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जिएँ स्वीकारोक्ति के भाव के साथ…
Nov 13, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, क्या आपने कभी खुद की तुलना किसी और से की है? जैसे, कभी किसी दोस्त की सफलता देखकर मन में हल्की सी टीस उठी हो, या किसी की असफलता देखकर भीतर से संतोष का भाव आया हो। अगर हाँ, तो यह बहुत स्वाभाविक है क्योंकि हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं, जहाँ हर दिन तुलना का मापदंड हमारे सामने रख दिया जाता है। लेकिन सच्चाई यह है कि तुलना जीवन की सबसे बड़ी भूलों में से एक है। ऐसा मैं सिर्फ़ इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि तुलना या तो आपके अंदर हीनता का भाव ज

Nirmal Bhatnagar
Nov 133 min read


उड़ना हो ऊँचा तो मन की सीमाओं को तोड़ें…
Nov 12, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, आपने अक्सर लोगों को कहते सुना होगा कि “स्काई इस द लिमिट…” लेकिन मेरा मत इस विषय में थोड़ा अलग है। स्काई याने आसमान कभी भी सीमा नहीं हो सकता, सीमा तो हमारे मन में होती है क्योंकि अगर मन में ठान लिया जाए, तो इंसान न केवल आसमान को छू सकता है, बल्कि उससे भी आगे निकल सकता है। याद रखियेगा दोस्तों, मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति उसका विचार है। विचार ही वह बीज है, जिससे हर सफलता का पेड़ उगता है और अगर यही विचार सीमाओं, डर या शक से भरे हों, तो

Nirmal Bhatnagar
Nov 123 min read


ज्ञान वही जो आचरण बन महके…
Nov 11, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… ज्ञान वही जो आचरण बन महके… दोस्तों, हम सब जानते हैं कि स्वर्ण मूल्यवान होता है और पुष्प सस्ता लेकिन स्वर्ण मूल्यवान होने के बाद भी सुगंध नहीं दे सकता। सुगंध तो केवल पुष्प में होती है, जो अपनी मृदु महक से वातावरण को सुखद और पवित्र बना देता है। जीवन भी कुछ ऐसा ही है, स्वर्ण जैसा ज्ञान कितना भी मूल्यवान क्यों न हो, यदि उसमें आचरण की सुगंध नहीं है, तो वह केवल प्रदर्शन बनकर रह जाता है। दूसरी बात, मूल्यवान होने के बाद भी सुंदरता बढ़ाने के लिए स

Nirmal Bhatnagar
Nov 113 min read


सच्ची चमक भीतर से आती है…
Nov 10, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, दूसरों की नजरों से ख़ुद को देखना एक ऐसी गलती है जिसकी वजह से हम ना सिर्फ़ इस दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण, बेहतरीन, अच्छे और समृद्ध व्यक्ति याने ख़ुद से मिलने से वंचित रह जाते हैं, बल्कि ख़ुद की असली और असीम क्षमताओं को कभी पहचान ही नहीं पाते हैं। जी हाँ दोस्तों, दूसरों या दुनिया की नजरों से ख़ुद को देखना, उनकी बातों से अपनी पहचान बनाना, उनके शब्दों से अपनी क़ीमत तय करना और तो और उनके फैसलों से सपने देखना या जीवन को दिशा देना एक ऐसी

Nirmal Bhatnagar
Nov 103 min read


अतीत को लेकर ना बैठे रहें…
Nov 9, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… हाल ही में एक पारिवारिक कार्यक्रम में एक परिचित से काफ़ी समय बाद मिलना हुआ। वे सज्जन इस बात से काफ़ी हैरान थे कि मैं कुछ ही वर्षों में कंप्यूटर हार्डवेयर सप्लायर से आरजे, कॉलमिस्ट, मोटिवेशनल स्पीकर, कोच आदि कैसे बन गया? इसके साथ ही वे इस बात से भी हैरान थे कि मैंने बाज़ार में अपनी छवि कैसे बदली? असल में वे मेरे अतीत से, मेरे वर्तमान का अंदाजा लगा रहे थे, जो सही नहीं था क्योंकि अनुभव या ज़िंदगी से सीख लेकर कोई भी व्यक्ति ख़ुद को बेहतर बना स

