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सहनशीलता सभ्य और सुंदर इंसान की पहचान है…
May 15, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, तेजी से बदलती इस दुनिया में हम ज्ञान, तकनीक और सुविधाओं को लगातार बढ़ता हुआ देख रहे हैं। लेकिन कहीं ना कहीं यह भी महसूस कर रहे हैं कि लोगों में सहनशीलता लगातार कम होती जा रही है। लोग अपनी बात तो कहना चाह रहे हैं, लेकिन दूसरे की बात सुनना नहीं चाहते। इसी तरह वे हमेशा अपनी सोच को सही साबित करना चाहते हैं, लेकिन किसी दूसरे के दृष्टिकोण को समझना नहीं चाहते और शायद यही कारण है कि आज रिश्तों में दूरी बढ़ रही है, समाज में तनाव बढ़ रहा है

Nirmal Bhatnagar
May 152 min read


“क्लासी” बनना चाहते हैं तो अपने चरित्र को चमकायें…
May 14, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, आज की दुनिया में लोग “क्लासी” दिखने की बहुत कोशिश करते हैं। इसीलिए वे महंगे कपड़े, बड़ी गाड़ी, ब्रांडेड घड़ी, आदि खरीदते हैं और फिर सोशल मीडिया पर आकर्षक तस्वीरें डालते हैं। ऐसे लोगों को अक्सर लगता है कि यही एक प्रभावशाली व्यक्तित्व की पहचान है। लेकिन हकीकत में ‘असल क्लास’ कभी कपड़ों से नहीं आती। वह तो इंसान के व्यवहार, सोच और आत्मसम्मान से दिखाई देती है। जी हाँ दोस्तों, एक सच्चा और क्लासी इंसान वह नहीं होता जो लोगों को प्रभावित क

Nirmal Bhatnagar
May 143 min read


समस्या बच्चों में नहीं होती…
May 13, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, दुनिया में कोई भी बच्चा कमजोर पैदा नहीं होता। हर बच्चे के भीतर एक अद्भुत संभावना छिपी होती है। लेकिन उस संभावना को पहचानना, उसे सही दिशा देना और सही लोगों तक पहुँचाना—यही माता-पिता और शिक्षकों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। अक्सर हम बच्चों को उनकी रिपोर्ट कार्ड से मापने लगते हैं। अगर बच्चा हमारी अपेक्षाओं के अनुसार प्रदर्शन न करे, तो हम उसे “कमज़ोर”, “जिद्दी” या “नालायक” कह देते हैं। लेकिन सच यह है कि कई बार समस्या बच्चे में नहीं होत

Nirmal Bhatnagar
May 133 min read


जीवन कभी साधारण था ही नहीं !!!
May 12, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, आज दुनिया में सुविधाएँ तो लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सुकून कहीं न कहीं घटता जा रहा है। उदाहरण के लिए मोबाइल, कंप्यूटर, इंटरनेट, गाड़ियाँ आदि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीक से पहले से कहीं अधिक तेज, स्मार्ट और उन्नत हो गई हैं। यह भी कहा जा सकता है कि जीवन को आसान बनाने वाले साधन तो दिन-प्रतिदिन बेहतर होते जा रहे हैं, लेकिन इंसान भीतर से कहीं न कहीं धीमा, थका हुआ और अशांत होता जा रहा है। सहमत ना हों तो थोड़ा अपने अंदर झाँक

Nirmal Bhatnagar
May 133 min read


भीतर का विश्वास जगाएँ, मनचाहा जीवन पाएँ !!!
May 11, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, जीवन में “असफल” होना उतनी बड़ी विफलता नहीं है, जितना प्रतिभा होने के बाद भी सिर्फ़ “सही समय का इंतजार करना।” इस दुनिया में कुछ लोग सिर्फ़ इसलिए प्रयास नहीं करते हैं क्योंकि उन्हें “सही समय” का इन्तज़ार रहता है। इसी तरह कुछ लोग “अनुकूल परिस्थितियों” का इन्तज़ार करते हैं, तो कुछ “थोड़ा और अनुभव” लेने के लिए रुके रहते हैं। इतना ही नहीं कुछ लोग तो दूसरों से मिलने वाले “मोटिवेशन” या “भरोसे” के इन्तज़ार में ही रुके रहते हैं। इस विषय में

