त हुआ जब मेरे गुरु ने एक इंटरव्यू के दौरान रिज्यूम में एक नया शब्द ‘हॉरिज़ोंटली टॉलर’ पढ़ा, जिसका अर्थ ‘मोटा’

Nirmal Bhatnagar
Dec 21, 20253 min read


जैसा सोचोगे, जीवन वैसा ही बन जाएगा!!!
Dec 20, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… जीवन केवल समय का प्रवाह या सिर्फ़ चलते रहने का नाम नहीं है। यह तो एक मौका है श्रेष्ठ बनने का, श्रेष्ठ करने का और श्रेष्ठ को पाने का। इसकी क़ीमत का अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि 84 लाख योनियों में सिर्फ़ मनुष्य योनि ही, अपनी इच्छा अनुसार इस जीवन को ढाल सकती है। इसलिए कहते है, ‘मनुष्य जीवन स्वयं में परमात्मा का सर्वोत्तम उपहार है।’ लेकिन अक्सर छोटी-मोटी बातों या चीजों के कारण हम इसे पहचान ही नहीं पाते है और जीवन को हल्के में ले लेते ह

Nirmal Bhatnagar
Dec 20, 20253 min read


हमारे विचार, शब्द, भाव और कर्म पूरे समाज को प्रभावित करते हैं…
Dec 19, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, अक्सर हमें लगता है कि हमारे शब्द, विचार या रोजमर्रा में किए गए कर्म सिर्फ हमारे जीवन को ही प्रभावित करते हैं। लेकिन सच्चाई बिल्कुल इसके उलट है। हमारा हर विचार, हर शब्द, हर भाव, ना सिर्फ़ हमारे जीवन बल्कि पूरे सामाजिक परिदृश्य को भी प्रभावित करता है। यह स्थिति बिल्कुल वैसी ही है, जैसे, शांत झील में पत्थर मारने पर पत्थर तो तत्काल झील के तल में जाकर शांत हो जाता है, लेकिन सतह पर उठने वाली लहर बहुत दूर तक जाती है। ठीक उसी तरह एक ग़लत

Nirmal Bhatnagar
Dec 19, 20253 min read


स्टेटस बड़े ब्रांडों से नहीं, सोच, कर्म और चरित्र से बनता है…
Dec 18, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, आज ‘ज़ेन-जी’ याने ‘जनरेशन जेड’ और ‘ज़ेन-अल्फा’ की दुनिया अवसरों से भरी हुई है। लेकिन कहीं ना कहीं जीवन के प्रति अस्पष्टता और ग़लत प्राथमिकताओं के कारण वह दबावों से भी उतनी ही घिरी हुई है। आज सोशल मीडिया, करियर रेस, रिश्तों की जटिलता, और “परफेक्ट लाइफ” दिखाने की होड़, आदि सब मिलकर कहीं ना कहीं जीवन को तेज़, चमकदार और कभी–कभी बेहद भारी बना देते हैं। इस युग में तेज़ी से सब कुछ पाने की चाह में कहीं ना कहीं कुछ जरूरी बातों को अक्सर नज़

Nirmal Bhatnagar
Dec 18, 20253 min read


शक्ति याने पॉवर अपने साथ जिम्मेदारी लाती है !!!
Dec 17, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, इस संसार में शक्ति का बंटवारा समान रूप से नहीं होता। कुछ लोग अपने पद, प्रभाव या धन के कारण दूसरों की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली होते हैं। अक्सर हम ऐसे लोगों को राजनेता, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, बड़े व्यवसायी, कॉर्पोरेट लीडर, धनाढ्य वर्ग और समाजसेवी के रूप में देखते हैं। ये सभी लोग एक ऐसी सोसाइटी का हिस्सा होते हैं, जिनका एक निर्णय लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करता है। इसलिए इनके लिए पॉवर केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि एक अत्यंत गं

Nirmal Bhatnagar
Dec 17, 20253 min read


योग्य बनें, भरोसा रखें और जीवन को अवसर देने दें…
Dec 16, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, कॉर्पोरेट कल्चर सी लगती इस भागमभाग भरी ज़िंदगी में ख़ुद को दौड़ में बनाए रखने या यूँ कहूँ ख़ुद के सपनों को पूरा करने के लिए हम सभी मेहनत करते हैं, संघर्ष करते हैं, लक्ष्य बनाते हुए, जीवन में आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। लेकिन अक्सर हमारी सोच, हमारे डर और हमारी सीमाएँ ही हमें रोक देती हैं। हम अवसरों को अपनी सीमित सोच या नजरिये की वजह से छोटे-बड़े के रूप में आँकने लगते हैं और यह भूल जाते हैं कि जीवन कभी सीमाओं में नहीं देता। जी हाँ,

Nirmal Bhatnagar
Dec 16, 20253 min read


लक्ष्य या विजन को नहीं, अपनी रणनीति को बदलो…
Dec 15, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, हम सभी अपने जीवन को पूर्णता के साथ जीना चाहते हैं और इसीलिए कुछ ना कुछ बड़ा करने का सपना लिए जीवन जीते हैं। कोई सफल व्यवसायी बनना चाहता है, तो कोई बेहतर करियर चाहता है, तो कोई खुशहाल परिवार या आत्मिक शांति का लक्ष्य लिए जीवन में आगे बढ़ता है और योजनाबद्ध तरीक़े से रणनीतियाँ बनाकर मेहनत करता है। कई बार हमारी योजना हमें अपेक्षित परिणाम देकर सफल बनाती है, तो कई बार हमारे हाथ असफलता लगती है। सफलता जहाँ हमारा उत्साह बढ़ाती है, वहीं, अस

Nirmal Bhatnagar
Dec 15, 20253 min read
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