Nirmal Bhatnagar
Nov 93 min read


स्व-प्रेरणा पाने के 5 सूत्र !!!
Nov 8, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, भागदौड़ और उलझन भरी इस दुनिया में ख़ुद को दौड़ में बनाए रखने की चाह में आपको लोग कभी किताबों में, कभी सोशल मीडिया के वीडियो में या फिर मोटिवेशनल स्पीकर, धार्मिक और आध्यात्मिक गुरुओं के शब्दों में प्रेरणा ढूँढते मिल जाएँगे। पर सच तो यह है दोस्तों, कि सबसे गहरी प्रेरणा हमें बाहरी दुनिया से नहीं, बल्कि ख़ुद के भीतर से मिलती है। दोस्तों, जब हम खुद को प्रेरित करना याने सेल्फ मोटिवेट करना सीख जाते हैं, तो जीवन का हर कठिन मोड़ हमें तोड़न

Nirmal Bhatnagar
Nov 83 min read


कहीं हम अपनी पहचान तो नहीं खोते जा रहे हैं…
Nov 7, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीक से लेस आज की दुनिया में हर क्षण आपको धारणाओं के आधार पर परिभाषित किया जा रहा है। याने हर क्षण कहीं आपके बारे में राय बनाई जा रही है या कहीं आपकी आलोचना की जा रही है या फिर आपकी तुलना किसी से की जा रही है। इस कारण ऐसा लगता है जैसे आज के युग में कहीं ना कहीं लोग तय कर रहे हैं कि आपको क्या पहनना चाहिए, कैसे बोलना चाहिए, किस रास्ते पर चलना चाहिए, और किस सपने का पीछा करना चाहिए। और इसी शोर में… कहीं ना

Nirmal Bhatnagar
Nov 73 min read


सोचिए, कहीं शिकायत करना हमारी आदत तो नहीं…
Nov 6, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, मेरा मानना है कि ईश्वर की कृपा से मिले इस जीवन ने हमें सब कुछ दिया है, बस यह देखने की दृष्टि नहीं दी कि सब कुछ दिया है। शायद इसीलिए हम हर क्षण ईश्वर से कुछ ना कुछ माँगते ही रहते हैं। इसी बात को समझाते हुए गुरु नानकदेव जी ने कहा है, “दाता देता ही चला जाता है, और लोग मांगते ही चले जाते हैं।” सोच कर देखियेगा दोस्तों, कितनी गहरी बात है यह। हमारे इस जीवन में दसों दिशाओं से ईश्वर की कृपा की बारिश हो रही है, और हम हैं कि बस चिल्ला रहे है

Nirmal Bhatnagar
Nov 63 min read


सच्चा सुख कहीं दूर नहीं…
Nov 5, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, जीवन की राह एकदम सीधी नहीं है। इसमें ऊँच-नीच, उतार-चढ़ाव, अच्छा-बुरा होना एकदम सामान्य है। यहाँ कभी सब कुछ हमारी योजना के अनुसार होता है, तो कभी हालात हमें परखने लगते हैं। कुल मिलाकर कहा जाये तो उतार-चढ़ाव हमारे जीवन का हिस्सा है और इन सबके बीच ख़ुद को शांत और संतुष्ट रखना ही जीवन की सच्ची कला है। आप यह कला तब ही सीख सकते हैं जब आप यह स्वीकार लें कि जीवन का हर चरण, हर अनुभव हमें कुछ नया सिखाने आता है। दूसरे शब्दों में कहूँ तो, सफल

Nirmal Bhatnagar
Nov 53 min read


संस्कार, सत्संग और संवेदनाओं से पाएँ सुखी परिवार…
Nov 4, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, ‘मैं’ के बढ़ते भाव के कारण आजकल परिवार में मतभेद, दूरी और अहंकार बढ़ता जा रहा है। छोटी-छोटी बातों पर रिश्ते टूट रहे हैं और एक साथ रहने की भावना कमज़ोर पड़ती जा रही है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक ही कि कैसे पूरे परिवार को एक जुट रखा जा सके? तो मेरा जवाब है, अगर बिखरते परिवार में से एक भी व्यक्ति संस्कारी, सत्संगी और संवेदनाओं से भरा हो तो परिवार को ना सिर्फ टूटने से बचाया सकता है, बल्कि टूटे हुए परिवार को फिर से जोड़ा भी सकता है।

Nirmal Bhatnagar
Nov 43 min read


सकारात्मक संगति से ही संभव है सच्चा विकास…
Nov 3, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, मेरी नजर में यह मानना कि “सिर्फ़ मेहनत करके सफलता पाई जा सकती है।” आंशिक रूप से ग़लत है या यूँ कहूँ अधूरा है। मेरी नजर में बाक़ी सभी बातों से ज़्यादा ज़रूरी अच्छी संगति का होना है और मैं यह बात आपको अपने अनुभव से बता रहा हूँ। मैंने एक व्यवसायी और एक ट्रेनर दोनों रूपों में देखा है कि हम उसी दिशा में बढ़ते हैं, जिस दिशा में हमारे आस-पास के लोग हमें धकेलते या खींचते हैं। इसीलिए कहा गया है, “आप जिन पाँच लोगों के साथ ज़्यादा समय बिताते