Nirmal Bhatnagar
May 112 min read


बच्चों के सपनों में भरोसा बोएँ…
May 10, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, यकीन मानियेगा अच्छे लेखों, कहानियों आदि को पढ़ना आपको नई सोच विकसित करने का मौका देता है। फिर भले ही यह लेख आपने व्हाट्सएप या सोशल मीडिया आदि पर ही क्यों ना पढ़ा हो। इस बात का एहसास मुझे कल व्हाट्सएप पर एक कहानी पढ़ते हुए हुआ। अपनी इस बात को समझाने के लिए पहले मैं आपसे वही कहानी साझा करता हूँ, फिर उससे मिली सीख पर चर्चा करता हूँ- कई वर्ष पहले एक मंदिर के बाहर रोज़ सुबह एक बुज़ुर्ग व्यक्ति एक छोटे से कपड़े पर पेन, पेंसिल, इरेज़र, श

Nirmal Bhatnagar
May 103 min read


असंभव, अब असंभव नहीं…
May 9, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… credit दोस्तों, मनुष्य का जीवन उसकी परिस्थितियों से नहीं, उसकी कल्पना और दूरदृष्टि से आगे बढ़ता है। हर महान उपलब्धि सर्वप्रथम किसी के मन में एक छोटे से काल्पनिक विचार के रूप में जन्म लेती है। कल्पना ही वह शक्ति है जो हमें वर्तमान से आगे देखने की क्षमता देती है और दूरदृष्टि वह ऊर्जा है, जो उस कल्पना को वास्तविकता में बदलने के लिए हमें प्रेरित करती है। आज दुनिया में जो भी नया, बड़ा और अद्भुत दिखाई देता है, वह कभी न कभी किसी की कल्पना ही थी। ल

Nirmal Bhatnagar
May 92 min read


अनुशासित रहेंगे तो मंजिल तक पहुँच ही जाएँगे…
May 8, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, किसी क्षेत्र विशेष में प्रतिभाशाली होना आपको आसान शुरुआत तो दे सकता है, लेकिन अनुशासित रहते हुए की गई मेहनत ही मंज़िल तक पहुँचाती है। जी हाँ दोस्तों, हम सभी के भीतर कोई कोई न कोई प्रतिभा होती है। जैसे, कोई बोलने की कला में पारंगत होता है, तो कोई लिखने की, किसी के पास नेतृत्व क्षमता होती है, तो किसी के पास लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की क्षमता। लेकिन जीवन में सफल होने के लिए सिर्फ प्रतिभा का होना पर्याप्त नहीं है। प्रतिभा तो एक बी

Nirmal Bhatnagar
May 83 min read


अड़ना नहीं, लड़ना सीखिए !!!
May 7, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, आज हम अपने बच्चों को पढ़ा तो रहे हैं, लेकिन क्या हम उन्हें जीना भी सिखा रहे हैं? हम उन्हें नंबर लाना सिखाते हैं, दूसरों से आगे निकलना सिखाते हैं, लेकिन क्या हम उन्हें यह सिखाते हैं कि परिस्थितियों से कैसे निपटना है? एक सुंदर अनुभव इस बात को गहराई से समझाता है। प्रसिद्ध अभिनेता श्री आशुतोष राणा अपने बचपन की एक घटना बताते हैं। वे कहते हैं कि उन्हें पढ़ाई में खास रुचि नहीं थी। उन्हें कला, खेलकूद और रचनात्मक चीज़ों में ज्यादा आनंद आता

Nirmal Bhatnagar
May 72 min read


दिल की सुनिए…
May 6, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, जीवन में आप जितना आगे बढ़ेंगे, उतने ही ज़्यादा लोग आपके पीछे शोर मचाने लगेंगे। कोई तारीफ करेगा, तो कोई आलोचना या फिर कोई सलाह देगा, तो कोई आपको रोकने की कोशिश करेगा। ऐसे में मन में सवाल उठना लाजमी है कि “अब क्या किया जाए? तो मेरा जवाब है इस सवाल को साइड में रखकर ख़ुद से पूछा जाए कि “क्या मैं अपने दिल की सुनकर जीवन में आगे बढ़ रहा हूँ या लोगों की राय के अनुसार?” चलिए, कल घटी एक घटना से इसे समझते हैं… मध्यप्रदेश के प्रतिष्ठित विद्याल

Nirmal Bhatnagar
May 63 min read


जीना है खुलकर तो सच से भागना बंद करें!!!
May 5, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, पूर्णता के भाव से जीवन जीने की चाह में हर इंसान अपने जीवन में सब कुछ पाने की चाह रखता है। लेकिन अक्सर हर उस बात या चीज से दूर भागता है, जो उसे इन सब चीजों को पाने में मदद कर सकती है। इसमें भी सबसे मजेदार और महत्वपूर्ण बात यह है कि ‘सच’ जो हमें जीवन में सबसे आगे ले जा सकता है, हम सबसे ज्यादा उसी से दूर भागते हैं। आइए, एक छोटी सी कहानी से इसे समझते हैं… एक छोटे शहर में एक समझदार, पढ़ा-लिखा और समाज में सम्मानित व्यक्ति रहता था। एक दिन

Nirmal Bhatnagar
May 53 min read


देखें अच्छाई हर स्थिति में…
May 4, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, आप मेरी इस बात से निश्चित तौर पर सहमत होंगे कि जीवन हमें रोज़ नए अनुभव देता है। कभी यह अनुभव अच्छे होते हैं, तो कभी कठिन और कई बार तो उलझे हुए। लेकिन जीवन के संदर्भ में मजे की बात तो यह है कि आपके अनुभव आपके जीवन की दशा तय नहीं करते हैं। जीवन की दशा तो इस बात पर निर्भर करती है कि आप इन अनुभवों को कैसे देखते हैं? इस आधार पर कहा जाए तो जीवन के संदर्भ में असली सवाल यह नहीं है कि हमारे साथ क्या हो रहा है बल्कि असली सवाल तो यह है कि हम

Nirmal Bhatnagar
May 43 min read


यादें सम्भालिए, सामान नहीं…
May 3, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, हम सभी के घरों में एक कोना ऐसा जरूर होता है, जहाँ पुराने डिब्बे, या बैग अलमारी के ऊपर, या स्टोर रूम में रखें रहते हैं या यूँ कहूँ भरे हुए सामान हमें देखते रहते हैं और सोचते हैं कि “एक दिन तो मेरा नम्बर आएगा…” और अगर हम अपनी बात करें, तो हम उन्हें काम में भी नहीं लेते हैं और फेंकते भी नहीं हैं क्योंकि हम सोचते हैं, “यह सामान नहीं, यादें हैं।” लेकिन दोस्तों, क्या सच में वे यादें हैं या सिर्फ सामान? चलिए, एक छोटी सी घटना से इसे समझते

Nirmal Bhatnagar
May 33 min read


आप ख़ुद में ही सम्पूर्ण हैं...
May 2, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, जीवन की सबसे बड़ी सीख अक्सर अनुभवों से मिलती है, शब्दों से नहीं। कभी-कभी हम लोगों, रिश्तों और परिस्थितियों में इतना उलझ जाते हैं कि खुद को ही भूल जाते हैं। चलिए, एक सच्ची घटना से इसे समझने का प्रयास करते हैं- शहर में एक संवेदनशील, सच्ची और दिल से जुड़ने वाली युवा लड़की रहती थी, जो अपने परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों को बहुत महत्व देती थी। हर किसी की मदद करना, सबके लिए समय निकालना और सबको खुश रखने का प्रयास करना उसके स्वभाव का हिस्स

Nirmal Bhatnagar
May 23 min read


‘डर’ से डरें नहीं !!!
May 1, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, जीवन में हम सभी किसी न किसी डर के साथ जीते हैं। किसी को असफलता का डर सताता है, तो कोई भविष्य की अनिश्चितता से डरता है, तो कोई किसी को खोने के डर के साथ जीता है। इसलिए मेरा मानना है कि अन्य भावों के समान डर का जीवन में होना सामान्य है, लेकिन जब यह डर अनावश्यक रूप से जीवन में बढ़ जाता है तब हमारी ऊर्जा जीवन जीने से ज्यादा बचने में लगने लगती है। आइए, सोशल मीडिया पर पढ़ी एक कहानी से इसे समझने का प्रयास करते हैं- एक शांत तालाब में बहुत

Nirmal Bhatnagar
May 13 min read


जिएँ उद्देश्य के साथ…
Apr 30, 2026 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, किसी भी संगठन की सफलता केवल उसकी नीतियों, संसाधनों या तकनीक पर निर्भर नहीं करती, उसकी असली ताकत उसके लोग होते हैं क्योंकि उनका जुड़ाव, उनका समर्पण और उनका उद्देश्य ही कंपनी के कार्यों को गति देता है; दिशा देता है। लेकिन अगर आप किसी वजह से संस्था से जुड़े लोगों का ध्यान ना रख पायें तो उनमें समय के साथ उदासीनता आ जाती है और उदासीनता एक ऐसी स्थिति है, जो अगर संस्था के सदस्यों में आ जाए तो धीरे-धीरे सबसे मजबूत संगठन भी भीतर से कमजोर ह

Nirmal Bhatnagar
Apr 303 min read
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