Nirmal Bhatnagar
Nov 33 min read


लाएँ किसी के चेहरे पर मुस्कान…
Nov 2, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, हर इंसान अपने जीवन में शांति, सुरक्षा और संतोष चाहता है और इसी वजह से बचपन में शिक्षा से लेकर जवानी में जीतोड़ मेहनत कर तमाम तरह के जतन करता है। लेकिन बाहरी वातावरण से कंडीशंड होने के कारण या यूँ कहूँ भौतिक चीजों की चकाचौंध के कारण, हम यह जान ही नहीं पाते हैं कि शान्ति, सुरक्षा और संतोष जैसी चीज़ें हमें बाहर से नहीं मिलती। ये तो हमारे अपने कर्मों से उत्पन्न होती हैं। जी हाँ दोस्तों, सही सुना आपने, शान्ति, सुरक्षा और संतोष जैसे लक्

Nirmal Bhatnagar
Nov 33 min read


जीतता वही है जो शांत रहता है…
Nov 1, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, जीवन के सीखे सबसे बड़े पाठों में से एक है, मूर्ख व्यक्ति से ना उलझना क्योंकि मूर्ख पहले उकसाकर आपको अपने स्तर तक गिराता है, और जब आप उसके स्तर याने मूर्खता के स्तर तक गिर जाते हैं तब वह आपको अपने मूर्खता के अनुभव से हरा देता है। चलिए इस बात को मैं आपको एक प्रचलित कहानी से समझाने का प्रयास करता हूँ। एक बार नीला चश्मा पहने एक गधा चीते से बोला, “देखो भाई नीली घास कितनी सुंदर लग रही है।” चीता बोला, “नहीं घास तो हरी है।” लेकिन गधा तो ब

Nirmal Bhatnagar
Nov 13 min read


कोशिश करने वालों की हार नहीं होती…
Oct 31, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, हमारा सामाजिक तानाबाना ही कुछ ऐसा है, जहाँ हमें कंडीशंड माइंड सेट के साथ ही देखा जाता है। जैसे अगर हम ‘खामोश’ हैं तो हमारी इस खामोशी को उदासी से जोड़ कर देखा जायेगा और अगर हम मुस्कुरा रहे हैं तो हमारी मुस्कुराहट को दिखावा समझ लिया जायेगा। इसी तरह अगर आप शांत रहेंगे तो लोग कहेंगे, “इसके साथ कुछ तो हुआ है,” और अगर आप खुश रहेंगे, तो पूछेंगे, “इतनी खुशी की वजह क्या है?” दोस्तों, इस विषय में सच तो यह है कि लोग हमेशा कुछ न कुछ कहेंगे। ज

Nirmal Bhatnagar
Oct 312 min read


जिएँ जीवन वर्तमान में…
Oct 30, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, जीवन कोई सीधी, सपाट सड़क नहीं है। यह तो कई उतार-चढ़ाव, मोड़ और ठहराव के बीच से गुज़रती एक यात्रा है। जिसमें हर उतार-चढ़ाव, हर मोड़, हर ठहराव हमें कुछ ना कुछ सिखाने के लिए आता है। कभी ये आपको धैर्य का पाठ पढ़ाता है, तो कभी विनम्रता का, तो कभी आस्था का। लेकिन इस दुनिया में ज्यादातर लोग इससे मिलने वाली सीखों से वंचित रह जाते हैं क्योंकि वे या तो “अतीत के पछतावे” में फँसे रहते हैं या “भविष्य की चिंता” में उलझे रहते हैं और इस भागदौड़ म

Nirmal Bhatnagar
Oct 303 min read


करें प्रेम ख़ुद से…
Oct 29, 2025 फिर भी ज़िंदगी हसीन है… दोस्तों, ‘प्रेम’ एक ऐसा शब्द है, जिसे सुनते ही हमारा दिल अपने आप ही खिल जाता है क्योंकि यह शब्द हमारे मन में जीवन के कई हसीन रूप एक साथ ले आता है। जैसे, माता-पिता का स्नेह, दोस्तों की मित्रता, जीवनसाथी का साथ या किसी विशेष व्यक्ति के प्रति आकर्षण, आदि। परंतु इन सभी प्रेमों के बीच एक ऐसा प्रेम है, जो अक्सर अनदेखा रह जाता है, जिसे हम आत्म-प्रेम, याने स्वयं से प्रेम करना कहते हैं। आज की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी में हम दूसरों को खुश करने में, रिश्

Nirmal Bhatnagar
Oct 293 min read
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